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Uttarakhand Highcourt: देहरादून में सहस्त्रधारा रोड चौड़ीकरण में पेड़ों के कटान पर लगी रोक हटी
Fri, 16 Sep 2022 09:41 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Published by: हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Fri, 16 Sep 2022 09:41 PM IST
सार
याचिका में कहा गया कि देहरादून जोगीवाला से खिरसाली चौक होते हुए सहस्रधारा मार्ग के प्रस्तावित चौड़ीकरण के लिए 2057 पेड़ों का कटान किया जाना है। देहरादून घाटी और शहर पहले से जलवायु परिवर्तन की मार झेल रहा है।
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नेनीताल हाईकोर्ट
विस्तार
नैनीताल हाईकोर्ट ने देहरादून सहस्रधारा रोड के चौड़ीकरण में 2057 पेड़ों के कटान पर लगी रोक हटा दी है। सरकार को वन्य जीव शोध संस्थान (एफआरआई) की निगरानी में पेड़ों के प्रत्यारोपण के निर्देश दिए हैं। सुनवाई की अगली तारीख 22 फरवरी 2023 तय की है। मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी एवं न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।
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देहरादून निवासी आशीष गर्ग ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी। याचिका में कहा गया कि देहरादून जोगीवाला से खिरसाली चौक होते हुए सहस्रधारा मार्ग के प्रस्तावित चौड़ीकरण के लिए 2057 पेड़ों का कटान किया जाना है। देहरादून घाटी और शहर पहले से जलवायु परिवर्तन की मार झेल रहा है। हर जगह हीट आईलैंड विकसित हो रहे हैं और तापमान में बढ़ोतरी हो रही है।
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याचिका में कहा कि सहस्रधारा अपने शीतल जल और पर्यावरण के लिए जाना जाता है जबकि इस तरह के प्रस्तावित कटान से सहस्रधारा तक का पूरा रास्ता उजाड़ और बंजर हो जाएगा। इसके अस्तित्व को बचाए रखने के लिए पेड़ों के कटान पर रोक लगाई जाए।
सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से कहा गया कि जिन यूकेलिप्टस पेड़ों को हटाया जाना है वह आयु पूरी कर चुके हैं और सरकार की भूमि पर हैं। यूकेलिप्टस के कटान के लिए अनुमति की जरूरत नहीं है। राज्य में जो प्रत्यारोपण किया जा रहा है, उसमें सौ प्रतिशत सफलता मिल रही है। आइआइएम काशीपुर में भी प्रत्यारोपण सफल रहा है। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद कोर्ट ने पेड़ों की कटान पर लगी रोक हटा दी।