फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   The deputy chief minister Indira prompted demands

इंदिरा को डिप्टी सीएम बनाने की मांग उठी

Tue, 24 Nov 2015 12:10 AM IST
ब्यूरो /अमर उजाला, हल्द्वानी (नैनीताल)।
ब्यूरो /अमर उजाला, हल्द्वानी (नैनीताल)। Updated Tue, 24 Nov 2015 12:10 AM IST
विज्ञापन

राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद के उपाध्यक्ष/दर्जा मंत्री धीरेंद्र प्रताप ने वित्त मंत्री डा. इंदिरा हृदयेश को उपमुख्यमंत्री बनाने का राग अलाप कर सरकार को असहज कर दिया है।

विज्ञापन


मुख्यमंत्री हरीश रावत से घोषणाओं को अमली जामा पहनाने के लिए इसे आवश्यक बताया है। प्रताप की मांग से सियासी गलियारों में हलचल मच गई है। रविवार को एक कार्यक्रम में वित्त मंत्री ने मुख्यमंत्री से कालेज खोलने की घोषणाएं न करने को कहा था। डा. हृदयेश के बयान ने भी सरकार की पेशानी पर बल डाल दिया था। 
विज्ञापन


प्रताप ने मुख्यमंत्री हरीश रावत को दिए पत्र में कहा कि घोषणाओं को पूरा करने के लिए तेज तरार और वरिष्ठ काबीना मंत्री डा. इंदिरा हृदयेश को उपमुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय भी डा. हृदयेश के पास होना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन


मुख्यमंत्री रावत को धरती पुत्र और पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी के बाद विकास पुरुष बताते हुए कहा कि राज्य हित में कई घोषणाएं हो चुकी हैं। डा. हृदयेश का ब्यूरोक्रेसी भी सम्मान करती है और घोषणाओं को पूरा करने में मदद मिल सकती है। 2016 में की गई घोषणाएं अगर हवा में रही तो पार्टी को 2017 में इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।

प्रताप ने कहा कि मुख्यमंत्री ने रिकार्ड तोड़ काम किए हैं। उनके नेतृत्व में 2017 में कांग्रेस प्रचंड बहुमत से सत्ता में लौटेगी। उन्होंने गैरसैंण में आरक्षण बिल पास करने को सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया। कहा कि कांग्रेस लोकतांत्रिक पार्टी है और सबको अपनी बात रखने का अधिकार है।

वित्त मंत्री को उपमुख्यमंत्री बनाने की बात उनकी निजी राय है। कहा कि नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट और प्रदेश अध्यक्ष तीरथ सिंह रावत के नेतृत्व में विपक्ष दिशाहीन हो चुका है। भाजपा 2017 में हाथ मलकर रह जाएगी।


प्रताप ने नया राग अलाप कर सर्दी के मौसम में सियासी पारा जरूर गर्मा दिया है। प्रताप भले इसे निजी राय बता रहे हों मगर सियासी गलियारों में इसके राजनीतिक निहितार्थ निकाले जा रहे हैं। हालांकि प्रताप पार्टी में अलग बयानबाजी के लिए जाने जाते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed