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बलियानाला क्षेत्र में भूस्खलन से दहशत में कट रही रात

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sat, 28 Aug 2021 02:38 AM IST
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The night was spent in panic due to landslide in Ballianala area
नैनीताल के बलियानाले में हो रहे भूस्खलन का दृश्य। - फोटो : NAINITAL
नैनीताल। बारिश के साथ ही नैनीताल के तल्लीताल क्षेत्र से लगी बलियानाला की पहाड़ी में भी रुक-रुक कर भूस्खलन का सिलसिला जारी है। पहाड़ी के टूटे हुए हिस्से से कभी पत्थर तो कभी मलबा बलियानाले में गिर रहा है। भूस्खलन प्रभावित पहाड़ी के आसपास रहने वाले लोगों में दहशत बनी हुई है। हालांकि विभागीय अधिकारियों का दावा है कि भूस्खलन के आसपास आबादी क्षेत्र न होने के कारण जानमाल का खतरा नहीं है।
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बलियानाला की पहाड़ी से भूस्खलन को रोकने के लिए सरकार अब तक करोड़ों खर्च कर चुकी है, लेकिन नतीजा ढाक के तीन पात ही है। हाल में हरिनगर क्षेत्र से सटी पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा भरभराकर नाले में समा गया था। अब जैसे ही यहां तेज बारिश होती है तो बलियानाले की इस पहाड़ी से कभी पत्थर तो कभी मलबा नाले में गिर रहा है। भूस्खलन के चलते जीआईसी के मैदान को भी खतरा बना हुआ है। मैदान का एक बड़ा हिस्सा भी टूटकर नाले में समा चुका है। हरिनगर क्षेत्र निवासी मुख्तार अली का कहना है कि बलियानाले का स्थायी समाधान करना जरूरी है। सभासद रेखा आर्या ने मांग उठाई कि भूस्खलन रोकने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाई जानी चाहिए।
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पहले चरण का काम पूरा, दूसरे का इंतजार
नैनीताल। बलियानाले के रखरखाव का जिम्मा सिंचाई विभाग के पास है। विभाग ने पिछले वर्षों में पहाड़ी की तलहटी और उससे ऊपर की ओर पहाड़ को मजबूती देने के लिए कई कार्य कराए हैं। दूसरे चरण के कार्य अभी शुरू नहीं हुए हैं। सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता बीडी सती का कहना है दूसरे चरण के कार्यों की डीपीआर बनाने का काम चल रहा है।
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मेन बाउंड्री थ्रस्ट बलियानाला क्षेत्र से होकर गुजरता है, जिससे यहां पर भूगर्भीय हलचल होती रहती है। यही कारण है कि यहां रुक-रुककर भूस्खलन होता रहता है। भूस्खलन को रोकने के लिए क्षेत्र में वैज्ञानिक तकनीक पर आधारित कार्य कराए जाने चाहिए।
प्रो. बहादुर सिंह कोटलिया, वरिष्ठ भूगर्भ वैज्ञानिक नैनीताल
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