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ट्रांसपोर्टरों ने एसडीएम को घेरा
ब्यूरो/अमर उजाला,रामनगर
Updated Fri, 27 Feb 2015 02:26 AM IST
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खनन ट्रांसपोर्टरों ने नौ सूत्री मांगों को लेकर एसडीएम एसएस जंगपांगी का घेराव किया। इस संबंध में उन्होंने एसडीएम को ज्ञापन भी सौंपा। उन्होंने जल्द मांगों का समाधान न होने पर 27 फरवरी से धरना-प्रदर्शन का ऐलान किया है।
खनन कारोबारियों ने एसडीएम से उपखनिज निकासी में लगे वाहनों के लिए भार निश्चित कर विपरीत उपखनिज ढोते पाए जाने वाले वाहनों पर कार्रवाई करने, अवैध खनन में ट्रांसपोर्टरों को ही दोषी न मानने, बल्कि उस क्षेत्र के अधिकारी-कर्मचारी पर भी कार्रवाई करने, भार क्रमश: डंपर व दस टायरा 150 कुंतल, डंपर 10 टायरा 200 कुंतल, टैक्टर-ट्राली 100 कुंतल करने, उपखनिज का न्यूनतम मूल्य 20 रुपए प्रति कुंतल निश्चित करने, नदियों से निकलने वाले उपखनिज की रायल्टी दरें पूरे प्रदेश में एक समान करने, नदियों के अतिरिक्त अन्य उपखनिज निकासी का स्रोत (प्राइवेट पट्टे और खेत के गड्ढाें) पर रायल्टी की दरें नदी से निकलने वाले उपखनिज की दरों से दोगुने रेट पर करने को कहा।
उन्होंने खनन सत्र निर्धारित समय से शुरू होना सुनिश्चित करने और देरी होने पर विभागीय अफसरों की जवाबदेही तय करने, नदी में रजिस्टर्ड वाहनों की नवीनीकरण प्रक्रिया को आसान बनाने, जिले की खनन समिति में ट्रांसपोर्टरों को भी प्रतिनिधित्व दिए जाने, स्टोन क्रशर स्वामियों के वाहन नदी में रजिस्टर्ड न हो और जो हैं, उन्हें निरस्त करने की मांग की। इस दौरान महेंद्र प्रताप सिंह, गोधन सिंह, रमेश सैनी, मोइन खान, मनिंदर सिंह, बलविंदर सिंह, कमल मनराल आदि मौजूद थे।
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खनन कारोबारियों ने एसडीएम से उपखनिज निकासी में लगे वाहनों के लिए भार निश्चित कर विपरीत उपखनिज ढोते पाए जाने वाले वाहनों पर कार्रवाई करने, अवैध खनन में ट्रांसपोर्टरों को ही दोषी न मानने, बल्कि उस क्षेत्र के अधिकारी-कर्मचारी पर भी कार्रवाई करने, भार क्रमश: डंपर व दस टायरा 150 कुंतल, डंपर 10 टायरा 200 कुंतल, टैक्टर-ट्राली 100 कुंतल करने, उपखनिज का न्यूनतम मूल्य 20 रुपए प्रति कुंतल निश्चित करने, नदियों से निकलने वाले उपखनिज की रायल्टी दरें पूरे प्रदेश में एक समान करने, नदियों के अतिरिक्त अन्य उपखनिज निकासी का स्रोत (प्राइवेट पट्टे और खेत के गड्ढाें) पर रायल्टी की दरें नदी से निकलने वाले उपखनिज की दरों से दोगुने रेट पर करने को कहा।
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उन्होंने खनन सत्र निर्धारित समय से शुरू होना सुनिश्चित करने और देरी होने पर विभागीय अफसरों की जवाबदेही तय करने, नदी में रजिस्टर्ड वाहनों की नवीनीकरण प्रक्रिया को आसान बनाने, जिले की खनन समिति में ट्रांसपोर्टरों को भी प्रतिनिधित्व दिए जाने, स्टोन क्रशर स्वामियों के वाहन नदी में रजिस्टर्ड न हो और जो हैं, उन्हें निरस्त करने की मांग की। इस दौरान महेंद्र प्रताप सिंह, गोधन सिंह, रमेश सैनी, मोइन खान, मनिंदर सिंह, बलविंदर सिंह, कमल मनराल आदि मौजूद थे।
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