फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   Sick in mountain hospital, patients wandering for treatment

Nainital News: पहाड़ के अस्पताल बीमार, इलाज के लिए भटक रहे मरीज

Fri, 24 Mar 2023 01:33 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल Updated Fri, 24 Mar 2023 01:33 AM IST
विज्ञापन
Sick in mountain hospital, patients wandering for treatment
नैनीताल। जिला मुख्यालय समेत जिले के पर्वतीय क्षेत्रों में स्थित प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में आज भी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। स्वास्थ्य सुविधाएं न होने से गंभीर रोगों से पीड़ित मरीजों को इलाज के लिए हल्द्वानी, बरेली या फिर दिल्ली के अस्पतालों पर निर्भर है। यह स्थिति तब है जबकि कोविड काल के दौरान सरकार ने सरकारी अस्पतालों को साधन संपन्न बनाने के लिए तमाम प्रयास किए लेकिन इसके बाद भी पहाड़ के अधिकतर अस्पताल बीमार स्वास्थ्य ढांचे के आगे लाचार नजर आते हैं।
विज्ञापन




बीडी पांडे अस्पताल में न्यूरो सर्जन नहीं



नैनीताल। कहने को तो पिछले वर्षों के दौरान बीडी पांडे अस्पताल में मरीजों और तीमारदारों के लिए कई सुविधाएं जुटाई गई जिनका लाभ आज भी मरीजों को मिल रहा है। वहीं दूसरी इस अस्पताल में पिछले कई वर्षों से स्त्री रोग विशेषज्ञ और फिजिशियन के एक-एक पद रिक्त हैं जिसके चलते मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। साथ ही अस्पताल में हृदयरोग विशेषज्ञ और न्यूरोसर्जन भी नहीं हैं। सीटी स्कैन मशीन तो है लेकिन सिर में गंभीर चोट लगने वाले व्यक्ति को इस मशीन का लाभ नहीं मिल पाता। कारण अस्पताल में न्यूरोसर्जन नहीं है। ऐसे में मरीजों को हल्द्वानी रेफर कर दिया जाता है।
विज्ञापन


सेनिटोरियम में वर्षों से जंग खा रही हैं मशीनें



नैनीताल। नगर के समीपवर्ती भवाली स्थित सेनिटोरियम में वर्ष 2002 में चेस्ट इंस्टीट्यूट की स्थापना होनी थी। इसके लिए लाखों रुपये खर्च कर भवन भी बनाया गया और चार करोड़ की लागत से अल्ट्रासाउंड मशीन के अलावा सीटी स्कैन, प्लेट गैस एनेलाइजर समेत कई महंगी मशीनें खरीदी गईं। इसके बाद यहां न तो चेस्ट इंस्टीट्यूट ही बना और न ही इन मशीनों का उपयोग हो सका। दो दशक से अधिक समय से यह मशीनें जंग खा रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


ओखलकांडा में टेलीमेडिशन का नहीं मिल रहा लाभ

नैनीताल। तत्कालीन सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अपने कार्यकाल में जिले के सुदूरवर्ती ओखलकांडा क्षेत्र में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में टेलीमेडिशन सुविधा शुरू करने की घोषणा की थी। इसके लिए अस्पताल में कंप्यूटर और इंटरनेट से लेकर तमाम व्यवस्थाएं की गईं लेकिन टेलीमेडिशन सुविधा केवल शुभारंभ तक ही सीमित रही और आज तक ग्रामीणों को इसका लाभ नहीं मिला। यही नहीं अस्पताल में एक्स-रे मशीन तो लगी है लेकिन तकनीकी स्टाफ की तैनाती नहीं हो पाई। अल्ट्रासाउंड की सुविधा तो दूर की कौड़ी है।



सीएचसी भीमताल को अल्ट्रासाउंड मशीन की दरकार



नैनीताल। सीएचसी भीमताल में अल्ट्रासाउंड सुविधा न होने के कारण गर्भवती महिलाओं और अन्य मरीजों को अल्ट्रासाउंड कराने के लिए नैनीताल या हल्द्वानी जाना पड़ता है। स्थानीय लोगों की मांग के बाद भी यहां अल्ट्रासाउंड मशीन नहीं लगाई जा सकी है। कोविड काल में स्थापित हुई एक्स-रे मशीन का लाभ मरीजों को मिल रहा है।


डीएम धीराज सिंह गर्ब्याल का कहना है कि सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को किसी तरह की दिक्कतें न हों इसके लिए विभागीय स्तर पर प्रयास किया जाता है। जिन सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए संसाधन हैं उनका सदुपयोग किया जाए इसके लिए अधिकारियों को निर्देश जारी किए जाते हैं। जिन सरकारी अस्पतालों में संसाधनों की कमी है, विभागीय अधिकारियों से उसकी जानकारी लेकर शासन को भेजी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed