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पाठ्यक्रम में शामिल हो राज्य आंदोलन का इतिहास
ब्यूरो/अमर उजाला,नैनीताल
Updated Mon, 02 Mar 2015 01:59 AM IST
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राज्य निर्माण आंदोलनकारी संगठन की बैठक में आंदोलनकारियों को समान पेंशन देने और राज्य आंदोलन को पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग उठी। कहा, जल्द कदम नहीं उठाया तो आंदोलन किया जाएगा।
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नैनीताल क्लब में हुई बैठक में वक्ताओं ने एक्ट बनाकर राज्य आंदोलनकारियों को सरकारी नौकरी देने, आंदोलनकारियों के बच्चों को तकनीकी शिक्षण संस्थाओं में निशुल्क शिक्षा दिलाने, 31 मार्च 2015 तक सभी आंदोनकारियों का चिन्हीकरण करने, मेडिकल कालेजों में चिकित्सा सुविधा दिलाने, राज्य आंदोलनकारियों को राज्य निर्माण सेनानी का दर्जा दिलाने, राज्य आंदोलन के इतिहास को प्राइमरी और जूनियर हाईस्कूलों में पाठ्यक्रम में शामिल करने आदि मांग उठाई। बैठक में संयोजक पीएस रौतेला, डा. महेंद्र सिंह पाल, पुष्कर सिंह मेरा, डा. डीके जोशी, जीएस रावत, मुनीर आलम, शाकिर अली, हरेंद्र सिंह, अमीनुर्रहमान, रघुवर सिंह, भीम सिंह, पान सिंह रौतेला आदि थे।
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धीरेंद्र प्रताप के नहीं आने पर नाराजगी
राज्य आंदोलनकारियों ने आंदोलनकारी कल्याण परिषद के उपाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप के बैठक में नहीं आने पर रोष जताया। उनका कहना था कि इस बैठक में शामिल होने के लिए स्वयं धीरेंद्र प्रताप ने समय दिया था। तय किया गया कि जल्द ही एक शिष्टमंडल राज्य आंदोलनकारी कल्याण परिषद के उपाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप से मुलाकात करेगा।
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