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इस बार स्कूल के नाम पर पड़ेगा वोट: सिसौदिया

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Fri, 17 Dec 2021 01:39 AM IST
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This time the vote will be in the name of the school: Sisodia
हल्द्वानी। आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि अरविंद केजरीवाल जुमला नहीं चलाते, जो कहते हैं उसे करके दिखाते हैं। केजरीवाल ने काम करने की नीयत से सरकार चलाई तो पांच सालों में सरकारी स्कूल कहां से कहां पहुंच गए। उत्तराखंड को बने 21 साल हो गए हैं। यहां भाजपा और कांग्रेस की सरकारें स्कूलों की दशा नहीं बदल सकीं। उन्होंने कहा कि इस बार लोगों का वोट स्कूल के नाम पर पड़ेगा।
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रामलीला मैदान में बृहस्पतिवार शाम हुई जनसभा में सिसोदिया ने कहा कि हल्द्वानी आने से पहले उन्होंने लालकुआं कस्बे में एक सरकारी स्कूल की दुर्दशा देखी। इसकी उन्होंने कल्पना तक नहीं की थी। एक कमरा स्टाफ के लिए और बाहर टीन के छज्जे में कक्षाएं चलती हैं। इससे खराब स्कूल जिंदगी में नहीं देखा। इन क्लास रूम में उत्तराखंड के बच्चों का भविष्य बर्बाद किया जा रहा है। अगर केजरीवाल पांच सालों में सरकारी स्कूलों को ठीक कर सकते हैं तो भाजपा और कांग्रेस के नेताओं ने ऐसा क्यों नहीं किया। उन्होंने कहा कि भाजपा और कांग्रेस के लोग उत्तराखंड और उत्तराखंड के बच्चों के खिलाफ साजिश करते रहे हैं। उन्हें पता है बच्चे पढ़-लिख गए तो सवाल पूछेेंगे। काम मांगेंगे। जनसभा में प्रदेश प्रभारी दिनेश मोहनिया, आम आदमी प्रदेश प्रवक्ता समित टिक्कू, जिलाध्यक्ष संतोष कबडवाल आदि मौजूद रहे।
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केंद्र नहीं देती दिल्ली को मदद
हल्द्वानी। सिसोदिया ने कहा कि केंद्र सरकार दिल्ली को एक रुपया तक नहीं देती। दिल्ली में केजरीवाल सरकार को कोई काम करना पड़ता है तो एलजी (उपराज्यपाल) के पास फाइल भेजनी पड़ती है लेकिन उत्तराखंड में तो एलजी नहीं है। राज्यपाल के पास भी फाइलें नहीं भेजनी पड़ती। यहां 25 हजार करोड़ रुपये का बजट आता है। आखिर यह पैसा कहां जाता है।
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युवाओं पर फोकस
हल्द्वानी। सिसोदिया ने कहा कि 21 साल पहले पैदा हुए बच्चे को अगर यहां की सरकारों ने ठीक से पढ़ा ही दिया होता तो आज 21 साल का पढ़ा लिखा नौजवान उत्तराखंड का रोजगार चमका रहा होता और उत्तराखंड को चमका रहा होता। लेकिन यहां की सरकारों ने प्रदेश के नवजवानों के साथ गद्दारी की है।

महिलाओं को क्यों नहीं देते मुफ्त बस यात्रा
हल्द्वानी। अपने 11 मिनट में भाषण में मनीष सिसोदिया ने कहा कि इन सरकारों ने बिजली में धोखा दिया, रोजगार और ट्रांसपोर्ट में भी धोखा दिया। अगर दिल्ली में महिलाओं के लिए बसें सस्ती हो सकती हैं, बसें फ्री हो सकती हैं तो उत्तराखंड में क्यों नहीं हो सकती हैं।
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