{"_id":"616c4e26cca78572fb10732c","slug":"the-strike-of-contract-workers-of-jal-sansthan-ends-haldwani-news-hld441689621","type":"story","status":"publish","title_hn":"जल संस्थान के संविदा श्रमिकों की हड़ताल खत्म","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जल संस्थान के संविदा श्रमिकों की हड़ताल खत्म
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हल्द्वानी। चार दिन से जारी जलसंस्थान के संविदा श्रमिकों की हड़ताल रविवार देर शाम समाप्त हो गई। कैबिनेट मंत्री बंशीधर भगत ने अपने आवास पर जल संस्थान के अधिशासी अभियंता संजय कुमार श्रीवास्तव और संविदा श्रमिक संघ के प्रतिनिधिमंडल से वार्ता कर हड़ताल समाप्त कराई।
भगत ने पेयजल मंत्री बिशन सिंह चुफाल और पेयजल सचिव नीतीश झा से बातकर श्रमिक संगठन की मांगों से अवगत कराया। भगत ने श्रमिकों को 26 के बजाय 30 दिन का वेतन देने और उनका मानदेय बढ़ाने सहित उनकी जायज मांगो को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री से वार्ता कर अगली कैबिनेट में प्रस्ताव रखने का आश्वासन दिया। इस दौरान मेयर जोगेंद्र रौतेला, सहायक अभियंता नीरज तिवारी, उत्तराखंड जल संस्थान संविदा श्रमिक संघ के कुमाऊं मंडल उपाध्यक्ष पूरन चंद्र चौबे, महामंत्री गणेश नाथ गोस्वामी, हल्द्वानी शाखाध्यक्ष गोविंद आर्य, लालकुआं शाखाध्यक्ष संजय कुमार, रवि कुरिया आदि मौजूद रहे।
हड़ताल से चौथे दिन भी पानी को तरसे शहरवासी
हल्द्वानी। हड़ताल के चलते रविवार को भी पूरे शहर की पेयजल आपूर्ति प्रभावित रही। न तो वाल्व ऑपरेट हो पाए, न ही लाइनों में समय पर पानी की सप्लाई की जा सकी। विभागीय टैंकर भी नही चले। लाइनों की टूटफूट, लीकेज भी ठीक नहीं कराई जा सकी। इस वजह से शहर के तमाम इलाकों में पेयजल का गंभीर संकट बना रहा।
विज्ञापन
कर्मचारियों ने जलसंस्थान दफ्तर में धरना-प्रदर्शन किया। लाइनों में कार्मिकों के काम पर नहीं जाने से बरेली रोड , रामपुर रोड, आजाद नगर, ऊंचापुल, कुसुमखेड़ा, नैनीताल रोड, आईटीआई, हल्द्वानी मुख्य शहर, पॉलीशीट, टेड़ीपुलिया, आवास विकास, जज फार्म, आजाद नगर, उजाला नगर, तत्ली हल्द्वानी समेत तमाम इलाकों में लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई इलाकों में टैंकरों से भी पानी नहीं मिलने से लोग परेशान रहे। जलसंस्थान ने 10 टैंकर किराए पर लिए हैं लेकिन उनसे शहरवासियों को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध नहीं हो सका। पेयजल किल्लत से आज भी करीब एक लाख की आबादी को परेशान होना पड़ा।
विज्ञापन
भगत ने पेयजल मंत्री बिशन सिंह चुफाल और पेयजल सचिव नीतीश झा से बातकर श्रमिक संगठन की मांगों से अवगत कराया। भगत ने श्रमिकों को 26 के बजाय 30 दिन का वेतन देने और उनका मानदेय बढ़ाने सहित उनकी जायज मांगो को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री से वार्ता कर अगली कैबिनेट में प्रस्ताव रखने का आश्वासन दिया। इस दौरान मेयर जोगेंद्र रौतेला, सहायक अभियंता नीरज तिवारी, उत्तराखंड जल संस्थान संविदा श्रमिक संघ के कुमाऊं मंडल उपाध्यक्ष पूरन चंद्र चौबे, महामंत्री गणेश नाथ गोस्वामी, हल्द्वानी शाखाध्यक्ष गोविंद आर्य, लालकुआं शाखाध्यक्ष संजय कुमार, रवि कुरिया आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
हड़ताल से चौथे दिन भी पानी को तरसे शहरवासी
हल्द्वानी। हड़ताल के चलते रविवार को भी पूरे शहर की पेयजल आपूर्ति प्रभावित रही। न तो वाल्व ऑपरेट हो पाए, न ही लाइनों में समय पर पानी की सप्लाई की जा सकी। विभागीय टैंकर भी नही चले। लाइनों की टूटफूट, लीकेज भी ठीक नहीं कराई जा सकी। इस वजह से शहर के तमाम इलाकों में पेयजल का गंभीर संकट बना रहा।
विज्ञापन
कर्मचारियों ने जलसंस्थान दफ्तर में धरना-प्रदर्शन किया। लाइनों में कार्मिकों के काम पर नहीं जाने से बरेली रोड , रामपुर रोड, आजाद नगर, ऊंचापुल, कुसुमखेड़ा, नैनीताल रोड, आईटीआई, हल्द्वानी मुख्य शहर, पॉलीशीट, टेड़ीपुलिया, आवास विकास, जज फार्म, आजाद नगर, उजाला नगर, तत्ली हल्द्वानी समेत तमाम इलाकों में लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई इलाकों में टैंकरों से भी पानी नहीं मिलने से लोग परेशान रहे। जलसंस्थान ने 10 टैंकर किराए पर लिए हैं लेकिन उनसे शहरवासियों को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध नहीं हो सका। पेयजल किल्लत से आज भी करीब एक लाख की आबादी को परेशान होना पड़ा।