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‘तमन्ना को धक्का देकर मारा गया है’
अमर उजाला ब्यूरो नैनीताल।
Updated Wed, 17 Jan 2018 02:19 AM IST
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मृतक तम्मना की सास रोती बिलखती।
- फोटो : Amar ujala
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पहाड़ी से गिरकर मरने वाली नवविवाहिता तमन्ना की मौत के प्रकरण में मंगलवार को नया मोड़ आ गया। तमन्ना का डॉक्टर पति जिसे हादसा बता रहा था परिजनों ने उसे हत्या करार देते हुए तल्लीताल थाने में तहरीर दी। उनका आरोप है कि तमन्ना का पति शादी के बाद से ही उसे परेशान कर रहा था। दहेज की मांग पूरी न होने पर उसकी हत्या की गई है।
दिल्ली के गांव मंडोली गांव निवासी तमन्ना को गंभीर रूप से घायल अवस्था में सोमवार शाम लगभग चार बजे बीडी पांडेय जिला अस्पताल लाया गया था। उस समय तमन्ना की हल्की सांसें चल रहीं थीं। पति सद्दाम ने उसकी मौत का कारण पहाड़ी से गिर जाना बताया था।
मंगलवार सुबह तमन्ना के पिता मो. शब्बीर, मां रहमती, भाई आसिफ खान और तारिफ खान जिला अस्पताल पहुंचे। दोपहर तक सद्दाम पक्ष के लोग तमन्ना के मायके वालों को यह विश्वास दिलाने का प्रयास करते रहे कि मौत हादसा थी लेकिन परिजन इसे मानने को तैयार नहीं हुए।
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तमन्ना की मां ने जिला अस्पताल में ही हत्या का आरोप लगाया। शाम को भाई आसिफ खान ने तल्लीताल थाने में तहरीर देकर बताया कि उन्होंने अपनी बहन की शादी लगभग ढाई महीने पहले फतेपुर अट्टा निवासी सद्दाम पुत्र उमर मोहम्मद के साथ की थी। आरोप है कि दहेज के लिए तमन्ना को प्रताड़ित किया जाता रहा।
आसिफ के अनुसार 28 दिसंबर 2017 को बड़ी बहन रुखसाना ने तमन्ना को अपने घर बुलाया तो ससुराल पक्ष के जुल्म के बारे में बताया। रुखसाना ने इस बात की चर्चा आसिफ से की थी। 12 जनवरी 2018 को सद्दाम अपनी ससुराल मंडोली गांव पहुंचा और उसे साथ लेकर नैनीताल के लिए निकल पड़ा।
15 जनवरी को आसिफ को पता चला कि उसकी बहन और उसके पति को नैनीताल में चोट लग गई है लेकिन यहां देखा तो सद्दाम बिलकुल ठीक था जबकि उसकी बहन की मौत हो चुकी थी। प्रभारी एसओ तल्लीताल मनवर सिंह ने बताया कि तहरीर मिल गई है। ससुराल वालों के खिलाफ पहाड़ी से धक्का देकर हत्या करने की रिपोर्ट दर्ज की जा रही है।
डॉक्टरी पर भी उठाए सवाल
सद्दाम ने सोमवार को बीडी पांडेय जिला अस्पताल में खुद को डॉक्टर बताया था लेकिन तमन्ना के परिजनों ने अब उसे डॉक्टर मानने से इनकार कर दिया। उनका कहना है कि शादी तय करते समय उन्हें सिर्फ इतना बताया गया था कि लड़का डॉक्टर है। मां रहमती ने बताया कि उन्होंने शादी में एक करोड़ 70 लाख रुपए खर्च किए। इसके बाद भी उनकी बेटी की जान चली गई। ब्यूरो
मौके पर थे सिर्फ तीन लोग
सीओ सिटी विजय थापा ने मंगलवार को फिर घटनास्थल का निरीक्षण किया। सीओ ने बताया कि घटना के समय मौके पर सद्दाम, तमन्ना और टैक्सी चालक किशन सिंह थे। चालक ने बताया कि भूमियाधार के पास सद्दाम को उल्टियां आई तो वह गाड़ी रुकवा कर वहीं बैठ गया। कुछ देर बाद सद्दाम चीखने लगा कि मेरी पत्नी गिर गई और सुधबुध खो बैठा। ब्यूरो
तीन डॉक्टरों के पैनल ने किया पोस्टमार्टम
तमन्ना का प्रकरण संवेदनशील होने के कारण उसका पोस्टमार्टम तीन डॉक्टरों के पैनल से कराया गया। जिला अस्पताल की प्रमुख चिकित्सा अधीक्षिका डॉ. तारा आर्या ने बताया कि पोस्टमार्टम के लिए डॉ. एमएस दुग्ताल, डॉ. मंजू रावत और डॉ. बीके पुनेरा को नामित किया गया। ब्यूरो
चालक की बात
चालक किशन सिंह ने बताया कि सद्दाम ने उल्टी आने की बात कहकर भूमियाधार में गाड़ी रुकवाई। इसके बाद दोनों वहां सड़क किनारे बैठ गए। जबकि वह कुछ दूरी पर जाकर मुंह फेरकर बैठ गया। कुछ देर बाद सद्दाम की बचाओ-बचाओ की आवाज और युवती की चीख की आवाज सुनाई दी तो वह दौड़ पड़ा। सद्दाम बेसुध हो गया था। तुरंत 108 एंबुलेंस को फोन किया। कुछ इंतजार करने के बाद वह दोनों को लेकर जिला अस्पताल पहुंच गया।
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दिल्ली के गांव मंडोली गांव निवासी तमन्ना को गंभीर रूप से घायल अवस्था में सोमवार शाम लगभग चार बजे बीडी पांडेय जिला अस्पताल लाया गया था। उस समय तमन्ना की हल्की सांसें चल रहीं थीं। पति सद्दाम ने उसकी मौत का कारण पहाड़ी से गिर जाना बताया था।
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मंगलवार सुबह तमन्ना के पिता मो. शब्बीर, मां रहमती, भाई आसिफ खान और तारिफ खान जिला अस्पताल पहुंचे। दोपहर तक सद्दाम पक्ष के लोग तमन्ना के मायके वालों को यह विश्वास दिलाने का प्रयास करते रहे कि मौत हादसा थी लेकिन परिजन इसे मानने को तैयार नहीं हुए।
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तमन्ना की मां ने जिला अस्पताल में ही हत्या का आरोप लगाया। शाम को भाई आसिफ खान ने तल्लीताल थाने में तहरीर देकर बताया कि उन्होंने अपनी बहन की शादी लगभग ढाई महीने पहले फतेपुर अट्टा निवासी सद्दाम पुत्र उमर मोहम्मद के साथ की थी। आरोप है कि दहेज के लिए तमन्ना को प्रताड़ित किया जाता रहा।
आसिफ के अनुसार 28 दिसंबर 2017 को बड़ी बहन रुखसाना ने तमन्ना को अपने घर बुलाया तो ससुराल पक्ष के जुल्म के बारे में बताया। रुखसाना ने इस बात की चर्चा आसिफ से की थी। 12 जनवरी 2018 को सद्दाम अपनी ससुराल मंडोली गांव पहुंचा और उसे साथ लेकर नैनीताल के लिए निकल पड़ा।
15 जनवरी को आसिफ को पता चला कि उसकी बहन और उसके पति को नैनीताल में चोट लग गई है लेकिन यहां देखा तो सद्दाम बिलकुल ठीक था जबकि उसकी बहन की मौत हो चुकी थी। प्रभारी एसओ तल्लीताल मनवर सिंह ने बताया कि तहरीर मिल गई है। ससुराल वालों के खिलाफ पहाड़ी से धक्का देकर हत्या करने की रिपोर्ट दर्ज की जा रही है।
डॉक्टरी पर भी उठाए सवाल
सद्दाम ने सोमवार को बीडी पांडेय जिला अस्पताल में खुद को डॉक्टर बताया था लेकिन तमन्ना के परिजनों ने अब उसे डॉक्टर मानने से इनकार कर दिया। उनका कहना है कि शादी तय करते समय उन्हें सिर्फ इतना बताया गया था कि लड़का डॉक्टर है। मां रहमती ने बताया कि उन्होंने शादी में एक करोड़ 70 लाख रुपए खर्च किए। इसके बाद भी उनकी बेटी की जान चली गई। ब्यूरो
मौके पर थे सिर्फ तीन लोग
सीओ सिटी विजय थापा ने मंगलवार को फिर घटनास्थल का निरीक्षण किया। सीओ ने बताया कि घटना के समय मौके पर सद्दाम, तमन्ना और टैक्सी चालक किशन सिंह थे। चालक ने बताया कि भूमियाधार के पास सद्दाम को उल्टियां आई तो वह गाड़ी रुकवा कर वहीं बैठ गया। कुछ देर बाद सद्दाम चीखने लगा कि मेरी पत्नी गिर गई और सुधबुध खो बैठा। ब्यूरो
तीन डॉक्टरों के पैनल ने किया पोस्टमार्टम
तमन्ना का प्रकरण संवेदनशील होने के कारण उसका पोस्टमार्टम तीन डॉक्टरों के पैनल से कराया गया। जिला अस्पताल की प्रमुख चिकित्सा अधीक्षिका डॉ. तारा आर्या ने बताया कि पोस्टमार्टम के लिए डॉ. एमएस दुग्ताल, डॉ. मंजू रावत और डॉ. बीके पुनेरा को नामित किया गया। ब्यूरो
चालक की बात
चालक किशन सिंह ने बताया कि सद्दाम ने उल्टी आने की बात कहकर भूमियाधार में गाड़ी रुकवाई। इसके बाद दोनों वहां सड़क किनारे बैठ गए। जबकि वह कुछ दूरी पर जाकर मुंह फेरकर बैठ गया। कुछ देर बाद सद्दाम की बचाओ-बचाओ की आवाज और युवती की चीख की आवाज सुनाई दी तो वह दौड़ पड़ा। सद्दाम बेसुध हो गया था। तुरंत 108 एंबुलेंस को फोन किया। कुछ इंतजार करने के बाद वह दोनों को लेकर जिला अस्पताल पहुंच गया।