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कारोबारियों ने शारदा में ठप रखी खनिज निकासी

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Thu, 18 Mar 2021 12:13 AM IST
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Traders stalled mineral extraction in Sharda
शारदा खनन निकाली गेट पर प्रदर्शन करते कारोबारी और वाहन मालिक। - फोटो : TANAKPUR
टनकपुर (चंपावत)। शारदा नदी से खनन में हाथों-हाथ ई-रवन्ना न मिलने और एक ही आईडी से चार गेटों से की जा रही खनिज निकासी से परेशान कारोबारियों ने बुधवार को नदी में खनन ठप कर दिया। उन्होंने वन निगम के खिलाफ प्रदर्शन कर चारों निकासी कांटों पर अलग-अलग आईडी से ई-रवन्ना जारी किए जाने की मांग उठाई। कहा कि इससे न सिर्फ कारोबारी परेशान हैं, बल्कि सरकार को भी लाखों रुपये के राजस्वत की चपत लग रही है।
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इस बार शारदा के अप स्ट्रीम में खनन पर शासन की रोक के कारण सिर्फ डाउन स्ट्रीम खनन क्षेत्र से ही खनिज की निकासी हो रही है। जिस कारण डाउन स्ट्रीम में खनिज निकासी करने वाले वाहनों का दबाव काफी ज्यादा है। हर दिन चार से पांच सौ वाहन खनिज निकासी कर रहे हैं। वन निगम खनन प्रभाग ने निकासी के चार गेट खोले हैं, लेकिन एक ही आईडी से चारों गेटों में ई-रवन्ना जारी किए जाने से हाथों-हाथ ई-रवन्ना नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में गेटों पर जाम की स्थिति बन रही है।
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बताया गया कि वन निगम से बाद में ई-रवन्ना मिलने की प्रत्याशा में क्रशर संचालक बगैर रवन्ना खनिज उतरवा रहे थे, लेकिन ऐसी अव्यवस्था में निकासी गेटों से क्रशर संचालकों को पूरे रवन्ने नहीं मिल पा रहे हैं, जिस कारण उन्होंने अब बगैर रवन्ना खनिज लेना बंद कर दिया है, जिसकी मार कारोबारी और वाहन मालिकों पर पड़ रही है। कारोबारियों का कहना है कि वन निगम चार गेटों से निकासी कर रहा है तो चारों गेटों पर अलग-अलग आईडी से ई-रवन्ना जारी किए जाने की भी व्यवस्था करे।
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प्रदर्शन करने वालों में ये थे शामिल
ई-रवन्ने की समस्या को लेकर प्रदर्शन करने वालों में आनंद महर, महेश सिंह, मनोज गुप्ता, दीपक जोशी, चंद्रमोहन सिंह, अशोक मुरारी, गजेंद्र पाल आदि शामिल थे।

पहले भी ये समस्या पैदा हुई थी, लेकिन निगम के आग्रह पर शासन ने एक ही आईडी पर चारों कांटों से निकासी की अनुमति दे दी थी। अब फिर शासन ने हर कांटे के लिए अलग-अलग आईडी अनिवार्य कर दी है, जिस कारण यह समस्या पैदा हुई है। हमने तीन अन्य कांटों के लिए भी आईडी ले ली है और उसके 20-20 लाख रुपये जमा कराए जा रहे हैं, जिससे जल्द समस्या दूर हो जाएगी। -हरीश पाल, खनन प्रबंधक वन निगम टनकपुर।
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