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कोई लिख रहा है किताब, कोई कर रहा बागवानी
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दीपक नौगाई किताब पढ़कर बिता रहे समय।
- फोटो : HALDWANI
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हल्द्वानी। लॉकडाउन की वजह से अपने घरों में ही रहने को मजबूर लोगों ने समय का सदुपयोग करने के कई रास्ते निकाले हैं। कुमाऊं विश्वविद्यालय में इतिहास विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. अजय रावत इन दिनों उत्तराखंड के सांस्कृतिक इतिहास पर किताब लिख रहे हैं।
उन्होंने बताया कि किताब लिखने के लिए वह इंटरनेट से लेकर किताबों का सहारा ले रहे हैं। उनकी किताब में प्रदेश की स्थापत्य कला, लोक गीत, लोक नृत्य आदि बिंदुओं के बारे में बताया जाएगा। इससे लोग विस्तार से उत्तराखंड के सांस्कृतिक इतिहास को जान सकेंगे। वहीं नैनीताल निवासी कुबेर डंगवाल सुबह से ही बागवानी में लग जाते हैं। साथ ही बच्चों को उनकी पढ़ाई में मदद करते हैं।
रानीबाग के रहने वाले दीपक नौगाई की भी दिनचर्या बदल गई है। पेशे से शिक्षक, दीपक अपना किताबों को पढ़ने का शौक पूरा कर रहे हैं। वह इन दिनों टीएन शेषन और एपीजे अब्दुल कलाम की किताबें पढ़ रहे हैं। हल्द्वानी निवासी सुरेंद्र सिंह बोहरा कविता लेखन के साथ पाक कला में भी हाथ आजमा रहे हैं।
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उन्होंने बताया कि किताब लिखने के लिए वह इंटरनेट से लेकर किताबों का सहारा ले रहे हैं। उनकी किताब में प्रदेश की स्थापत्य कला, लोक गीत, लोक नृत्य आदि बिंदुओं के बारे में बताया जाएगा। इससे लोग विस्तार से उत्तराखंड के सांस्कृतिक इतिहास को जान सकेंगे। वहीं नैनीताल निवासी कुबेर डंगवाल सुबह से ही बागवानी में लग जाते हैं। साथ ही बच्चों को उनकी पढ़ाई में मदद करते हैं।
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रानीबाग के रहने वाले दीपक नौगाई की भी दिनचर्या बदल गई है। पेशे से शिक्षक, दीपक अपना किताबों को पढ़ने का शौक पूरा कर रहे हैं। वह इन दिनों टीएन शेषन और एपीजे अब्दुल कलाम की किताबें पढ़ रहे हैं। हल्द्वानी निवासी सुरेंद्र सिंह बोहरा कविता लेखन के साथ पाक कला में भी हाथ आजमा रहे हैं।
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