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Narak Chaturdashi 2023: आज नरक चतुर्दशी, जानें शुभ मुहूर्त, पूजन-विधि और इस दिन का महत्व
Sat, 11 Nov 2023 12:07 PM IST
हीरा मेहरा
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
Published by: हीरा मेहरा
Updated Sat, 11 Nov 2023 12:07 PM IST
सार
ज्योतिष डॉ. नवीन जोशी ने बताया कि इस दिन सायंकाल पूजा-अर्चना के बाद रात को चतुर्दशी तिथि (Narak Chaturdashi) लगने पर चंद्र दर्शन के बाद स्नान होगा। यह पर्व रोग मुक्ति के लिए मनाया जाता है। हल्दी और चंदन का लेप लगाकर स्नान करने से शुभ होता है।
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नरक चतुर्दशी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
धनतेरस के मौके पर लोगों ने शाम को घर के आगे चौमुखी दीपक जलाकर यमदीपदान किया। इस दौरान विधि विधान से पूजा-अर्चना की और परिवार के लिए आरोग्य और सुख की कामना की। शनिवार को नरक चतुर्दशी (Narak Chaturdashi) का पर्व मनाया जाएगा।
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ज्योतिष डॉ. नवीन जोशी ने बताया कि इस दिन सायंकाल पूजा-अर्चना के बाद रात को चतुर्दशी तिथि लगने पर चंद्र दर्शन के बाद स्नान होगा। यह पर्व रोग मुक्ति के लिए मनाया जाता है। हल्दी और चंदन का लेप लगाकर स्नान करने से शुभ होता है। 12 को दीपावली पर्व मनाया जाएगा।
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इधर ज्योतिष त्रिभुवन उप्रेती ने बताया कि श्री महालक्ष्मी पूजन 12 नवंबर को चौघड़िया मुहूर्त में शाम 5:6 से 6:18 बजे तक, अमृत चौघडिया मुहूर्त शाम 6:58 से रात 8:40 बजे तक, चर चौघडिया मुहूर्त रात 8:36 बजे से 10:18 बजे तक रहेगा।
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नरक चतुर्दशी का महत्व
हिंदू धर्म में नरक चतुर्दशी के पर्व का बहुत खास महत्व होता है। इसे छोटी दिवाली, रूप चौदस, नरक चौदस, रूप चतुर्दशी अथवा नरका पूजा के नामों से भी जाना जाता है। इस दिन मृत्यु के देवता यमराज और भगवान श्रीकृष्ण की पूजा का विधान है। रूप चौदस के दिन संध्या के समय दीपक जलाए जाते हैं और चारों ओर रोशनी की जाती है। नरक चतुर्दशी का पूजन अकाल मृत्यु से मुक्ति और स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए किया जाता है। हर साल यह पर्व कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर मनाया जाता है। यानी यह पर्व दिवाली के एक दिन पहले और धनतेरस के एक दिन बाद आता है। लेकिन इस बार नरक चतुर्दशी की सही तिथि को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
नरक चतुर्दशी 2023 तिथि
कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि की शुरुआत 11 नवंबर 2023 को दोपहर 01 बजकर 57 मिनट से हो रही है। इस तिथि का समापन अगले दिन 12 नवंबर 2023 को दोपहर 02 बजकर 44 मिनट पर होगा। छोटी दिवाली यानी नरक चतुर्दशी के लिए प्रदोष काल 11 नवंबर को प्राप्त हो रहा है, इसलिए छोटी दिवाली 11 नवंबर को मनाई जाएगी। ऐसे में जो लोग मां काली, हनुमान जी और यम देवता की पूजा करते हैं वे 11 नवंबर को नरक चतुर्थी यानी छोटी दिवाली का पर्व मनाएंगे।
नरक चतुर्दशी 2023 पर यम दीपक जलाने का समय
