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छह हजार मीट्रिक टन होगा लीची उत्पादन
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, रामनगर।
Updated Fri, 06 May 2016 12:12 AM IST
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लीची
- फोटो : अमर उजाला
मौसम ने साथ दिया तो इस बार देश विदेश में ख्याति प्राप्त रामनगर लीची का उत्पादन छह हजार मीट्रिक टन होगा। जो पिछले वर्ष के मुकाबले 25 प्रतिशत अधिक है। अधिक लीची उत्पादन से जहां उद्यान विभाग के अधिकारियों में खुशी है। वहीं ठेकेदारों को भी बगीचों पर लगायी गयी रकम से दोगुने लाभ का अनुमान है।
उद्यान प्रभारी एएस परवाल ने बताया रामनगर व आसपास 700 हेक्टेयर क्षेत्र में लीची के बाग हैं। सभी जगह अच्छी फसल होने के कारण छह हजार मीट्रिक टन लीची उत्पादन का अनुमान है। उन्होंने बताया गर्मी अधिक बढ़ने के चलते कई क्षेत्रों की लीची रंगने लगी है। जो दस मई तक बाजार में आ तो जायेगी, लेकिन स्वाद खट्टा होगा। गुलाबों लीची 25 मई के बाद बाजार के आयेगी।
जिसका स्वाद रसगुल्ले से भी मीठा होगा। रामनगर की लीची देश के साथ ही विदेश में भी अपनी अलग पहचान बनाती है। इसका पहला कारण लीची का लाजवाब स्वाद व बेहतरीन रंग। यही वजह है कि लीची को स्थानीय लोगों भी पसंद करते हैं। अब यदि गर्मी, आंधी, तूफान नहीं आया तो लीची का उत्पादन छह हजार मीट्रिक टन होने का अनुमान है।
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उद्यान प्रभारी एएस परवाल ने बताया रामनगर व आसपास 700 हेक्टेयर क्षेत्र में लीची के बाग हैं। सभी जगह अच्छी फसल होने के कारण छह हजार मीट्रिक टन लीची उत्पादन का अनुमान है। उन्होंने बताया गर्मी अधिक बढ़ने के चलते कई क्षेत्रों की लीची रंगने लगी है। जो दस मई तक बाजार में आ तो जायेगी, लेकिन स्वाद खट्टा होगा। गुलाबों लीची 25 मई के बाद बाजार के आयेगी।
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जिसका स्वाद रसगुल्ले से भी मीठा होगा। रामनगर की लीची देश के साथ ही विदेश में भी अपनी अलग पहचान बनाती है। इसका पहला कारण लीची का लाजवाब स्वाद व बेहतरीन रंग। यही वजह है कि लीची को स्थानीय लोगों भी पसंद करते हैं। अब यदि गर्मी, आंधी, तूफान नहीं आया तो लीची का उत्पादन छह हजार मीट्रिक टन होने का अनुमान है।
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