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एसबीआई ने दो बंगाल टाइगर व दो तेंदुओं को गोद लिया
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नैनीताल। चिड़ियाघर प्रबंधन की ओर से चलाई गई जानवरों को अंगीकृत (गोद लेने) की योजना के तहत भारतीय स्टेट बैंक ने चिड़ियाघर के दो बंगाल टाइगरों और दो तेंदुओं को गोद लिया है।
गोविंद बल्लभ पंत उच्च स्थलीय प्राणी उद्यान में 231 वन्य जीव संरक्षित हैं। इनके रखरखाव में हर माह लगभग 20 लाख रुपये खर्च होते हैं। शनिवार को एसबीआई हल्द्वानी के उप महाप्रबंधक देवाशीष मित्रा के नेतृत्व में एसबीआई की टीम ने चिड़ियाघर पहुंचकर एक साल के लिए दो बंगाल टाइगर और दो तेंदुओं को गोद लिया। इन चार जानवरों के भोजन खर्च के लिए बैंक अधिकारियों ने डीएफओ टीआर बीजूलाल को दस लाख रुपये का चेक सौंपा। उप महाप्रबंधक देवाशीष मित्रा ने बताया कि सीएसआर फंड से बीते चार वर्षों से बैंक की ओर से चिड़ियाघर के जीवों को अंगीकृत किया जा रहा है। बताया कि बीते वर्ष बैंक ने भालू को गोद लिया था, जिसके लिए 30 हजार की धनराशि जू प्रबंधन को दी गई थी। उन्होंने बताया कि पहली बार बैंक की ओर से 10 लाख की राशि वन्य जीवों को अंगीकृत करने में खर्च की जा रही है। इस दौरान बैंक के रीजनल मैनेजर आशीष गैरोला, नैनीताल शाखा की चीफ मैनेजर रेनू भंडारी, सीनियर एसोसिएट अभिषेक अधिकारी, जू रेंजर अजय रावत, डॉ. हिमांशु पांगती मौजूद थे।
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गोविंद बल्लभ पंत उच्च स्थलीय प्राणी उद्यान में 231 वन्य जीव संरक्षित हैं। इनके रखरखाव में हर माह लगभग 20 लाख रुपये खर्च होते हैं। शनिवार को एसबीआई हल्द्वानी के उप महाप्रबंधक देवाशीष मित्रा के नेतृत्व में एसबीआई की टीम ने चिड़ियाघर पहुंचकर एक साल के लिए दो बंगाल टाइगर और दो तेंदुओं को गोद लिया। इन चार जानवरों के भोजन खर्च के लिए बैंक अधिकारियों ने डीएफओ टीआर बीजूलाल को दस लाख रुपये का चेक सौंपा। उप महाप्रबंधक देवाशीष मित्रा ने बताया कि सीएसआर फंड से बीते चार वर्षों से बैंक की ओर से चिड़ियाघर के जीवों को अंगीकृत किया जा रहा है। बताया कि बीते वर्ष बैंक ने भालू को गोद लिया था, जिसके लिए 30 हजार की धनराशि जू प्रबंधन को दी गई थी। उन्होंने बताया कि पहली बार बैंक की ओर से 10 लाख की राशि वन्य जीवों को अंगीकृत करने में खर्च की जा रही है। इस दौरान बैंक के रीजनल मैनेजर आशीष गैरोला, नैनीताल शाखा की चीफ मैनेजर रेनू भंडारी, सीनियर एसोसिएट अभिषेक अधिकारी, जू रेंजर अजय रावत, डॉ. हिमांशु पांगती मौजूद थे।
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