{"_id":"61a933d834d63f64d365f614","slug":"taj-square-will-now-be-named-as-tricolor-square-haldwani-news-hld446419647","type":"story","status":"publish","title_hn":"ताज चौराहे का नाम अब तिरंगा चौराहा होगा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ताज चौराहे का नाम अब तिरंगा चौराहा होगा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हल्द्वानी। नगर निगम ने नौ महीने बाद बोर्ड में 1.51 करोड़ रुपये का अनुमानित बजट पास कर दिया है। 10 प्रस्ताव भी पास किए गए। पांच प्रस्तावों के लिए एक कमेटी बना दी गई है। कमेटी से एक महीने में अपनी रिपोर्ट देने को कहा गया है। नगर निगम के स्वामित्व वाली दुकानों पर 10 रुपया विलंब शुल्क में छूट तीन महीने बढ़ाई गई।
ताज चौराहे का नाम तिरंगा चौराहा रखकर इसका सौंदर्यीकरण किया जाएगा।
नगर आयुक्त पंकज उपाध्याय ने बताया कि 1 अप्रैल 2021 तक नगर निगम के पास 4.22 करोड़ रुपया बचा था। 2021-22 अनुमानित आय 1.08 अरब रहने का अनुमान है। निगम 1.42 अरब खर्च करेगा। 31 मार्च 2022 में निगम के पास अनुमानित 8.30 करोड़ रुपया बचेगा।
बता दें कि नगर निगम को अपना बजट मार्च में पास कर देना चाहिए लेकिन दो बोर्ड बैठक होने के बाद भी बजट को बोर्ड में नहीं रखा गया। पिछली बोर्ड बैठक में हंगामे के बाद इस बोर्ड बैठक में बजट पेश किया गया। इसके बाद एक-एक कर सभी प्रस्ताव पारित कर दिए गए। पार्षदों ने प्रस्ताव पारित करने के दौरान अपने-अपने क्षेत्र की समस्याएं भी उठाईं।
विज्ञापन
ये प्रस्ताव भी पास
-नगर निगम की कार्यकारिणी समिति बनाने के लिए मेयर को अधिकृत किया गया।
-नगर निगम में कार्यरत पात्र कर्मिकों को संशोधित सुनिश्चित कैरियर प्रोन्नयन योजना एसीपी लागू होगी।
-उत्तराखंड राज्य के संबंधित कानूनों के अनुसार, नगर निगम अधिनियम की धारा 541के क्रम में नगर निगम के सीमांतर्गत क्षेत्र में फीकल स्लज और सैप्टेज प्रबंधन एफएसएसएम सुच्यवस्थित करने हेतु की उपविधि लागू।
-नगर निगम के क्षेत्रांतर्गत एकल उपयोग प्लास्टिक के उपयोग प्रतिबंधित।
-केंद्रीय वित्त आयोग से प्राप्त राशि को खर्च करने के लिए मेयर को किया गया अधिकृत।
-कोरोना काल में भवन कर एवं स्वच्छता कर, दुकान किराया आदि नवीनीकरण दिसंबर 2021 तक बढ़ाया गया।
-सहायक नगर आयुक्त विजेंद्र चौहान का कार्यकाल एक वर्ष बढ़ाने के लिए शासन को पत्र भेजा जाएगा।
इन प्रस्तावों के लिए बनी कमेटी
- नगर निगम क्षेत्र की सीमा में गौला नदी से उपखनिज ढोने वाले घोड़ा बुग्गी पर कितना शुल्क लिया जाना है इसके लिए कमेटी बनी।
-संपत्तियों के हस्तांतरण पर संपत्ति मूल्य का एक व दो प्रतिशत तक शुल्क उपकर सैस के रूप में आरोपित करने के लिए कमेटी बनेगी।
-गैसपाइप लाइन बिछा रही कंपनी से आवासीय और गैर आवासीय कनेक्शनों से प्रतिमाह शुल्क लिए जाने के लिए भी कमेटी बनेगी।
-नगर निगम के सीमांतर्गत लगे विद्युत पोल, सबस्टेशन, ट्रांसफार्मर पर वार्षिक टर्न ओवर पर सेस लगाने के लिए भी कमेटी बनेगी।
-पूर्व प्रस्तावित निर्धारित ट्रेड लाइसेंसों में छूटे हुए ट्रेड लाइसेंसों के शुल्क निर्धारण के लिए भी कमेटी बनेगी।
पार्षदों की कमेटी तय करेगी कि कितना लिया जाना है शुल्क
हल्द्वानी। घोड़ा बुग्गी वालों से 50 रुपये प्रतिदिन स्वच्छता शुल्क लेने के लिए बोर्ड बनभूलपुरा क्षेत्र के पार्षदों की समिति बना दी है। ये समिति तय करेगी कि घोड़ा-बुग्गी वालों से शुल्क लेना है या नहीं। शुल्क कितना लिया जाए यह भी तय करने का अधिकार कमेटी को दे दिया गया है। कमेटी में पार्षद कम्मो रानी, डेबिड, गुफरान, लईक अहमद, महेश चंद्र और कुबरा बेगम को रखा गया है।
ये रहे मौजूद
मेयर जोगेंद्र रौतेला, नगर आयुक्त पंकज उपाध्याय, सहायक नगर आयुक्त विजेंद्र चौहान, गौरव भसीन, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज कांडपाल, महेश पाठक, पार्षद रवि जोशी, राजेंद्र जीना, नरेंद्रजीत सिंह, मनोज जोशी, कम्मो रानी, कुबरा बेगम, रवि वाल्मीकि, गीता बलूटिया, नीमा बिष्ट आदि।
भाजपा पार्षद भी बैठक रहे अनुपस्थित
हल्द्वानी। बोर्ड बैठक में 72 पार्षदों में से सिर्फ 54 ने ही भाग लिया। कई पार्षद सिर्फ चेहरा दिखाने आए और एक घंटे बाद ही चलते बने। बोर्ड बैठक खत्म होने तक सिर्फ 20 पार्षद ही बचे रहे। भाजपा पार्षदों ने भी बैठक में बैठना उचित नहीं समझा। कई पार्षद बोर्ड बैठक में उपस्थिति लगाकर बाहर घूमते दिखाई दिए।
बैठक में पार्षदों ने किया हंगामा
नए वार्ड में कूड़ा गाड़ियां और सफाई कर्मी रखने की भी उठी मांग
हल्द्वानी। बोर्ड बैठक में पार्षदों ने कहा कि नगर निगम की पूर्व में हुई बोर्ड बैठक में नए वार्ड में सफाई कर्मियों को रखने, डोर-टू-डोर कूड़ा गाड़ियां चलाने सहित कई प्रस्ताव पारित हुए थे। ये प्रस्ताव ठंडे बस्ते में पड़े हैं। पार्षदों ने अलाव में खर्च किए गए 10 लाख रुपये का हिसाब भी मांगा।
कांग्रेस समर्थित पार्षदों ने दिया धरना
हल्द्वानी। नगर निगम की बोर्ड बैठक से पहले कांग्रेस समर्थित पार्षदों ने मेयर के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने मेयर पर बोर्ड में अपने मन मुताबिक प्रस्ताव लाने और तानाशाही के आरोप लगाए। पार्षदों ने नगर निगम के मुख्य गेट में धरना भी दिया। मेयर के पहुंचते ही सभी पार्षद उनके साथ बोर्ड बैठक में शामिल होने चले गए।
