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रेलवे की कार्रवाई से आवास विकास के लोग भड़के
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हल्द्वानी। रेलवे ने लाइन के समीप बसे आवास विकास कालोनी के करीब एक सौ से अधिक आवासों को अतिक्रमण बताते हुए संबल से चिन्हित कर दिया। रेलवे की इस कार्रवाई से गुस्साए लोगों ने प्रदर्शन किया तो मेयर और सिटी मजिस्ट्रेट मौके पर पहुंचे। सिटी मजिस्ट्रेट ने रेलवे की कार्रवाई के तरीके पर नाराजगी जताई।
आवास विकास में रहने वाले प्रकाश भट्ट के नेतृत्व में रविवार की सुबह काफी लोग इकट्ठा हो गए। लोगों ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने आवास विकास परिषद के माध्यम से 1979 में आवासीय भवन का निर्माण कराया था। इसमें भूतपूर्व सैनिकों और अन्य परिवारों को आवास आवंटित किया गया। 23 दिसंबर को रेलवे के अधिकारी इस कालोनी को अवैध बताते हुए बगैर पूछताछ किए संबल से मकानों के फर्श में छिद्र करके उनको चिन्हित कर दिया। विरोध प्रदर्शन बढ़ने की जानकारी मिलने पर मेयर डॉ. जोगेंद्र पाल सिंह रौतेला, जिलाध्यक्ष प्रदीप बिष्ट मौके पर पहुंचे। मेयर ने फोन कर सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह को मौके पर बुलाया। सिटी मजिस्ट्रेट ने पहुंचकर आवास विकास कालोनी के लोगों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने रेलवे के अधिकारियों को कॉल कर ऐसी कार्रवाई करने पर आपत्ति जताई। लोगों का कहना था कि बगैर नोटिस दिए रेल कर्मचारियों ने घरों में घुसकर फर्श में निशान लगाए।
सिटी मजिस्ट्रेट ने रेलवे के अधिकारियों से स्पष्ट कहा कि यदि किसी मकान पर चिन्ह लगाना था तो जिला प्रशासन को पहले बताना चाहिए था। उन्होंने इस मामले में रेल अधिकारियों से जानकारी मांगी है। इस मामले में स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी को पत्र भेजा है। इस दौरान मौके पर लेफ्टिनेंट कर्नल (रि.) बीडी कांडपाल, दिनेश सिंह कार्की, पार्षद दीपा बिष्ट, प्रेम बल्लभ पांडे, नीमा पंत, मीना पांडे, गिरीश उपाध्याय, एचसी मेहता, मोहन दरियाल आदि काफी संख्या में लोग मौजूद थे।
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आवास विकास में रहने वाले प्रकाश भट्ट के नेतृत्व में रविवार की सुबह काफी लोग इकट्ठा हो गए। लोगों ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने आवास विकास परिषद के माध्यम से 1979 में आवासीय भवन का निर्माण कराया था। इसमें भूतपूर्व सैनिकों और अन्य परिवारों को आवास आवंटित किया गया। 23 दिसंबर को रेलवे के अधिकारी इस कालोनी को अवैध बताते हुए बगैर पूछताछ किए संबल से मकानों के फर्श में छिद्र करके उनको चिन्हित कर दिया। विरोध प्रदर्शन बढ़ने की जानकारी मिलने पर मेयर डॉ. जोगेंद्र पाल सिंह रौतेला, जिलाध्यक्ष प्रदीप बिष्ट मौके पर पहुंचे। मेयर ने फोन कर सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह को मौके पर बुलाया। सिटी मजिस्ट्रेट ने पहुंचकर आवास विकास कालोनी के लोगों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने रेलवे के अधिकारियों को कॉल कर ऐसी कार्रवाई करने पर आपत्ति जताई। लोगों का कहना था कि बगैर नोटिस दिए रेल कर्मचारियों ने घरों में घुसकर फर्श में निशान लगाए।
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सिटी मजिस्ट्रेट ने रेलवे के अधिकारियों से स्पष्ट कहा कि यदि किसी मकान पर चिन्ह लगाना था तो जिला प्रशासन को पहले बताना चाहिए था। उन्होंने इस मामले में रेल अधिकारियों से जानकारी मांगी है। इस मामले में स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी को पत्र भेजा है। इस दौरान मौके पर लेफ्टिनेंट कर्नल (रि.) बीडी कांडपाल, दिनेश सिंह कार्की, पार्षद दीपा बिष्ट, प्रेम बल्लभ पांडे, नीमा पंत, मीना पांडे, गिरीश उपाध्याय, एचसी मेहता, मोहन दरियाल आदि काफी संख्या में लोग मौजूद थे।
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