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स्कूल रहे बंद, डीएम को खुली चुनौती
ब्यूरो/अमर उजाला, हल्द्वानी।
Updated Sun, 05 Jul 2015 01:31 AM IST
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फीस में मनमानी वृद्धि और मेंटीनेंस चार्ज के नाम पर अभिभावकों की जेब काट रहे पब्लिक स्कूलों को अब जिलाधिकारी के निर्देशों का भी डर नहीं है। अधिकतर निजी स्कूलों ने अपनी घोषणा के अनुरूप शनिवार को स्कूल बंद रखे। स्कूल खुलने और बंदी के बीच बच्चों और अभिभावकों में जबरदस्त भ्रम की स्थिति बनी रही।
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स्कूलों में मनमानी फीस वृद्धि समेत अन्य शिकायतों को लेकर बियरशिवा और क्वींस पब्लिक स्कूल में जांच के दौरान असामाजिक तत्वों के घुसने के मुद्दे पर पब्लिक स्कूल एसोसिएशन के आह्वान पर शनिवार को पब्लिक स्कूल बंद रहे। जबकि बिड़ला और टिक्कू माडर्न स्कूल खुले रहे।
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इधर, बिना सूचना के स्कूलों को बंद करने के मामले को डीएम दीपक रावत ने गंभीरता से लिया है तथा सभी पब्लिक स्कूलों को नोटिस दिया जाएगा। स्कूलों की मनमानी किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डीएम ने यह भी कहा जांच के दौरान जिन पब्लिक स्कूलों में खामियां पाई गईं उसकी जांच रिपोर्ट मिलने पर कार्रवाई अवश्य की जाएगी।
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बता दें कि शिक्षा विभाग द्वारा गठित जांच टीम ने शुक्रवार को बियरशिवा और क्वींस पब्लिक स्कूल में जांच की। जांच के दौरान शिकायतकर्ताओं भाजयुमो जिलाध्यक्ष विकास भगत, हेमंत गौनियां समेत कई अन्य लोगों को भी बुलाया गया था।
स्कूलों में जांच के दौरान खामियां ही खामियां पाई गईं थी तथा स्कूल फीस से लेकर बिजली, पानी बिल, लाइब्रेरी आदि के बारे में कोई रिकार्ड भी नहीं दे पाए। क्वींस स्कूल में जांच प्रक्रिया के अंत में पहुंचे पब्लिक स्कूल एसोसिएशन के पदाधिकारियों की शिकायतकर्ताओं से नोकझोंक हो गई थी।
पब्लिक स्कूल एसोसिएशन ने बाद में आपात बैठक बुलाकर स्कूलों में जांच के दौरान बाहरी एवं असामाजिक तत्वों के घुसने के विरोध में चार जुलाई से सात दिनों के लिए स्कूल बंद करने का ऐलान कर दिया था। पीएसए की घोषणा के चलते शनिवार को एसोसिएशन से जुड़े पब्लिक स्कूल बंद रहे।
पीएसए के अध्यक्ष प्रवींद्र कुमार रौतेला ने कहा कि स्कूल एसोसिएशन का काम शहर में बेहतर शैक्षणिक माहौल बनाना है न कि स्कूल बंद करना। उन्होंने कहा कि स्कूल में जांच के दौरान वही शिकायतकर्ता जाएं जिसकी शिकायत है बाहरी लोगों का प्रवेश नहीं होना चाहिए तथा पब्लिक स्कूल एसोसिएशन का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष की भावनाओं को आहत करना नहीं है वरन शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करना है।
शनिवार को स्कूल बंद होने से अभिभावकों को हुई परेशानी पर खेद जताया है। पीएसए ने कहा कि हल्द्वानी को शिक्षा के हब के रूप में विकसित करना ही हमारा मकसद है। बाद में शाम को पब्लिक स्कूल एसोसिएशन के पदाधिकारी डीएम से मिलने पहुंचे तथा जांच के दौरान बाहरी लोगों के आने पर आपत्ति जताई।
डीएम ने स्पष्ट शब्दों में स्कूल संचालकों से कहा कि आप सेवादाता हैं बिना प्रशासन की अनुमति के स्कूल कैसे बंद कर दिया। भविष्य में इस तरह की पुनरावृत्ति हुई तो कठोर कार्रवाई होगी।
स्कूल में बाहरी लोगों के घुसने के मुद्दे पर उन्होंने स्कूल संचालक से एफआईआर दर्ज कराने को कहा तो स्कूल वालों ने हाथ खड़े कर दिए जिस पर डीएम ने उन्हें उनकी ही भाषा में समझाया कि जब स्कूल वाले एफआईआर दर्ज नहीं करवा सकते तो अभिभावक शिकायत करने की हिम्मत कैसे जुटाएगा।
डीएम ने कहा कि जिस स्कूल की शिकायत होगी तो जांच टीम के साथ शिकायतकर्ता भी मौजूद रहेगा। फीस जब भी बढ़ाऐंगे तो स्कूल प्रबंधन को पीटीए की सहमति लेनी होगी। जिस भी सुविधा मद पर स्कूल पैसा ले रहा है वो भी स्कूल प्रबंधन को सार्वजनिक करनी होंगी।