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Nainital News: धारी ब्लॉक के जूनियर माध्यमिक विद्यालय में शिक्षक तीन और बच्चे छह
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पहाड़पानी (नैनीताल)। एक ओर सरकारी विद्यालयों में छात्रसंख्या कम होने से स्कूल बंद हो रहे हैं। वहीं दूसरी ओर नैनीताल के धारी ब्लॉक के टीडीएम जूनियर माध्यमिक विद्यालय महतोलिया गांव में तीन शिक्षक होने के बाद भी कुल छात्रसंख्या केवल छह रह गई है। कक्षा छह में एक भी बच्चा नहीं है और कक्षा सात में चार और कक्षा आठ में दो बच्चे अध्ययनरत हैं।
पिछले साल उक्त विद्यालय में 11 विद्यार्थी पंजीकृत थे। छात्रसंख्या गिरने से भविष्य में विद्यालय के बंद होने का खतरा बना हुआ है। शिशु मंदिर और इंटर कॉलेज में अपने बच्चों को भेजने से यह स्थिति बनी है। कक्षा छह में एक भी दाखिला नहीं होने के चलते सिस्टम पर सवाल खड़े उठ रहे हैं। वहीं क्षेत्र के माध्यमिक विद्यालय पतलिया में 24 बच्चों पर एक शिक्षिका तैनातत हैं।
विद्यालय में बच्चों का प्रवेश नहीं कराने की वजह शिक्षा का स्तर गिरना होना हो सकता है। इससे पूर्व भी शिक्षा का स्तर कम होने से प्राथमिक विद्यालय बंद हो गया है। यह दुर्भाग्य की बात है कि तीन शिक्षक होने के बाद भी कक्षा छह में एक भी बच्चा नहीं है।
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राकेश जोशी, प्रशासक महतोलिया गांव
बच्चों को कहीं से भी शिक्षा लेने की आजादी है, वह किसी भी विद्यालय में प्रवेश ले सकते हैं। छात्रसंख्या बढ़ाने के प्रयास करेंगे।
शुभम वर्मा, सहायक खंड शिक्षाधिकारी, धारी
विद्यालय में कोई प्रवेश नहीं हो रहा है। बच्चे शिशु मंदिर और इंटर कॉलेज में दाखिला क्यों करा रहे हैं, इसकी वजह हम नहीं बता सकते हैं।
जीवंती आर्या, प्रधानाध्यापिका
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पिछले साल उक्त विद्यालय में 11 विद्यार्थी पंजीकृत थे। छात्रसंख्या गिरने से भविष्य में विद्यालय के बंद होने का खतरा बना हुआ है। शिशु मंदिर और इंटर कॉलेज में अपने बच्चों को भेजने से यह स्थिति बनी है। कक्षा छह में एक भी दाखिला नहीं होने के चलते सिस्टम पर सवाल खड़े उठ रहे हैं। वहीं क्षेत्र के माध्यमिक विद्यालय पतलिया में 24 बच्चों पर एक शिक्षिका तैनातत हैं।
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विद्यालय में बच्चों का प्रवेश नहीं कराने की वजह शिक्षा का स्तर गिरना होना हो सकता है। इससे पूर्व भी शिक्षा का स्तर कम होने से प्राथमिक विद्यालय बंद हो गया है। यह दुर्भाग्य की बात है कि तीन शिक्षक होने के बाद भी कक्षा छह में एक भी बच्चा नहीं है।
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राकेश जोशी, प्रशासक महतोलिया गांव
बच्चों को कहीं से भी शिक्षा लेने की आजादी है, वह किसी भी विद्यालय में प्रवेश ले सकते हैं। छात्रसंख्या बढ़ाने के प्रयास करेंगे।
शुभम वर्मा, सहायक खंड शिक्षाधिकारी, धारी
विद्यालय में कोई प्रवेश नहीं हो रहा है। बच्चे शिशु मंदिर और इंटर कॉलेज में दाखिला क्यों करा रहे हैं, इसकी वजह हम नहीं बता सकते हैं।
जीवंती आर्या, प्रधानाध्यापिका