नेता प्रतिपक्ष नरेंद्रजीत सिंह की अगुवाई में पार्षद नगर निगम के मुख्य गेट पर धरने में बैठ गए। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व में पास प्रस्ताव अभी तक पूरे नहीं हो पाए हैं। इस दौरान पार्षद राजेंद्र जीना, रवि जोशी, मो. गुफरान, हेमंत शर्मा, तौफिक अहमद आदि मौजूद रहे।
एक्ट का हवाला देकर मीडिया कर्मियों को किया बाहर
हल्द्वानी। मेयर जोगेंद्र रौतेला और नगर आयुक्त पंकज उपाध्याय ने नगर निगम एक्ट का हवाला देकर मीडिया वालों को बोर्ड बैठक से बाहर कर दिया। सत्ता पक्ष और विपक्ष के पार्षदों ने इसका विरोध भी किया लेकिन मेयर ने उनकी भी नहीं सुनी। बताया जा रहा है कि सत्ता पक्ष के पार्षद भी वार्डों में काम नहीं होने को लेकर नाराज बताए जा रहे थे। उधर, विपक्ष के पार्षदों ने आरोप लगाया कि मेयर विधानसभा चुनावों को देखते हुए उनकी आवाज जनता तक नहीं पहुंचना देना चाहते हैं। उधर, नगर आयुक्त पंकज उपाध्याय ने कहा कि सभापति को अधिकार होता है कि वह बोर्ड को सुचारु चलाने के लिए कोई निर्णय ले सकता है।
बर्खास्त सफाई कर्मी ने दी आत्मदाह की धमकी
हल्द्वानी। बर्खास्त सफाई कर्मियों की बहाली की मांग को लेकर एक सफाई कर्मी की आत्मदाह की चेतावनी के बाद नगर निगम तीन घंटे तक छावनी में तब्दील रहा।
देवभूमि सफाई कर्मचारी संघ से जुड़े छह सफाई कर्मियों को आंदोलन के दौरान नगर निगम ने बर्खास्त कर दिया था। बर्खास्त सफाई कर्मी लंबे समय से बहाली की मांग कर रहे हैं। एक सफाई कर्मी ने बोर्ड बैठक के दौरान मेयर के सामने आत्मदाह की धमकी दी थी। इस कारण बृहस्पतिवार को कोतवाली हल्द्वानी की फोर्स एक दमकल वाहन को लेकर नगर निगम परिसर में खड़ी रही। संघ की ओर से सफाई कर्मी को समझाया गया। इसके बाद उसने आत्मदाह का निर्णय वापस ले लिया। बाद में सफाई कर्मियों ने मेयर को ज्ञापन भी दिया। (माई सिटी रिपोर्टर)
विज्ञापन
ताज चौराहे का नाम तिरंगा चौराहा रखकर इसका सौंदर्यीकरण किया जाएगा।
नगर आयुक्त पंकज उपाध्याय ने बताया कि 1 अप्रैल 2021 तक नगर निगम के पास 4.22 करोड़ रुपया बचा था। 2021-22 अनुमानित आय 1.08 अरब रहने का अनुमान है। निगम 1.42 अरब खर्च करेगा। 31 मार्च 2022 में निगम के पास अनुमानित 8.30 करोड़ रुपया बचेगा।
विज्ञापन
बता दें कि नगर निगम को अपना बजट मार्च में पास कर देना चाहिए लेकिन दो बोर्ड बैठक होने के बाद भी बजट को बोर्ड में नहीं रखा गया। पिछली बोर्ड बैठक में हंगामे के बाद इस बोर्ड बैठक में बजट पेश किया गया। इसके बाद एक-एक कर सभी प्रस्ताव पारित कर दिए गए। पार्षदों ने प्रस्ताव पारित करने के दौरान अपने-अपने क्षेत्र की समस्याएं भी उठाईं।
विज्ञापन
ये प्रस्ताव भी पास
-नगर निगम की कार्यकारिणी समिति बनाने के लिए मेयर को अधिकृत किया गया।
-नगर निगम में कार्यरत पात्र कर्मिकों को संशोधित सुनिश्चित कैरियर प्रोन्नयन योजना एसीपी लागू होगी।
