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Nainital News: संख्या में कम, सफलता के हर कदम पर दिखाया दम

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Wed, 11 Oct 2023 01:45 AM IST
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Small in numbers, showed strength at every step towards success
:: अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस ::
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संवाद न्यूज एजेंसी
हल्द्वानी। उत्तराखंड में जन्मदर के लिहाज से बेटियों की संख्या भले ही बेटों से कम हैं, लेकिन सफलता के सोपान छूने में वे हर कदम पर पुरुषों से आगे हैं। लिंगानुपात के मामले में उत्तराखंड में 1000 पुरुषों पर 963 महिलाएं हैं। पुरुषों से संख्या में कम होने के बावजूद बेटियों ने हर क्षेत्र में कामयाबी के झंडे बुलंद किए हैं।
बोर्ड की परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन करना हो या उच्च शिक्षा में मेधावियों की सूची में नाम दर्ज कराना या फिर प्रतियोगी परीक्षाओं की बात हो, बेटियों ने खुद को बेटों से बेहतर साबित कर दिखाया है। प्रदेश के राजकीय और केंद्रीय विश्वविद्यालयों में गोल्ड मेडल हासिल करने में भी लड़कियों ने अपना दबदबा कायम किया है।
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स्वर्ण पदक पर बेटियों का कब्जा
- वर्ष 2022 में कुमाऊं विश्वविद्यालय ने 120 मेधावी विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल से नवाजा था। इनमें 95 गोल्ड मेडल लड़कियों के खाते में आए।
- वर्ष 2023 में उत्तराखंड मुक्त विवि ने 27 मेधावियों को गोल्ड मेडल दिए जिनमें 15 छात्राएं थीं।
- वर्ष 2023 में जीबी पंत कृषि एवं प्रोद्योगिकी विवि पंतनगर से 70 में से 48 गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाकर बेटियों ने बाजी मारी।
- वर्ष 2023 में एचएनबी मेडिकल विवि ने गोल्ड मेडल प्राप्त करने वाले 23 डॉक्टरों में 17 बेटियां शामिल थीं।

महिलाएं संभाल रहीं जिले की बागडोर

- वंदना सिंह, डीएम
- डॉ. भागीरथी जोशी, सीएमओ, नैनीताल
- डॉ. तेजस्विनी पाटिल, निदेशक, फॉरेस्ट ट्रेनिंग अकादमी
- दीप्ति सिंह, श्रम आयुक्त
- ऋचा सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट
- विभा दीक्षित, सीओ
- डॉ. सविता ह्यांकी, पीएमएस, बेस अस्पताल
- डॉ. ऊषा जंगपांगी, सीएमएस, महिला अस्पताल
- डॉ. श्वेता भंडारी, एसीएमओ
- रश्मि भट्ट, एआरटीओ
- राशिका सिद्दीकी, सहायक खेल निदेशक

कोट-
कॅरिअर को लेकर लड़कियां सतर्क हैं। लड़कियां व्यर्थ गतिविधियों में समय बर्बाद नहीं करतीं। उनका अधिकतर समय पढ़ाई, कॅरियर और आत्ममंथन पर केंद्रित होता है। आत्मनिर्भर बनने के लिए लड़कियां ऐड़ी-चोटी का जोर लगा रही हैं। इस वजह से सफलता का प्रतिशत लड़कों से ज्यादा है।
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-प्रो. शशि पुरोहित, प्राचार्य, इंदिरा प्रियदर्शनी महिला महाविद्यालय।
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अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस मनाने का मकसद समाज में जागरूकता लाना है। आज के दौर में बेटियां शिक्षा, व्यवसाय, खेल, विज्ञान, राजनीति सभी क्षेत्रों में आगे हैं। अभिभावक भी बेटियों की शिक्षा को लेकर जागरूक हैं। -बेला तोलिया, जिला पंचायत अध्यक्ष, नैनीताल।
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