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Nainital News: देव भूमि का देवत्व हमेशा बचा रहना चाहिए, धामी
Fri, 03 Apr 2026 01:29 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Fri, 03 Apr 2026 01:29 AM IST
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रामनगर। उत्तराखंड को देवभूमि का दर्जा है जिसका देवत्व हमेशा बचा रहना चाहिए। मैंने देवत्व को बचाने के लिए संकल्प लिया है। इसी क्रम में ऑपरेशन कालनेमि, धर्मांतरण के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है।
बृहस्पतिवार को छोई स्थित हनुमान धाम पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में सनातन का स्वर्णिम काल शुरू हुआ है। राम मंदिर, काशी कॉरिडोर समेत कई महत्वपूर्ण मंदिरों का निर्माण हमारी सरकार में किया गया है। हमारे सांस्कृतिक मूल्य बने रहने चाहिए। उत्तराखंड प्रदेश का पहला ऐसा राज्य है जहां सबसे पहले समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लागू किया गया है। अब अन्य राज्यों में भी उत्तराखंड की तर्ज पर यूसीसी को लागू करने का कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के सांस्कृतिक मूल्य को बनाए रखने के लिए ऑपरेशन कालनेमि और धर्मांतरण के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2013 में केदारनाथ में आई आपदा के बाद धाम के जीर्णोद्धार का सौभाग्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिला। उत्तराखंड के प्रति प्रधानमंत्री का विशेष लगाव और फोकस है। इसी क्रम में केदारनाथ, बदरीनाथ, हेमकुंड साहिब, आदि कैलाश, गर्जिया मंदिर, हनुमान धाम को मानसखंड परियोजना के अंतर्गत शामिल कर इनका सौंदर्यीकरण किया जा रहा है।
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कुंभ पूरे देश की आस्था का विषय: सीएम
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का संकल्प लिया गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी के सहयोग और आशीर्वाद से यह संकल्प अवश्य पूर्ण होगा। उन्होंने कहा कि 2027 में प्रस्तावित कुंभ मेले की तैयारियां अभी से शुरू कर दी गई हैं। शीतकालीन यात्रा भी निरंतर संचालित हो रही है और चारधाम के कपाट खुलने तक जारी रहेगी। अब तक लगभग एक लाख साठ हजार श्रद्धालु शीतकालीन यात्रा के दौरान विभिन्न धार्मिक स्थलों पर दर्शन कर चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि शीतकाल में भी बड़ी संख्या में पर्यटक एवं श्रद्धालु उत्तराखंड पहुंच रहे हैं जो राज्य में धार्मिक पर्यटन के बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है। सरकार का लक्ष्य धार्मिक पर्यटन को और अधिक सशक्त करना है ताकि उत्तराखंड की पहचान वैश्विक स्तर पर और मजबूत हो सके। उन्होंने कहा कि आगामी कुंभ केवल उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश की आस्था का विषय है, इसलिए इसकी तैयारियां व्यापक स्तर पर की जा रही हैं।
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बृहस्पतिवार को छोई स्थित हनुमान धाम पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में सनातन का स्वर्णिम काल शुरू हुआ है। राम मंदिर, काशी कॉरिडोर समेत कई महत्वपूर्ण मंदिरों का निर्माण हमारी सरकार में किया गया है। हमारे सांस्कृतिक मूल्य बने रहने चाहिए। उत्तराखंड प्रदेश का पहला ऐसा राज्य है जहां सबसे पहले समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लागू किया गया है। अब अन्य राज्यों में भी उत्तराखंड की तर्ज पर यूसीसी को लागू करने का कार्य किया जा रहा है।
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उन्होंने कहा कि प्रदेश के सांस्कृतिक मूल्य को बनाए रखने के लिए ऑपरेशन कालनेमि और धर्मांतरण के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2013 में केदारनाथ में आई आपदा के बाद धाम के जीर्णोद्धार का सौभाग्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिला। उत्तराखंड के प्रति प्रधानमंत्री का विशेष लगाव और फोकस है। इसी क्रम में केदारनाथ, बदरीनाथ, हेमकुंड साहिब, आदि कैलाश, गर्जिया मंदिर, हनुमान धाम को मानसखंड परियोजना के अंतर्गत शामिल कर इनका सौंदर्यीकरण किया जा रहा है।
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कुंभ पूरे देश की आस्था का विषय: सीएम
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का संकल्प लिया गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी के सहयोग और आशीर्वाद से यह संकल्प अवश्य पूर्ण होगा। उन्होंने कहा कि 2027 में प्रस्तावित कुंभ मेले की तैयारियां अभी से शुरू कर दी गई हैं। शीतकालीन यात्रा भी निरंतर संचालित हो रही है और चारधाम के कपाट खुलने तक जारी रहेगी। अब तक लगभग एक लाख साठ हजार श्रद्धालु शीतकालीन यात्रा के दौरान विभिन्न धार्मिक स्थलों पर दर्शन कर चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि शीतकाल में भी बड़ी संख्या में पर्यटक एवं श्रद्धालु उत्तराखंड पहुंच रहे हैं जो राज्य में धार्मिक पर्यटन के बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है। सरकार का लक्ष्य धार्मिक पर्यटन को और अधिक सशक्त करना है ताकि उत्तराखंड की पहचान वैश्विक स्तर पर और मजबूत हो सके। उन्होंने कहा कि आगामी कुंभ केवल उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश की आस्था का विषय है, इसलिए इसकी तैयारियां व्यापक स्तर पर की जा रही हैं।