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मानवीय मूल्यों को करें संरक्षित : सीएम
ब्यूरो /अमर उजाला, हल्द्वानी/ (नैनीताल)।
Updated Mon, 16 Nov 2015 01:16 AM IST
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संस्कार, संस्कृति और मानवीय गुणों को हमें नहीं भूलना चाहिए। जोहार से जुड़े लोगों को ये तो विरासत में मिला है। बुजुर्गों की इस विरासत को हमें संरक्षित करने की आवश्यकता है। युवा पीढ़ी को भी अपने भीतर इनका समावेश करना चाहिए।
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रविवार को जोहार महोत्सव के दूसरे दिन सीएम हरीश रावत ने पंचाचूली देवता को प्रणाम करते हुए कहा कि मुनस्यारी पहुंचकर जोहार का अनुभव होता है। जोहार समाज ने हल्द्वानी में इसे बसाया है। हल्द्वानी को एक बहुरंगी सोसायटी के रूप में विकसित करने के लिए भी काम करें।
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कहा कि कालामुनि पहुंचकर जीवन के सारे कष्टों को आदमी भूल जाता है। नैसर्गिक सौंदर्य के बीच सिमटकर रह जाता है। उन्होंने कहा सरकार का प्रयास है कि सांस्कृतिक विविधता, प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यटन को समायोजित करते हुए विकसित किया जाए। तीनों के समावेश से राज्य आर्थिक रूप से समृद्ध होकर उभरेगा।
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पहले लोग खलिया टाप से पैदल आने में डरते थे अब लोग बाइक लेकर उतर आते हैं। बहुत जल्द राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर माउंट बाइकिंग प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। सरकार जौलजीवी से मदकोट और जौलजीवी से टनकपुर तक की सड़क का भी निर्माण कराएगी।
उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री डा. इंदिरा हृदयेश प्रयास कर रही हैं कि हल्द्वानी को मेट्रो सिटी के रूप में विकसित किया जाए। इसके लिए सभी को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर प्रयास करने होंगे। राज्य में देहरादून और हल्द्वानी अगर मॉडल टाउन बनते हैं तो बाहर से आने वालों के लिए नजीर होगी।
वित्त मंत्री डा. इंदिरा हृदयेश ने कहा कि मुख्यमंत्री को लोगों ने भारी बहुमत से चुना है। उन्होंने जोहार महोत्सव के आयोजन के लिए कमेटी को बधाई दी।
इस दौरान आपदा प्रबंधन अध्यक्ष प्रयाग भट्ट, दर्जा मंत्री हाजी सुहेल सिद्दीकी, मंडी सभापति सुमित हृदयेश, खजान पांडे, गिरधर बम, देवेंद्र सिंह धर्मसक्तू, नरेंद्र सिंह तोलिया, भूपेंद्र सिंह पांगती, ध्रुव सिंह मर्तोलिया, बालम बिष्ट, राजेंद्र सुयाल, राम सिंह कैड़ा, राजेंद्र बिष्ट, संतोष पांडे, कमल पपनै, कैलाश साह आदि थे।
अरहर की दाल मोदी की, गहत की मेरी
मुख्यमंत्री रावत ने चुटकी लेते हुए कहा कि अरहर की दाल प्रधानमंत्री मोदी की है और गहत की दाल मेरी है। सप्ताह में दो दिन अगर लोग गहत की दाल, मडुवे की रोटी खाएंगे तो वित्त मंत्री को लोगों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता को सिफारिश नहीं करनी पड़ेगी। मोदी की दाल से मेरी दाल दस रुपये प्रति किलो महंगी है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बनने के साथ ही गर्भवती महिलाओं को दो किलो मडुवे का आटा और एक किलो भट्ट की दाल देने की शुरुआत की थी। इसके चलते प्रसव के दौरान महिलाओं की मृत्यु में एक प्रतिशत की कमी आई है। मडुवे का आटा महिलाओं में आयरन की कमी पूरी करता है।
उन्होंने कहा कि विदेशी उत्तराखंड आने के दौरान चार क्विंटल तक मडुवे का आटा ले जा रहे हैं। मडुवे का आटा कब्ज से भी दूर रखता है। सप्ताह में दो दिन मडुवे का आटा, गहत और भट्ट की दाल का प्रयोग करने से पहाड़ के गांव खाली नहीं होंगे और पलायन रुकेगा।
आप भट्ट की ओर क्यों देख रही हैं
मुख्यमंत्री ने जोहार महोत्सव के दौरान जब लोगों से सप्ताह में दो दिन मडुवे का आटा, गहत और भट्ट की दाल खाने की अपील कर रहे थे तो वित्त मंत्री ने आपदा प्रबंधन के अध्यक्ष प्रयाग भट्ट की ओर देखा। मुख्यमंत्री ने मंच से ही तुरंत कहा कि आप भट्ट जी की ओर क्यों देख रही हैं मैं तो भट्ट की दाल की बात कर रहा हूं। इस पर पंडाल ठहाकों से गूंज उठा।
राज्यपाल भवन से राष्ट्रपति भवन तक पहुंचाया झिंगूरे की खीर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यपाल भवन से राष्ट्रपति भवन तक उत्तराखंड की झिंगूरे की खीर पहुंचा दी है। कहा कि रामदाने का भी जमकर प्रयोग करें और बीमारी से दूर रहें। सर्दियों में तिमूर की जरा सी चटनी खाने पर पसीना छूट जाता है।
वन विभाग को निर्देशित किया गया है कि तिमूर के दाने और अखरोट के पेड़ पहाड़ी क्षेत्रों में अधिक से अधिक लगाएं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हल्द्वानी के विकास में पांच सौ करोड़ रुपये से अधिक खर्च कर रही है।