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कुमाऊं विवि का नाम बदलने पर नहीं बनी सहमति
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कुविवि परिसर में बुधवार को कार्यपरिषद की बैठक कुलपति प्रो. केएस राना की अध्यक्षता में हुई।
- फोटो : NAINITAL
नैनीताल। कुमाऊं विवि का नाम फिलहाल नहीं बदला जाएगा। बुधवार को विवि परिसर में हुई बैठक के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी और स्वामी विवेकानंद के नामों पर चर्चा हुई, लेकिन सहमति नहीं बन सकी और प्रकरण शासन को संदर्भित कर दिया गया। वहीं, डीएसबी परिसर के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग का नाम पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी के नाम पर रखने पर सहमति बन गई। इस दौरान यह भी सहमति बनी कि जल्द ही कुविवि का एक नया पूर्ण परिसर भीमताल में बनेगा।
कुमाऊं विवि के प्रशासनिक भवन में बुधवार को कुलपति प्रो.केएस राना की अध्यक्षता में विश्वविद्यालय कार्यपरिषद की बैठक हुई। निर्णय लिया गया कि अगर कोई शिक्षक या कर्मचारी रिटायर होने के बाद भी आवास खाली नहीं करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बैठक में कुविवि में नियमित कुलपति के चयन का प्रस्ताव रखा गया। इसमें डॉ.देव स्वरूप (पूर्व कुलपति, राजस्थान विवि, जयपुर) सचिव विश्वविद्यालय अनुदान आयोग नई दिल्ली, डॉ.सौमित्र रावत, पद्मश्री वीवी पांडे बिरला संस्था का नाम एडवोकेट केवल सती ने प्रस्तावित किया।
बहुमत डॉ.देव स्वरूप के पक्ष में आया। इसी तरह बैठक में संविदा, नियत वेतन, दैनिक वेतन कार्मिकों एवं अन्य कार्मिकों को पूर्व में दिए गए अस्थायी आवास यथावत रखने, विवि से संबद्ध राजकीय, निजी संस्थानों में संचालित पाठ्यक्रमों की अस्थायी संबद्धता संबंधी आख्याओं के आधार पर ऐसे महाविद्यालयों तथा निजी संस्थानों में अनुमन्य प्रवेश क्षमता (सीटों) के संबंध में आकस्मिक निरीक्षण के लिए भी एक अलग से समिति का गठन करने, डीएसबी परिसर के भौतिकी विभाग में तैनात प्राध्यापक डॉ.पीके मिश्रा, डॉ.पीएस नेगी एवं अन्य के अनुशासनहीनता संबंधी प्रकरण अगली बैठक में रखने, प्रो.आशा श्रीवास्तव को कारण बताओ नोटिस जारी करने पर सहमति बनी।
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कुलपति ने बताया कि रूसा परियोजना के तहत विवि को स्वीकृत 7.00 करोड़ के अनुदान के सापेक्ष काटी गई राशि एवं द्वितीय फेज के अंतर्गत स्वीकृत अनुदान राशि को विश्वविद्यालय को शीघ्र अवमुक्त कराने के लिए शासन स्तर पर प्रक्रिया चल रही है। इस अनुदान का उपयोग बायोटेक फार्मेसी विभाग की प्रयोगशालाओं एवं फार्मेसी विभाग में ‘अटल भवन’ का निर्माण करने में किया जाना है। बैठक में प्रो.एससी जोशी, प्रो.वीपी सिंघल, प्रो.एचसी चंदोला, डॉ.दिव्या उपाध्याय जोशी, डॉ.कुमुद उपाध्याय, डॉ.नर सिह बिष्ट, डॉ.संगीता गुप्ता, डॉ.बची राम, अरविंद सिंह पडियार, प्रकाश चंद्र पांडे, केवल सती, कैलाश चंद्र जोशी, वित्त नियंत्रक दिनेश कुमार राना, कुलसचिव डॉ.महेश कुमार, विधान चौधरी, पीसी पांडे आदि थे।
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कुमाऊं विवि के प्रशासनिक भवन में बुधवार को कुलपति प्रो.केएस राना की अध्यक्षता में विश्वविद्यालय कार्यपरिषद की बैठक हुई। निर्णय लिया गया कि अगर कोई शिक्षक या कर्मचारी रिटायर होने के बाद भी आवास खाली नहीं करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बैठक में कुविवि में नियमित कुलपति के चयन का प्रस्ताव रखा गया। इसमें डॉ.देव स्वरूप (पूर्व कुलपति, राजस्थान विवि, जयपुर) सचिव विश्वविद्यालय अनुदान आयोग नई दिल्ली, डॉ.सौमित्र रावत, पद्मश्री वीवी पांडे बिरला संस्था का नाम एडवोकेट केवल सती ने प्रस्तावित किया।
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बहुमत डॉ.देव स्वरूप के पक्ष में आया। इसी तरह बैठक में संविदा, नियत वेतन, दैनिक वेतन कार्मिकों एवं अन्य कार्मिकों को पूर्व में दिए गए अस्थायी आवास यथावत रखने, विवि से संबद्ध राजकीय, निजी संस्थानों में संचालित पाठ्यक्रमों की अस्थायी संबद्धता संबंधी आख्याओं के आधार पर ऐसे महाविद्यालयों तथा निजी संस्थानों में अनुमन्य प्रवेश क्षमता (सीटों) के संबंध में आकस्मिक निरीक्षण के लिए भी एक अलग से समिति का गठन करने, डीएसबी परिसर के भौतिकी विभाग में तैनात प्राध्यापक डॉ.पीके मिश्रा, डॉ.पीएस नेगी एवं अन्य के अनुशासनहीनता संबंधी प्रकरण अगली बैठक में रखने, प्रो.आशा श्रीवास्तव को कारण बताओ नोटिस जारी करने पर सहमति बनी।
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कुलपति ने बताया कि रूसा परियोजना के तहत विवि को स्वीकृत 7.00 करोड़ के अनुदान के सापेक्ष काटी गई राशि एवं द्वितीय फेज के अंतर्गत स्वीकृत अनुदान राशि को विश्वविद्यालय को शीघ्र अवमुक्त कराने के लिए शासन स्तर पर प्रक्रिया चल रही है। इस अनुदान का उपयोग बायोटेक फार्मेसी विभाग की प्रयोगशालाओं एवं फार्मेसी विभाग में ‘अटल भवन’ का निर्माण करने में किया जाना है। बैठक में प्रो.एससी जोशी, प्रो.वीपी सिंघल, प्रो.एचसी चंदोला, डॉ.दिव्या उपाध्याय जोशी, डॉ.कुमुद उपाध्याय, डॉ.नर सिह बिष्ट, डॉ.संगीता गुप्ता, डॉ.बची राम, अरविंद सिंह पडियार, प्रकाश चंद्र पांडे, केवल सती, कैलाश चंद्र जोशी, वित्त नियंत्रक दिनेश कुमार राना, कुलसचिव डॉ.महेश कुमार, विधान चौधरी, पीसी पांडे आदि थे।