-उत्तराखंड राज्य के संबंधित कानूनों के अनुसार, नगर निगम अधिनियम की धारा 541के क्रम में नगर निगम के सीमांतर्गत क्षेत्र में फीकल स्लज और सैप्टेज प्रबंधन एफएसएसएम सुच्यवस्थित करने हेतु की उपविधि लागू।
-नगर निगम के क्षेत्रांतर्गत एकल उपयोग प्लास्टिक के उपयोग प्रतिबंधित।
-केंद्रीय वित्त आयोग से प्राप्त राशि को खर्च करने के लिए मेयर को किया गया अधिकृत।
-कोरोना काल में भवन कर एवं स्वच्छता कर, दुकान किराया आदि नवीनीकरण दिसंबर 2021 तक बढ़ाया गया।
-सहायक नगर आयुक्त विजेंद्र चौहान का कार्यकाल एक वर्ष बढ़ाने के लिए शासन को पत्र भेजा जाएगा।
इन प्रस्तावों के लिए बनी कमेटी
- नगर निगम क्षेत्र की सीमा में गौला नदी से उपखनिज ढोने वाले घोड़ा बुग्गी पर कितना शुल्क लिया जाना है इसके लिए कमेटी बनी।
-संपत्तियों के हस्तांतरण पर संपत्ति मूल्य का एक व दो प्रतिशत तक शुल्क उपकर सैस के रूप में आरोपित करने के लिए कमेटी बनेगी।
-गैसपाइप लाइन बिछा रही कंपनी से आवासीय और गैर आवासीय कनेक्शनों से प्रतिमाह शुल्क लिए जाने के लिए भी कमेटी बनेगी।
-नगर निगम के सीमांतर्गत लगे विद्युत पोल, सबस्टेशन, ट्रांसफार्मर पर वार्षिक टर्न ओवर पर सेस लगाने के लिए भी कमेटी बनेगी।
-पूर्व प्रस्तावित निर्धारित ट्रेड लाइसेंसों में छूटे हुए ट्रेड लाइसेंसों के शुल्क निर्धारण के लिए भी कमेटी बनेगी।
पार्षदों की कमेटी तय करेगी कि कितना लिया जाना है शुल्क
हल्द्वानी। घोड़ा बुग्गी वालों से 50 रुपये प्रतिदिन स्वच्छता शुल्क लेने के लिए बोर्ड बनभूलपुरा क्षेत्र के पार्षदों की समिति बना दी है। ये समिति तय करेगी कि घोड़ा-बुग्गी वालों से शुल्क लेना है या नहीं। शुल्क कितना लिया जाए यह भी तय करने का अधिकार कमेटी को दे दिया गया है। कमेटी में पार्षद कम्मो रानी, डेबिड, गुफरान, लईक अहमद, महेश चंद्र और कुबरा बेगम को रखा गया है।
ये रहे मौजूद
मेयर जोगेंद्र रौतेला, नगर आयुक्त पंकज उपाध्याय, सहायक नगर आयुक्त विजेंद्र चौहान, गौरव भसीन, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज कांडपाल, महेश पाठक, पार्षद रवि जोशी, राजेंद्र जीना, नरेंद्रजीत सिंह, मनोज जोशी, कम्मो रानी, कुबरा बेगम, रवि वाल्मीकि, गीता बलूटिया, नीमा बिष्ट आदि।
भाजपा पार्षद भी बैठक रहे अनुपस्थित
हल्द्वानी। बोर्ड बैठक में 72 पार्षदों में से सिर्फ 54 ने ही भाग लिया। कई पार्षद सिर्फ चेहरा दिखाने आए और एक घंटे बाद ही चलते बने। बोर्ड बैठक खत्म होने तक सिर्फ 20 पार्षद ही बचे रहे। भाजपा पार्षदों ने भी बैठक में बैठना उचित नहीं समझा। कई पार्षद बोर्ड बैठक में उपस्थिति लगाकर बाहर घूमते दिखाई दिए।
बैठक में पार्षदों ने किया हंगामा
