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मां की हिम्मत: खुद दुनिया से चली गई रानी...बेटों को दे गईं दूसरा जीवन, दंपती की मौते के बाद 3 बच्चे हो गए अनाथ

Mon, 12 Aug 2024 08:47 AM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल Published by: हीरा मेहरा Updated Mon, 12 Aug 2024 08:47 AM IST
सार

Haldwani News: विकास नगर फेस तीन बिठौरिया नंबर एक में जहरीली गैस से दंपती की मौत के बाद तीन बच्चे अनाथ हो गए। घटना को लेकर बच्चों की मौसी गीता बताती हैं कि सुबह गोबर का टैंकर साफ किया गया। इस दौरान उसमें कुछ मलबा बच गया।

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three children become orphans after couple death due to poisonous gas in haldwani
दंपती की मौते के बाद 3 बच्चे हो गए अनाथ - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 

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मां तो मां होती है, उसकी ममता का कोई मोल नहीं होता। रविवार को गोबर के टैंक में पिता को बचाने उतरे बेटों की जान पर जब बन आई तो मां सबसे पहले मदद के लिए उतरीं। आखिरकार दो बेटों की जान बचाकर महिला हमेशा के लिए दुनिया से अलविदा कह गई।

विकास नगर फेस तीन बिठौरिया नंबर एक में जहरीली गैस से दंपती की मौत के बाद तीन बच्चे अनाथ हो गए। घटना को लेकर बच्चों की मौसी गीता बताती हैं कि सुबह गोबर का टैंकर साफ किया गया। इस दौरान उसमें कुछ मलबा बच गया। इसके बाद गोशाला मालिक ने मटरु से कहा कि पास से सीढ़ी ले आ और तू नीचे से बाल्टी भरकर मलबा दे, मैं ऊपर से खींचता हूं।

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इस पर मटरु टैंक में उतर गया। पांच मिनट तक मटरु बाहर नहीं आया और आवाज देने पर भी कोई जवाब नहीं मिला तो मालिक ने मेरे भांजे संजय को अपने पापा को देखने के लिए टैंक में उतार दिया। संजय सीढ़ी से तीन स्टेप नीचे उतरा ही था कि वह बेहाश होकर नीचे गिर गया। मालिक ने फिर दोनों को निकालने के लिए मटरु के बड़े बेटे रजत को भेज दिया। रजत भी बेहोश होकर गिर गया।

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मौसी गीता बताती हैं कि इसके बाद दोनों बच्चों और अपने पति को निकालने के लिए रानी रस्सी लेकर टैंक में उतरीं। मैं भी उसके साथ आधी सीढ़ी तक गई। रानी ने पहले अपने एक बेटे को रस्सी बांधी। मैंने भी टैंक से निकालने में मदद की। इसके बाद मालिक ने ऊपर की ओर खींचा। रानी ने इसी तरह दूसरे बच्चे को रस्सी बांधकर खींचा। गीता ने बताया कि गैस के कारण उसे भी चक्कर आने लगे। वह किसी तरह ऊपर निकल आई और रानी बेहोश होकर नीचे गड्ढे में गिर गई।

समय से निकालते तो बच जाती जान
गीता गोशाला मालिक पर आरोप लगाते हुए कहती हैं कि गोशाला मालिक ने समय रहते रानी और मटरु को नहीं निकाला। रविवार सुबह 8:30 बजे घटना हुई जबकि करीब दो घंटे 10:30 बजे गड्ढे से दोनों को निकाला गया। कहा कि दोनों को उनके पति और अन्य लोगों ने सीवर टैंक से निकाला।

मानवता हुई शर्मशार
तीन बच्चों के सिर से मां-बाप का साया उठ गया। आरोप है कि परिवार में मातम के बीच गोशाला मालिक मटरु के बच्चों से बोला कि गोशाला चलो, गायों का दूध निकालना है। इस पर लोगों ने गोशाला मालिक को खूब खरीखोटी सुनाई। इसके बाद व्यक्ति वहां से खिसक गया।

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