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Nainital News: महिलाओं के कंधों पर नसबंदी का भार, चार साल में केवल 10 पुरुषों ने की भागीदारी

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Fri, 18 Jul 2025 02:09 AM IST
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The burden of sterilization falls on women's shoulders, only 10 men participated in four years
नैनीताल। परिवार नियोजन के लिए नसबंदी का जिम्मा महिला पर ज्यादा है। इसमें पुरुषों की भागीदारी की संख्या 10 रही है। मुस्लिम समाज की केवल चार फीसदी महिलाएं इसमें शामिल रहीं जबकि पुरुषों का योगदान शून्य रहा। बीडी पांडे अस्पताल में शिशु जन्मदर और मृत्युदर में कमी आ रही है। आरटीआई में इसका खुलासा हुआ है।आरटीआई कार्यकर्ता क्लब के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. प्रमोद अग्रवाल ने लोक सूचना अधिकारी बीडी पांडे जिला चिकित्सालय से अस्पताल में होने वाली नसबंदी में महिलाओं और पुरुषों की भागीदारी की जानकारी मांगी थी। इसके अलावा मुस्लिम महिलाओं और पुरुषों की नसबंदी की सूचना मांगी थी। प्रमोद अग्रवाल ने मातृ शिशु मृत्यु दर की भी जानकारी उपलब्ध कराने को कहा था। बीडी पांडे अस्पताल के लोक सूचना अधिकारी डॉ रविंद्र मेर ने बताया है कि बाल जन्म दर और मृत्यु दर में गिरावट आ रही है।
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अस्पताल में नसबंदी कराने वालों में 96 से 98 फीसदी तक महिलाएं रहीं हैं जबकि पुरुषों की नसबंदी न के बराबर हुई है। 2021-22 में 49 महिलाओं ने नसबंदी कराई, इनमें से 47 हिंदू और मुस्लिम समुदाय की दो महिलाएं रहीं। 2022-23 में 83 हिंदू, दो मुस्लिम, 2023-24 में 67 में से 66 हिंदू, एक मुस्लिम, 2024-25 में 65 में से 63 हिंदू, दो मुस्लिम और 2025-26 में जून तक 11 महिलाओं ने नसबंदी कराई, इनमें 10 हिंदू और एक मुस्लिम महिला शामिल रहीं हैं। मुस्लिम समुदाय से एक भी पुरुष ने वर्ष 2021 अप्रैल से जून 2025 तक नसबंदी नहीं कराई है। इस अवधि में केवल 10 पुरुष नसबंदी के लिए आगे आए। मुस्लिम महिलाओं में परिवार नियोजन के तहत नसबंदी के केस चार फीसदी से कम होकर दो प्रतिशत पहुंच गए हैं। अस्पताल के पीएमएस डॉ. टीके टम्टा ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगातार जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। सरकारी अस्पताल में प्रसव कराने व नसबंदी कराने पर आर्थिक सहायता दी जाती है। बताया कि लोगों को लगातार जागरूक किया जा रहा है।
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