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सावधान!: हर रोज ढीले हो जाते हैं बैली ब्रिज के नट-बोल्ट, हर दूसरे दिन मरम्मत करते हैं कर्मी; लगता है जाम

Thu, 16 Jan 2025 10:17 AM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, हल्द्वानी
अमर उजाला नेटवर्क, हल्द्वानी Published by: हीरा मेहरा Updated Thu, 16 Jan 2025 10:17 AM IST
सार

काठगोदाम में एक पुल ऐसा भी है, जो वाहनों के लगातार बढ़ते दबाव को नहीं झेल पा रहा है। लगभग रोजाना उसके नट-बोल्ट ढीले हो जाते हैं। कर्मचारी यहां हर दूसरे दिन पुल के नट-बोल्ट कसते नजर आते हैं। ऐसा करते वक्त वाहन रोकने से यहां जाम की स्थिति हो जाती है।

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The nuts and bolts of the bailey bridge become loose every day in haldwani
काठगोदाम स्थित कलसिया नाले पर बने बैली ब्रिज के नट बोल्ट कसते कर्मी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हल्द्वानी के काठगोदाम में एक पुल ऐसा भी है, जो वाहनों के लगातार बढ़ते दबाव को नहीं झेल पा रहा है। लगभग रोजाना उसके नट-बोल्ट ढीले हो जाते हैं। कर्मचारी यहां हर दूसरे दिन पुल के नट-बोल्ट कसते नजर आते हैं। ऐसा करते वक्त वाहन रोकने से यहां जाम की स्थिति हो जाती है। राष्ट्रीय खेलों के दौरान भी यदि पुल के नट-बोल्ट ढीले हुए तो यहां आने वाले राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को भी दिक्कतें होना तय है।

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कुछ वर्ष पहले तक काठगोदाम स्थित कलसिया नाले पर इकलौता पुल था, जो काफी पुराना हो चुका था। सिंगल लेन का पुल होने के कारण उस पर आए दिन जाम की स्थिति बनती थी। लगभग दो साल पहले पीडब्ल्यूडी के नेशनल हाईवे खंड ने इस पुराने पुल के समानांतर लाखों रुपये खर्च कर बैली ब्रिज बनवाया। इसके बनने के बाद इस स्थान पर वाहनों की आवाजाही दोतरफा होने लगी। पहाड़ को जाने वाले वाहन पुराने पुल से और पहाड़ से आने वाले वाहन बैली ब्रिज से गुजरते हैं।

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पिछले दो साल में इस रोड पर वाहनों की आवाजाही भी पहले की अपेक्षा कई गुना बढ़ी तो बैली ब्रिज पर लोड बढ़ने लगा। नतीजा यह रहा कि इस अस्थायी बैली ब्रिज के नट बोल्ट आए दिन ढीले पड़ने लगे। यहां हर दूसरे दिन नेशनल हाईवे खंड के कर्मचारी ढीले हुए नट-बोल्ट कसते नजर आते हैं। बुधवार को नट-बोल्ट कस रहे एक कर्मचारी ने कहा, वे भी हर रोज नट बोल्ट कसते-कसते परेशान हो चुके हैं। उनका कहना है कि सुरक्षा की दृष्टि के चलते कभी हफ्ता-दस दिन में तो कभी उससे पहले बैली ब्रिज के नट बोल्ट कसे जाते हैं।

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फिलहाल अस्थायी पुल के लिए प्रयास जारी
एनएच खंड के अधिशासी अभियंता प्रवीन कुमार ने बताया कि उनके यहां से बैली ब्रिज के स्थान पर स्थायी पुल बनाने का प्रस्ताव क्षेत्रीय कार्यालय को भेजा गया था। मगर हुआ यह कि काठगोदाम-नैनीताल रोड को टू लेन बनाने की योजना में ही कलसिया नाले पर स्थायी पुल बनाने का प्रस्ताव भी शामिल कर लिया गया। अभी सड़क को टू लेने बनाने के लिए जमीन उपलब्ध नहीं हो पा रही है। इस कारण अभी यहां स्थायी पुल नहीं बन पाएगा। इससे पहले भी यहां अस्थायी पुल बनाने का एक और प्रस्ताव भेजा गया था। प्रयास है कि उसी प्रस्ताव को स्वीकृति मिल जाए। इसके लिए क्षेत्रीय कार्यालय से अनुमति मांगी है। अनुमति मिलने पर पुल का काम शुरू कराया जाएगा।

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