बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
INSTALL APP

सरकार राज्य आंदोलनकारियों को दिलाएगी सम्मान

ब्यूरो/अमर उजाला, रामनगर। Updated Mon, 29 Jun 2015 12:24 AM IST
विज्ञापन
The state government will take agitators honor
ख़बर सुनें
उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों के सातवें प्रादेशिक दो दिनी सम्मेलन में राज्य आदोलनकारी सम्मान परिषद के चेयरमैन धीरेंद्र प्रताप ने कहा कि सरकार राज्य आंदोलनकारियों को सम्मान दिलाने के लिए कटिबद्ध है। इससे पूर्व उन्होंने राज्य आंदोलन के शहीदों के चित्र के समक्ष दीप जलाकर सम्मेलन का शुभारंभ किया।
विज्ञापन


नगरपालिका सभागार में आयोजित सम्मेलन में मुख्य अतिथि धीरेंद्र प्रताप ने कहा कि राज्य सरकार राज्य आंदोलनकारी की मांगों और सम्मान के लिए कटिबद्ध है। इसलिए आंदोलनकारियों को 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण और अन्य मांगों को लेकर कैबिनेट बुलाई गई है। उन्होंने कहा कि सभी दलों को एकजुट होना होगा।


विशिष्ट अतिथि राष्ट्रीय सचिव कांग्रेस प्रकाश जोशी ने कहा कि गांवों का विकास किए बगैर राज्य की अवधारणा अधूरी रहेगी। आंदोलनकारियों ने कहा कि यदि सरकार उनकी मांगों को पूरा करती है तो इसका स्वागत किया जाएगा। यदि मांगे पूरी नहीं होती तो आंदोलन किया जाएगा।

इस मौके पर राज्य आंदोलनकारी समिति अध्यक्ष जेपी पांडे, महामंत्री नवीन नैथानी, भूपेंद्र सिंह, संरक्षक प्रभात ध्यानी, पूर्व सांसद डा. महेंद्र पाल, डा. धनेश्वरी घिल्डियाल, बीना भंडारी, महेश करोली पिथौरागढ़ के हरिकृष्ण भट्ट, चमोली के मोहन पाठक, पीसी रौतेला, कुंदन सिंह परिहार, प्रयाग शर्मा, केएल आर्या, नंदन सिंह, रावत, थामेश्वर प्रसाद कुकरेती, ईश्वरी रावत, कैलाश तिवाड़ी, बसंत भट्ट, पुष्कर नेगी, सुमित्रा बिष्ट, डा. निशांत पपनै, फैजान खां, लाखन चिलवाल, राजेंद्र प्रसाद खुल्बे समेत 300 राज्य आंदोलनकारी मौजूद थे।

राज्य आंदोलनकारियों के सम्मेलन में उस समय सन्नाटा छा गया जब एक महिला राज्य आंदोलनकारी ने प्रश्न किया कि क्यों राज्य बनने में छह साल लगे और उनके चिह्नीकरण में 15 साल।

ग्राम पूछड़ी निवासी सावित्री चौनियाल ने कहा राज्य आंदोलन के समय 16 अगस्त 1995 को महिला मोर्चा के बैनर तले संसद मार्ग थाने में 14 महिलाओं के साथ उन्हें गिरफ्तार किया गया। 17 अगस्त को सभी को धारा 107/ 151 के तहत तिहाड़ जेल भेजा गया। 20 अगस्त को उनकी रिहाई हुई।

आरोप है जब राज्य आंदोलनकारियों की जीत हुई तो उनके साथ जेल में बंद पौड़ी- अल्मोड़ा जिले की 14 महिलाओं का नाम तो चिह्नीत किए गए, लेकिन उनका नाम शामिल नहीं किया गया। इस संबंध में उन्होंने जिलाधिकारी को कई बार प्रार्थना पत्र भेजा, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
  • Downloads

Follow Us

X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X