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राजकीय मेडिकल कॉलेज में फोरेंसिक मेडिसिन विभाग की व्याख्यान शाला में बोले विशेषज्ञ
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हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज में आयोजित सेमिनार में बोलते एम्स दिल्ली के फोरेंसिक मेडिसिन विभाग के ?
हल्द्वानी। राजकीय मेडिकल कॉलेज में फोरेंसिक मेडिसिन विभाग की ओर से व्याख्यानशाला का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्था नई दिल्ली के फोरेंसिक मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. ओपी मूर्ति ने चिकित्सकीय लापरवाही, एकल उपयोग प्लास्टिक के अपशिष्ट के हानिकारक प्रभाव और बायोमेडिकल अपशिष्ट प्रबंधन पर विचार रखते हुए कहा कि उपचार के थोड़ी सी चिकित्सकीय लापरवाही मरीज और चिकित्सक दोनों के लिए हानिकारक है। इससे बचने के लिए चिकित्सक को मरीज के प्रति अति संवेदनशील और सावधान रहना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कभी-कभी मरीज को जो चिकित्सकीय सेवा दी जानी चाहिए वह नहीं पूरी तरह नहीं दी जाती है या गलत परामर्श दिया जाता है। डॉक्टर की गलती के कारण मरीज को नुकसान पहुंचता है तो डाक्टरों की लापरवाही सामने आती है। न्यायविदों की अदालतों में इस लापरवाही को अच्छी तरह परिभाषित किया जा चुका है। कुछ लोग लापरवाही को मानसिक अवस्था भी बताते हैं लेकिन यह सही नहीं है। लापरवाही नकारात्मक अवधारणा से कम नहीं है। लापरवाही का मामला पीड़ित व्यक्ति को नुकसान पहुंचाने से जुड़ा है।
कार्यक्रम में प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा ने पुष्प गुच्छ देकर मुख्य अतिथि का स्वागत किया। व्याख्यानमाला में डॉ. एके सिंह, डॉ. उमेश, डॉ. वीके द्विवेदी, डॉ. परमजीत सिंह, डॉ. विनीता रावत, डॉ. रिचा निरंजन, डॉ. शहजाद, डॉ. विमलेश शर्मा, डॉ. गजाला रिजवी के अलावा मेडिकल कालेज के एमडी, एमएस, एबीबीएस के छात्र-छात्रा मौजूद थे।
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प्लास्टिक से दूर रहने की अपील
एकल प्लास्टिक के अपशिष्ट के हानिकारक प्रभाव की जानकारी देते हुए बताया कि बीते दिनों प्रधानमंत्री ने आईवीआईआई में लाइव ऑपरेशन देखा और बैल के पेट से 50 किलो पॉलिथीन देख पीएम खुद हैरान हो गए। उन्होंने सभी से प्लास्टिक से दूर रहने की अपील की।
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उन्होंने कहा कि कभी-कभी मरीज को जो चिकित्सकीय सेवा दी जानी चाहिए वह नहीं पूरी तरह नहीं दी जाती है या गलत परामर्श दिया जाता है। डॉक्टर की गलती के कारण मरीज को नुकसान पहुंचता है तो डाक्टरों की लापरवाही सामने आती है। न्यायविदों की अदालतों में इस लापरवाही को अच्छी तरह परिभाषित किया जा चुका है। कुछ लोग लापरवाही को मानसिक अवस्था भी बताते हैं लेकिन यह सही नहीं है। लापरवाही नकारात्मक अवधारणा से कम नहीं है। लापरवाही का मामला पीड़ित व्यक्ति को नुकसान पहुंचाने से जुड़ा है।
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कार्यक्रम में प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा ने पुष्प गुच्छ देकर मुख्य अतिथि का स्वागत किया। व्याख्यानमाला में डॉ. एके सिंह, डॉ. उमेश, डॉ. वीके द्विवेदी, डॉ. परमजीत सिंह, डॉ. विनीता रावत, डॉ. रिचा निरंजन, डॉ. शहजाद, डॉ. विमलेश शर्मा, डॉ. गजाला रिजवी के अलावा मेडिकल कालेज के एमडी, एमएस, एबीबीएस के छात्र-छात्रा मौजूद थे।
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प्लास्टिक से दूर रहने की अपील
एकल प्लास्टिक के अपशिष्ट के हानिकारक प्रभाव की जानकारी देते हुए बताया कि बीते दिनों प्रधानमंत्री ने आईवीआईआई में लाइव ऑपरेशन देखा और बैल के पेट से 50 किलो पॉलिथीन देख पीएम खुद हैरान हो गए। उन्होंने सभी से प्लास्टिक से दूर रहने की अपील की।