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Nainital News: खतरों और मुश्किलों से भरी वैकल्पिक मार्ग की डगर
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रोशीला जाने वाले मार्ग पर फैला कीचड़। संवाद
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हल्द्वानी। हैड़ाखान मार्ग बंद होने के बाद जिला प्रशासन ने अमृतपुर से रौशिला तक पहुंचने का वैकल्पिक रास्ता खोला है, मगर यह डगर मुश्किल और खतरों से भरी है। पहले गौला नदी के पानी से पार जाना होगा...फिर आगे कच्चा रास्ता है जो कीचड़ भरा है। चढ़ाई पर फोर-बाई-फोर जैसे वाहन ही चढ़ सकते हैं। दोपहिया वाहन को तो धक्का लगाने की नौबत आ रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस मार्ग से हल्द्वानी तक पहुंचने में करीब दो घंटे तक अतिरिक्त समय लग रहा है।
हैड़ाखान मार्ग बंद होने से सौ से अधिक गांवों के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिला प्रशासन ने बंद मार्ग खोलने की व्यवस्था करने के साथ लोगों की सुविधा के लिए रौशिला से अमृतपुर के बीच अस्थायी रास्ता बनाया है। पांच किलोमीटर लंबा यह मार्ग किसी चुनौती से कम नहीं है। अमृतपुर और रौशिला के मध्य गौला नदी बहती है। नदी के बीच पाइप डालकर अस्थायी तौर पर रास्ता बनाया गया है, पर वाहन चालकों को नदी के बहाव के बीच भी गुजरना पड़ता है। दोपहिया वाहन सवारों को धक्का लगाना पड़ रहा है। नदी का रास्ता पार करने के बाद भी दिक्कतें कम नहीं होती है। आगे मार्ग की चौड़ाई ज्यादा नहीं है। इसके साथ ही उबड़-खाबड़ और फिसलन भरा है। जैसे-तैसे रास्ता तय हो पाता है।
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कोट
- वैकल्पिक मार्ग से गुजरना बेहद मुश्किल है। अगर कोई बीमार पड़ जाए तो यहां से एंबुलेंस का गुजरना भी दुश्वार है। परेशानियों के बीच रास्ता तय करना पड़ रहा है। - टीकम सिंह, रौशिला खास निवासी
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कोट
मार्ग कच्चा है, इस पर चलने में खतरा और दिक्कत दोनों है। पांच बजे के बाद तो जंगली जानवरों का भी खतरा रहेगा। इस मार्ग पर रात में रास्ता तय नहीं हो पाएगा। -केशवदत्त पांडे, झाला
कोट
वैकल्पक मार्ग की हालत ठीक करने की जरूरत है। इससे सीसी बनाना चाहिए जिससे आने-जाने में दिक्कत दूर होगी। समय भी कम लगेगा। साथ ही मुख्य मार्ग को जल्द बनाया जाए। -बबिता पलड़िया, झाला।
कोट
काठगोदाम-हैड़ाखान मार्ग बंद होने से काफी मुश्किल हो गई हैं। कामकाज प्रभावित है। नये मार्ग पर आवाजाही आसान करने के लिए उसे ठीक करना चाहिए। पुराना मार्ग भी खोलना चाहिए। -कमला देवी, तोकशीला।
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हैड़ाखान मार्ग बंद होने से सौ से अधिक गांवों के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिला प्रशासन ने बंद मार्ग खोलने की व्यवस्था करने के साथ लोगों की सुविधा के लिए रौशिला से अमृतपुर के बीच अस्थायी रास्ता बनाया है। पांच किलोमीटर लंबा यह मार्ग किसी चुनौती से कम नहीं है। अमृतपुर और रौशिला के मध्य गौला नदी बहती है। नदी के बीच पाइप डालकर अस्थायी तौर पर रास्ता बनाया गया है, पर वाहन चालकों को नदी के बहाव के बीच भी गुजरना पड़ता है। दोपहिया वाहन सवारों को धक्का लगाना पड़ रहा है। नदी का रास्ता पार करने के बाद भी दिक्कतें कम नहीं होती है। आगे मार्ग की चौड़ाई ज्यादा नहीं है। इसके साथ ही उबड़-खाबड़ और फिसलन भरा है। जैसे-तैसे रास्ता तय हो पाता है।
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- वैकल्पिक मार्ग से गुजरना बेहद मुश्किल है। अगर कोई बीमार पड़ जाए तो यहां से एंबुलेंस का गुजरना भी दुश्वार है। परेशानियों के बीच रास्ता तय करना पड़ रहा है। - टीकम सिंह, रौशिला खास निवासी
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मार्ग कच्चा है, इस पर चलने में खतरा और दिक्कत दोनों है। पांच बजे के बाद तो जंगली जानवरों का भी खतरा रहेगा। इस मार्ग पर रात में रास्ता तय नहीं हो पाएगा। -केशवदत्त पांडे, झाला
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वैकल्पक मार्ग की हालत ठीक करने की जरूरत है। इससे सीसी बनाना चाहिए जिससे आने-जाने में दिक्कत दूर होगी। समय भी कम लगेगा। साथ ही मुख्य मार्ग को जल्द बनाया जाए। -बबिता पलड़िया, झाला।
कोट
काठगोदाम-हैड़ाखान मार्ग बंद होने से काफी मुश्किल हो गई हैं। कामकाज प्रभावित है। नये मार्ग पर आवाजाही आसान करने के लिए उसे ठीक करना चाहिए। पुराना मार्ग भी खोलना चाहिए। -कमला देवी, तोकशीला।