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Nainital News: छात्रसंघ परिवार ने किया राज्य आंदोलनकारियों का सम्मान
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हल्द्वानी। उत्तराखंड रजत जयंती समारोह के उपलक्ष्य पर एमबीपीजी कॉलेज में छात्रसंघ परिवार की ओर से राज्य आंदोलनकारियों को सम्मानित किया गया। पहली बार एमबीपीजी कॉलेज में हुए सम्मान कार्यक्रम में राज्य आंदोलनकारी गदगद हो गए। वक्ताओं ने युवाओं से राज्य आंदोलनकारियों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
छात्रसंघ परिवार ने 150 राज्य आंदोलनकारियों को एक मंच पर सम्मानित करते हुए राज्य आंदोलन में उनके योगदान के लिए उनका सत्कार किया। एमबीपीजी के प्राचार्य डॉ. एनएस बनकोटी ने राज्य आंदोलनकारियों के योगदान के लिए उन्हें नमन किया। मेयर गजराज बिष्ट ने कहा कि राज्य आंदोलन की शुरुआत ही एमबीपीजी कॉलेज से हुई। राज्य आंदोलन में अगर किसी का सबसे ज्यादा योगदान है तो वह मातृशक्ति और आंदोलनकारी। उन्होंने कहा कि पूर्व पीएम ने अटल बिहारी ने नए राज्य के लिए पैकेज देने में एक मिनट देर नहीं की और पूर्व सीएम एनडी तिवारी ने सिडकुल बनाकर यहां के युवाओं को रोजगार देने का काम किया।
आंदोलनकारी ललित जोशी ने कहा कि राज्य तो मिला लेकिन सुविधाओं से आज भी कुमाऊं अछूता है। इससे पूर्व उद्घाटन जिला पंचायत अध्यक्ष दीपा दरम्वाल, मेयर, प्राचार्य के अलावा राज्य आंदोलनकारियों ने किया। दायित्वधारी शंकर कोरंगा ने छात्रों को पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। इस दौरान मोहन पाठक, जगमोहन बगडवाल, सुरेंद्र सिंह रौतेला, हुकुम सिंह कुंवर, कैलाश तिवारी, केदार पडलिया, दिनेश थुवाल, कैलाश साह, तरुण पंत, मोहनी रावत, रेनू जोशी, नीमा भट्ट, आशीष कबडवाल आदि मौजूद रहे।
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छात्रों को राज्य के इतिहास से रुबरू कराने के लिए आयोजन
छात्रसंघ अध्यक्ष अभिषेक गोस्वामी के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम पर छात्रसंघ महासचिव गौरव तिवारी ने कहा कि उनके पिता कैलाश चंद्र तिवारी राज्य आंदोलनकारी रहे। राज्य आंदोलन में उनके संघर्षों की बातें सुनकर दिल में आंदोलनकारियों के प्रति दिल में अलग सम्मान पैदा हुआ। तय किया कि युवाओं को राज्य के इतिहास के बारे में ऐसे आयोजनों से ही समझाया जा सकता है।
छात्रसंघ परिवार ने 150 राज्य आंदोलनकारियों को एक मंच पर सम्मानित करते हुए राज्य आंदोलन में उनके योगदान के लिए उनका सत्कार किया। एमबीपीजी के प्राचार्य डॉ. एनएस बनकोटी ने राज्य आंदोलनकारियों के योगदान के लिए उन्हें नमन किया। मेयर गजराज बिष्ट ने कहा कि राज्य आंदोलन की शुरुआत ही एमबीपीजी कॉलेज से हुई। राज्य आंदोलन में अगर किसी का सबसे ज्यादा योगदान है तो वह मातृशक्ति और आंदोलनकारी। उन्होंने कहा कि पूर्व पीएम ने अटल बिहारी ने नए राज्य के लिए पैकेज देने में एक मिनट देर नहीं की और पूर्व सीएम एनडी तिवारी ने सिडकुल बनाकर यहां के युवाओं को रोजगार देने का काम किया।
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आंदोलनकारी ललित जोशी ने कहा कि राज्य तो मिला लेकिन सुविधाओं से आज भी कुमाऊं अछूता है। इससे पूर्व उद्घाटन जिला पंचायत अध्यक्ष दीपा दरम्वाल, मेयर, प्राचार्य के अलावा राज्य आंदोलनकारियों ने किया। दायित्वधारी शंकर कोरंगा ने छात्रों को पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। इस दौरान मोहन पाठक, जगमोहन बगडवाल, सुरेंद्र सिंह रौतेला, हुकुम सिंह कुंवर, कैलाश तिवारी, केदार पडलिया, दिनेश थुवाल, कैलाश साह, तरुण पंत, मोहनी रावत, रेनू जोशी, नीमा भट्ट, आशीष कबडवाल आदि मौजूद रहे।
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छात्रों को राज्य के इतिहास से रुबरू कराने के लिए आयोजन
छात्रसंघ अध्यक्ष अभिषेक गोस्वामी के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम पर छात्रसंघ महासचिव गौरव तिवारी ने कहा कि उनके पिता कैलाश चंद्र तिवारी राज्य आंदोलनकारी रहे। राज्य आंदोलन में उनके संघर्षों की बातें सुनकर दिल में आंदोलनकारियों के प्रति दिल में अलग सम्मान पैदा हुआ। तय किया कि युवाओं को राज्य के इतिहास के बारे में ऐसे आयोजनों से ही समझाया जा सकता है।