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कुमाऊं विश्वविद्यालय में धमके एबीवीपी कार्यकर्ता
अमर उजाला ब्यूरो नैनीताल।
Updated Wed, 19 Jul 2017 02:33 AM IST
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एबीवीपी कार्यकर्ता
- फोटो : अमर उजाला
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कुमाऊं विश्वविद्यालय में कुमाऊं भर के अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को फिर प्रदर्शन किया। उन्होंने सेमेस्टर प्रक्रिया बंद करने और प्रवेश प्रक्रिया ऑनलाइन के साथ ही ऑफलाइन करने समेत कई मांगें कुलपति से कीं। प्रदर्शनकारियों की कुलपति से नोकझोंक हुई। उन्होंने कुलपति को ज्ञापन सौंपकर मांगे पूरी करने के लिए एक हफ्ते का अल्टीमेटम दिया है।
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कार्यकर्ताओं का कहना था कि कुमाऊं मंडल के दूरदराज के डिग्री कॉलेजों और गांवों में संचार सेवाओं का अभाव है। ऐसे में विद्यार्थियों को ऑफलाइन प्रवेश प्रक्रिया का विकल्प भी दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सेमेस्टर व्यवस्था लागू होने के बाद से विद्यार्थी का वर्ष भर परीक्षा देने में ही बीत रहा है।
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ऐसे में वह अन्य शैक्षणिक गतिविधियों में हिस्सा नहीं ले पा रहे हैं। कार्यकर्ताओं ने डिग्री कॉलेजों में शिक्षकों की कमी को दूर करने, शैक्षणिक कलेंडर का पालन, 75 फीसदी उपस्थिति की अनिवार्यता खत्म करने, स्नातक प्रथम वर्ष में प्रवेश में स्थानीय छात्रों को वरीयता देने सहित तमाम मांगे रखीं।
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इस बीच कुलपति प्रो. डीके नौड़ियाल और कार्यकर्ताओं की नोकझोंक हुई। बाद में कुलपति ने मांगों पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। प्रदर्शन करने वालों में एबीवीपी के प्रदेश संपर्क प्रमुख निखिल बिष्ट, प्रदेश सहमंत्री रोहित ओझा, आर्दश कठायत, प्रमोद मिश्रा, गोपाल पटेल, नवीन भट्ट, मोहित साह, अक्षय सुयाल, तारा कुमल्टा, शिवानी पोखरिया, यतीन रौतेला, गौतम मटियानी, दिलजोत सिंह बाजवा, दीपक मेलकानी आदि शामिल रहे।
पुलिस देख बिफर पड़े कार्यकर्ता
प्रदर्शनकारी एबीवीपी कार्यकर्ता कुलपति दफ्तर के बरामदे में सुरक्षा की दृष्टि से मौजूद पुलिस बल को देखकर गुस्सा गए। इस दौरान उन्होंने जमकर नारेबाजी की और कुलपति को खूब खरी खोटी सुनाई। कार्यकर्ताओं का कहना था कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रख रहे हैं, लेकिन विश्वविद्यालय में पुलिस बुलाकर माहौल अशांत करने की कोशिश की जा रही है।