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Nainital News: वनभूलपुरा के प्रभावित सुप्रीम कोर्ट में लगाएंगे न्याय की गुहार
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शकील अहमद सलमानी, पूर्व सभासद। विज्ञप्ति
- फोटो : HALDWANI
हल्द्वानी। रेलवे की जमीन से अतिक्रमण हटाने के हाईकोर्ट के फैसले के बाद प्रभावित क्षेत्र के लोगों में खलबली मच गई है। यहां 40,000 से अधिक आबादी रहती है। प्रभावित लोगों का कहना है कि उन्हें न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है। इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट की शरण में जाएंगे। घरों को उजाड़ने से पहले राज्य सरकार को प्रभावितों के पुनर्वास की व्यवस्था करनी चाहिए।
कई सरकारी स्कूल, अस्पताल और मंदिर-मस्जिद भी जद में
अतिक्रमण के दायरे में दो इंटर कॉलेज, दो प्राइमरी स्कूल, एक जूनियर हाईस्कूल है। एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भी रेलवे की जमीन पर अतिक्रमण कर बनाया गया है। चार मदरसों के साथ ही कई धार्मिक स्थल भी चिह्नीकरण के दायरे में हैं। दो ओवरहेड टैंक भी इस जमीन पर बनाए गए हैं। इसके अलावा 15 मस्जिदें, गोपाल मंदिर और दुर्गा मंदिर समेत पांच छोटे-बड़े मंदिर अतिक्रमण की जद में आ रहे हैं।
क्या कहते हैं रेलवे अधिकारी
कोट....
कोर्ट के फैसले की कॉपी अभी नहीं मिली है। मिलने के बाद कोर्ट की तरफ से जो आदेश दिए गए होंगे, उस पर अमल किया जाएगा।
-राजेंद्र सिंह, जनसंपर्क अधिकारी, इज्जतनगर रेलवे
कोट....
गरीब जनता के हित के लिए आखिरी दम तक लड़ाई लडे़ंगे। सुप्रीम कोर्ट में इस मामले को लेकर जाएंगे। 2016 में रेलवे ने खंभे लगाए थे जिसका नतीजा आज लोग भुगत रहे हैं। तत्कालीन सरकार भी दोषी है।
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-उवैस राजा, संयोजक, बनभूलपुरा संघर्ष समिति
40 हजार से अधिक प्रभावित कहां जाएंगे? मानवीय पक्ष को देखते हुए राज्य सरकार को प्रभावितों के पुनर्वास की व्यवस्था करनी चाहिए। जनता का पक्ष सुप्रीम कोर्ट के सामने रखेंगे।
-मो. लईक, पार्षद, वार्ड नं. 24
जनता के हित के लिए कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी। सुप्रीम कोर्ट से न्याय की गुहार लगाएंगे। प्रभावितों को हटाने से पहले उनके पुनर्वास की व्यवस्था सरकार को करनी चाहिए।
-शाकिर हुसैन, पार्षद, वार्ड नं. 15
-कोर्ट के आदेश के बाद हम कुछ पार्षदों के साथ विधायक सुमित हृदयेश से मिले और हमने अपने वकीलों से भी राय ली। बस्ती के लोगों के साथ बैठक कर राय मशविरा कर कानूनी लड़ाई को कानूनी तरीके से लड़ेंगे। मस्जिदों के मौलवियों से भी संपर्क किया। हमें न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है।
-शकील अहमद सलमानी, पूर्व सभासद, इंदिरा नगर।
जमीन रेलवे की नहीं है। जल्द ही इस मामले में विचार विमर्श कर आगे की कानूनी कार्रवाई करेंगे। चालीस हजार से अधिक परिवारों के आगे संकट गहरा गया है। आखिरी दम तक लड़ाई लड़ेंगे।
-सुलेमान खान, बनभूलपुरा संघर्ष समिति।
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कई सरकारी स्कूल, अस्पताल और मंदिर-मस्जिद भी जद में
अतिक्रमण के दायरे में दो इंटर कॉलेज, दो प्राइमरी स्कूल, एक जूनियर हाईस्कूल है। एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भी रेलवे की जमीन पर अतिक्रमण कर बनाया गया है। चार मदरसों के साथ ही कई धार्मिक स्थल भी चिह्नीकरण के दायरे में हैं। दो ओवरहेड टैंक भी इस जमीन पर बनाए गए हैं। इसके अलावा 15 मस्जिदें, गोपाल मंदिर और दुर्गा मंदिर समेत पांच छोटे-बड़े मंदिर अतिक्रमण की जद में आ रहे हैं।
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क्या कहते हैं रेलवे अधिकारी
कोट....
कोर्ट के फैसले की कॉपी अभी नहीं मिली है। मिलने के बाद कोर्ट की तरफ से जो आदेश दिए गए होंगे, उस पर अमल किया जाएगा।
-राजेंद्र सिंह, जनसंपर्क अधिकारी, इज्जतनगर रेलवे
कोट....
गरीब जनता के हित के लिए आखिरी दम तक लड़ाई लडे़ंगे। सुप्रीम कोर्ट में इस मामले को लेकर जाएंगे। 2016 में रेलवे ने खंभे लगाए थे जिसका नतीजा आज लोग भुगत रहे हैं। तत्कालीन सरकार भी दोषी है।
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-उवैस राजा, संयोजक, बनभूलपुरा संघर्ष समिति
40 हजार से अधिक प्रभावित कहां जाएंगे? मानवीय पक्ष को देखते हुए राज्य सरकार को प्रभावितों के पुनर्वास की व्यवस्था करनी चाहिए। जनता का पक्ष सुप्रीम कोर्ट के सामने रखेंगे।
-मो. लईक, पार्षद, वार्ड नं. 24
जनता के हित के लिए कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी। सुप्रीम कोर्ट से न्याय की गुहार लगाएंगे। प्रभावितों को हटाने से पहले उनके पुनर्वास की व्यवस्था सरकार को करनी चाहिए।
-शाकिर हुसैन, पार्षद, वार्ड नं. 15
-कोर्ट के आदेश के बाद हम कुछ पार्षदों के साथ विधायक सुमित हृदयेश से मिले और हमने अपने वकीलों से भी राय ली। बस्ती के लोगों के साथ बैठक कर राय मशविरा कर कानूनी लड़ाई को कानूनी तरीके से लड़ेंगे। मस्जिदों के मौलवियों से भी संपर्क किया। हमें न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है।
-शकील अहमद सलमानी, पूर्व सभासद, इंदिरा नगर।
जमीन रेलवे की नहीं है। जल्द ही इस मामले में विचार विमर्श कर आगे की कानूनी कार्रवाई करेंगे। चालीस हजार से अधिक परिवारों के आगे संकट गहरा गया है। आखिरी दम तक लड़ाई लड़ेंगे।
-सुलेमान खान, बनभूलपुरा संघर्ष समिति।

सुलेमान खान, स्थानीय। विज्ञप्ति- फोटो : HALDWANI

उवैस राजा, संयोजक, वनभूलपुरा संघर्ष समिति। विज्ञप्ति- फोटो : HALDWANI

मो. लईक, पार्षद, वार्ड नं. 24 विज्ञप्ति- फोटो : HALDWANI

शाकिर हुसैन, पार्षद, वार्ड 15 विज्ञप्ति- फोटो : HALDWANI