नए वार्ड में कूड़ा गाड़ियां और सफाई कर्मी रखने की भी उठी मांग
हल्द्वानी। बोर्ड बैठक में पार्षदों ने कहा कि नगर निगम की पूर्व में हुई बोर्ड बैठक में नए वार्ड में सफाई कर्मियों को रखने, डोर-टू-डोर कूड़ा गाड़ियां चलाने सहित कई प्रस्ताव पारित हुए थे। ये प्रस्ताव ठंडे बस्ते में पड़े हैं। पार्षदों ने अलाव में खर्च किए गए 10 लाख रुपये का हिसाब भी मांगा।
कांग्रेस समर्थित पार्षदों ने दिया धरना
हल्द्वानी। नगर निगम की बोर्ड बैठक से पहले कांग्रेस समर्थित पार्षदों ने मेयर के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने मेयर पर बोर्ड में अपने मन मुताबिक प्रस्ताव लाने और तानाशाही के आरोप लगाए। पार्षदों ने नगर निगम के मुख्य गेट में धरना भी दिया। मेयर के पहुंचते ही सभी पार्षद उनके साथ बोर्ड बैठक में शामिल होने चले गए।
नेता प्रतिपक्ष नरेंद्रजीत सिंह की अगुवाई में पार्षद नगर निगम के मुख्य गेट पर धरने में बैठ गए। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व में पास प्रस्ताव अभी तक पूरे नहीं हो पाए हैं। इस दौरान पार्षद राजेंद्र जीना, रवि जोशी, मो. गुफरान, हेमंत शर्मा, तौफिक अहमद आदि मौजूद रहे।
एक्ट का हवाला देकर मीडिया कर्मियों को किया बाहर
हल्द्वानी। मेयर जोगेंद्र रौतेला और नगर आयुक्त पंकज उपाध्याय ने नगर निगम एक्ट का हवाला देकर मीडिया वालों को बोर्ड बैठक से बाहर कर दिया। सत्ता पक्ष और विपक्ष के पार्षदों ने इसका विरोध भी किया लेकिन मेयर ने उनकी भी नहीं सुनी। बताया जा रहा है कि सत्ता पक्ष के पार्षद भी वार्डों में काम नहीं होने को लेकर नाराज बताए जा रहे थे। उधर, विपक्ष के पार्षदों ने आरोप लगाया कि मेयर विधानसभा चुनावों को देखते हुए उनकी आवाज जनता तक नहीं पहुंचना देना चाहते हैं। उधर, नगर आयुक्त पंकज उपाध्याय ने कहा कि सभापति को अधिकार होता है कि वह बोर्ड को सुचारु चलाने के लिए कोई निर्णय ले सकता है।
बर्खास्त सफाई कर्मी ने दी आत्मदाह की धमकी
हल्द्वानी। बर्खास्त सफाई कर्मियों की बहाली की मांग को लेकर एक सफाई कर्मी की आत्मदाह की चेतावनी के बाद नगर निगम तीन घंटे तक छावनी में तब्दील रहा।
देवभूमि सफाई कर्मचारी संघ से जुड़े छह सफाई कर्मियों को आंदोलन के दौरान नगर निगम ने बर्खास्त कर दिया था। बर्खास्त सफाई कर्मी लंबे समय से बहाली की मांग कर रहे हैं। एक सफाई कर्मी ने बोर्ड बैठक के दौरान मेयर के सामने आत्मदाह की धमकी दी थी। इस कारण बृहस्पतिवार को कोतवाली हल्द्वानी की फोर्स एक दमकल वाहन को लेकर नगर निगम परिसर में खड़ी रही। संघ की ओर से सफाई कर्मी को समझाया गया। इसके बाद उसने आत्मदाह का निर्णय वापस ले लिया। बाद में सफाई कर्मियों ने मेयर को ज्ञापन भी दिया। (माई सिटी रिपोर्टर)