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Nainital News: खुशियों की सवारी ने किया निराश, टैक्सी से घर आए जच्चा-बच्चा
Wed, 26 Feb 2025 02:06 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Wed, 26 Feb 2025 02:06 AM IST
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नैनीताल। जिले की स्वास्थ्य व्यवस्थाएं बेहाल हैं। जिले में 13 खुशियों की सवारी होने के बावजूद जच्चा-बच्चा को सुविधा नहीं मिल पा रही है। मंगलवार को बीडी पांडे अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद जच्चा-बच्चा को खुशियों की सवारी की सुविधा नहीं मिल पाई। ऐसे में जच्चा-बच्चा समेत उनके परिजनों को टैक्सी बुक कराकर जाना पड़ा। अधिकारियों से पता चला कि बीडी पांडे के लिए तैनात खुशियों की सवारी तीन दिन से यहां नहीं है। वाहन कहां है यह भी अस्पताल प्रबंधन नहीं बता रहा।
खुशियों की सवारी (102) एंबुलेंस अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद जच्चा-बच्चा को घर पहुंचाने का कार्य करती हैं लेकिन सरकार की इस योजना का लाभ जच्चा-बच्चा को नहीं मिल पा रहा है। बीते रविवार को बीडी पांडे अस्पताल में एक गर्भवती ने सामान्य प्रसव से बेटी को जन्म दिया। मंगलवार को जच्चा-बच्चा को छुट्टी दी गई। छुट्टी होने से पूर्व परिजनों ने 102 पर कॉल कर खुशियों की सवारी बुलाई। परिजनों से उनका पूरा पता व संबंधित जानकारी मांगी गई। साथ ही छुट्टी हो जाने के बाद दोबारा फोन करने को कहा गया।
अस्पताल से छुट्टी मिलने पर परिजनों ने शाम पांच बजे एंबुलेंस के लिए दोबारा कॉल की लेकिन तब उन्होंने वाहन उपलब्ध न होने की बात कहकर सेवा देने से मना कर दिया। इसके बाद परिजनों को मजबूरी में धारी जाने के लिए टैक्सी बुक करनी पड़ी।
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मामले में सीएमओ डॉ. हरीश चंद्र पंत ने बताया कि जिले में 13 खुशियों की सवारी एंबुलेंस हैं। इनमें से चार सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी, चार महिला अस्पताल हल्द्वानी, एक रामनगर, एक मोटाहल्दू, एक कालाढूंगी और एक नैनीताल में तैनात है। उस समय खुशियों की सवारी वहां मौजूद नहीं होगी, शायद इसलिए उनको मना किया होगा।
कोट
नैनीताल जिले में 13 खुशियों की सवारियां हैं। नैनीताल व भवाली के लिए लगाई गई खुशियों की सवारी बीते तीन दिन से नहीं है जिसके चलते अन्य जगह से एंबुलेंस बुलाई जा रही है। उस समय अन्य स्थानों पर भी वाहन मौजूद नहीं रहा होगा, जिसके चलते व्यवस्था नहीं हो पाई होगी। - चंद्र प्रकाश, डीपीओ 102, नैनीताल।
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खुशियों की सवारी (102) एंबुलेंस अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद जच्चा-बच्चा को घर पहुंचाने का कार्य करती हैं लेकिन सरकार की इस योजना का लाभ जच्चा-बच्चा को नहीं मिल पा रहा है। बीते रविवार को बीडी पांडे अस्पताल में एक गर्भवती ने सामान्य प्रसव से बेटी को जन्म दिया। मंगलवार को जच्चा-बच्चा को छुट्टी दी गई। छुट्टी होने से पूर्व परिजनों ने 102 पर कॉल कर खुशियों की सवारी बुलाई। परिजनों से उनका पूरा पता व संबंधित जानकारी मांगी गई। साथ ही छुट्टी हो जाने के बाद दोबारा फोन करने को कहा गया।
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अस्पताल से छुट्टी मिलने पर परिजनों ने शाम पांच बजे एंबुलेंस के लिए दोबारा कॉल की लेकिन तब उन्होंने वाहन उपलब्ध न होने की बात कहकर सेवा देने से मना कर दिया। इसके बाद परिजनों को मजबूरी में धारी जाने के लिए टैक्सी बुक करनी पड़ी।
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मामले में सीएमओ डॉ. हरीश चंद्र पंत ने बताया कि जिले में 13 खुशियों की सवारी एंबुलेंस हैं। इनमें से चार सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी, चार महिला अस्पताल हल्द्वानी, एक रामनगर, एक मोटाहल्दू, एक कालाढूंगी और एक नैनीताल में तैनात है। उस समय खुशियों की सवारी वहां मौजूद नहीं होगी, शायद इसलिए उनको मना किया होगा।
कोट
नैनीताल जिले में 13 खुशियों की सवारियां हैं। नैनीताल व भवाली के लिए लगाई गई खुशियों की सवारी बीते तीन दिन से नहीं है जिसके चलते अन्य जगह से एंबुलेंस बुलाई जा रही है। उस समय अन्य स्थानों पर भी वाहन मौजूद नहीं रहा होगा, जिसके चलते व्यवस्था नहीं हो पाई होगी। - चंद्र प्रकाश, डीपीओ 102, नैनीताल।