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नाट्य शिक्षा को व्यवसायिक पाठ्यक्रम में शामिल करना जरूरी
अमर उजाला ब्यूरो नैनीताल।
Updated Sun, 15 May 2016 01:17 AM IST
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नैनीताल। मंच कृति लखनऊ के सहयोग से शनिवार को नैनीताल क्लब में नाट्य शिक्षा कितनी रोजगारपरक : एक सिंहावलोकन विषय पर गोष्ठी आयोजित की गई। गोष्ठी में वक्ताओं ने नाट्य शिक्षा को व्यवसायिक पाठ्यक्रम के रुप में शामिल किए जाने की पुरजोर वकालत की।
गोष्ठी को संबोधित करते हुए मंच कृति के प्रतिनिधि संगम बहुगुणा ने कहा कि रंगमंच एक ऐसी विधा है, जो मनोरंजक के साथ ही जनता में जनचेतना जागृत कर समाजिक समस्याओं को उजागर करती है। देश में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय दिल्ली, भारतेंदु नाट्य अकादमी लखनऊ, स्कूल आफ ड्रामा भोपाल आदि खुले हैं, जहां पर हर वर्ष नाट्य प्रशिक्षित पास आउट हो रहे हैं।
युगमंच के संस्थापक जहूर आलम, मंच संस्था के इदरीश मलिक समेत डा. अनिल कार्की ने नाट्य शिक्षा में प्रशिक्षितों को रोजगार दिलाने के लिए स्कूल स्तर पर नाट्य शिक्षा शुरू करने की जरूरत पर बल दिया। मंच कृति लखनऊ के हरीश बडौला, ललित पोखरिया, पुनीत आस्थाना, रवि शुक्ला, मनोज वर्मा, शैलेंद्र यादव, अमरीश बॉबी ने बताया कि नाट्य शिक्षा को रोजगार परक बनाने के लिए नीति-निर्धारकों पर दबाब बनाया जरूरी है। इस मौके पर नवीन बेगाना, राजा साह, विनोद पांडे, मुकेश धस्माना, मिथिलेश पांडे, मंजूर हुसैन, दीपक सहदेव, जगमोहन सिंह बिष्ट, वीनीता यशस्वी, मदन सिंह मेहरा समेत कई रंगकर्मी मौजूद थे।
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गोष्ठी को संबोधित करते हुए मंच कृति के प्रतिनिधि संगम बहुगुणा ने कहा कि रंगमंच एक ऐसी विधा है, जो मनोरंजक के साथ ही जनता में जनचेतना जागृत कर समाजिक समस्याओं को उजागर करती है। देश में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय दिल्ली, भारतेंदु नाट्य अकादमी लखनऊ, स्कूल आफ ड्रामा भोपाल आदि खुले हैं, जहां पर हर वर्ष नाट्य प्रशिक्षित पास आउट हो रहे हैं।
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युगमंच के संस्थापक जहूर आलम, मंच संस्था के इदरीश मलिक समेत डा. अनिल कार्की ने नाट्य शिक्षा में प्रशिक्षितों को रोजगार दिलाने के लिए स्कूल स्तर पर नाट्य शिक्षा शुरू करने की जरूरत पर बल दिया। मंच कृति लखनऊ के हरीश बडौला, ललित पोखरिया, पुनीत आस्थाना, रवि शुक्ला, मनोज वर्मा, शैलेंद्र यादव, अमरीश बॉबी ने बताया कि नाट्य शिक्षा को रोजगार परक बनाने के लिए नीति-निर्धारकों पर दबाब बनाया जरूरी है। इस मौके पर नवीन बेगाना, राजा साह, विनोद पांडे, मुकेश धस्माना, मिथिलेश पांडे, मंजूर हुसैन, दीपक सहदेव, जगमोहन सिंह बिष्ट, वीनीता यशस्वी, मदन सिंह मेहरा समेत कई रंगकर्मी मौजूद थे।
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