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राज्य को चकबंदी की जरूरत : कोश्यारी
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रामनगर (नैनीताल)। जाति, धर्म और छुआछूत में बंटा समाज विकास नहीं कर सकता है। इसलिए आज भी समाज में समरसता और सहभोज जैसे कार्यक्रमों का आयोजन होना जरूरी है। कहा कि उत्तराखंड को भूमि को चकबंदी की जरूरत है ताकि लोग अपनी भूमि का पूर्ण सदुपयोग कर सकें। यह बात मालधनचौड़ में आयोजित सह भोज कार्यक्रम में पूर्व सीएम भगत सिंह कोश्यारी ने कही।
पर्वतीय जन जाग्रति शिल्पकार समिति की ओर से आयोजित कार्यक्रम में भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि किसी भी सभ्य समाज की परिकल्पना तब तक सार्थक नहीं हो सकती, जब तक समाज में समरसता न हो। बोले, भारत को आज ऐसा प्रधानमंत्री मिला है जिसकी सराहना विश्व की जनता कर ही रही है। प्रधानमंत्री ने आने वाला दशक उत्तराखंड का बताया है, जिसे साकार करने के लिए हमें सामूहिक प्रयास करने होंगे। इसी संकल्प को सार्थक करने के लिए उत्तराखंड के हर ब्लॉक क्षेत्र में जाने का प्रयास कर रहा हूं। उन्होंने पूर्व सैनिकों को अंगवस्त्र ओढ़ाकर और एकल विद्यालय के बच्चों को सम्मानित किया। इस दौरान विधायक दीवान सिंह बिष्ट, संजय डोर्बी, जीतेश टम्टा, मालधन मंडल अध्यक्ष दीपा भारती, ग्रामीण मंडल अध्यक्ष वीरेंद्र रावत आदि रहे।
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पर्वतीय जन जाग्रति शिल्पकार समिति की ओर से आयोजित कार्यक्रम में भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि किसी भी सभ्य समाज की परिकल्पना तब तक सार्थक नहीं हो सकती, जब तक समाज में समरसता न हो। बोले, भारत को आज ऐसा प्रधानमंत्री मिला है जिसकी सराहना विश्व की जनता कर ही रही है। प्रधानमंत्री ने आने वाला दशक उत्तराखंड का बताया है, जिसे साकार करने के लिए हमें सामूहिक प्रयास करने होंगे। इसी संकल्प को सार्थक करने के लिए उत्तराखंड के हर ब्लॉक क्षेत्र में जाने का प्रयास कर रहा हूं। उन्होंने पूर्व सैनिकों को अंगवस्त्र ओढ़ाकर और एकल विद्यालय के बच्चों को सम्मानित किया। इस दौरान विधायक दीवान सिंह बिष्ट, संजय डोर्बी, जीतेश टम्टा, मालधन मंडल अध्यक्ष दीपा भारती, ग्रामीण मंडल अध्यक्ष वीरेंद्र रावत आदि रहे।
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