नरक चतुर्दशी पर प्रदोष काल में यम दीपक जलाई जाती है, इसलिए 11 नवंबर को यम दीपक जलाई जाएगी। इस दिन शाम को 05 बजकर 32 मिनट से सूर्यास्त होगा, उसके साथ ही प्रदोष काल शुरू हो जाएगा। ऐसे में आप शाम 05 बजकर 32 मिनट से यम का दीपक जला सकते हैं।
अभ्यंग स्नान का समय
अभ्यंग स्नान के लिए उदया तिथि महत्वपूर्ण मानी जाती है नरक चतुर्दशी की उदया तिथि 12 नवंबर को प्राप्त हो रही है। इस दिन अभ्यंग स्नान का समय सुबह 05 बजकर 28 मिनट से 06 बजकर 41 मिनट तक है। नरक चतुर्दशी पर सूर्योदय के पूर्व शरीर पर उबटन लगाकर स्नान करने की प्रक्रिया को अभ्यंग स्नान कहा जाता है।
नरक चतुर्दशी 2023 की पूजा विधि
हिंदू धर्म में नरक चतुर्दशी के पर्व का बहुत खास महत्व होता है। इसे छोटी दिवाली, रूप चौदस, नरक चौदस, रूप चतुर्दशी अथवा नरका पूजा के नामों से भी जाना जाता है। इस दिन मृत्यु के देवता यमराज और भगवान श्रीकृष्ण की पूजा का विधान है। रूप चौदस के दिन संध्या के समय दीपक जलाए जाते हैं और चारों ओर रोशनी की जाती है। नरक चतुर्दशी का पूजन अकाल मृत्यु से मुक्ति और स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए किया जाता है। हर साल यह पर्व कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर मनाया जाता है। यानी यह पर्व दिवाली के एक दिन पहले और धनतेरस के एक दिन बाद आता है। लेकिन इस बार नरक चतुर्दशी की सही तिथि को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
नरक चतुर्दशी 2023 तिथि
कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि की शुरुआत 11 नवंबर 2023 को दोपहर 01 बजकर 57 मिनट से हो रही है। इस तिथि का समापन अगले दिन 12 नवंबर 2023 को दोपहर 02 बजकर 44 मिनट पर होगा। छोटी दिवाली यानी नरक चतुर्दशी के लिए प्रदोष काल 11 नवंबर को प्राप्त हो रहा है, इसलिए छोटी दिवाली 11 नवंबर को मनाई जाएगी। ऐसे में जो लोग मां काली, हनुमान जी और यम देवता की पूजा करते हैं वे 11 नवंबर को नरक चतुर्थी यानी छोटी दिवाली का पर्व मनाएंगे।
नरक चतुर्दशी 2023 पर यम दीपक जलाने का समय
नरक चतुर्दशी पर प्रदोष काल में यम दीपक जलाई जाती है, इसलिए 11 नवंबर को यम दीपक जलाई जाएगी। इस दिन शाम को 05 बजकर 32 मिनट से सूर्यास्त होगा, उसके साथ ही प्रदोष काल शुरू हो जाएगा। ऐसे में आप शाम 05 बजकर 32 मिनट से यम का दीपक जला सकते हैं।
अभ्यंग स्नान का समय
अभ्यंग स्नान के लिए उदया तिथि महत्वपूर्ण मानी जाती है नरक चतुर्दशी की उदया तिथि 12 नवंबर को प्राप्त हो रही है। इस दिन अभ्यंग स्नान का समय सुबह 05 बजकर 28 मिनट से 06 बजकर 41 मिनट तक है। नरक चतुर्दशी पर सूर्योदय के पूर्व शरीर पर उबटन लगाकर स्नान करने की प्रक्रिया को अभ्यंग स्नान कहा जाता है।
नरक चतुर्दशी 2023 की पूजा विधि
- नरक चतुर्दशी के दिन सूर्योदय से पहले स्नान करके साफ कपड़े पहन लें।
- नरक चतुर्दशी के दिन यमराज, श्री कृष्ण, काली माता, भगवान शिव, हनुमान जी और विष्णु जी के वामन रूप की विशेष पूजा की जाती है।
- घर के ईशान कोण में इन सभी देवी देवताओं की प्रतिमा स्थापित करके विधि पूर्वक पूजन करें।
- देवताओं के सामने धूप दीप जलाएं, कुमकुम का तिलक लगाएं और मंत्रों का जाप करें।