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शराब विरोधी आंदोलन में स्कूली बच्चे भी कूदे 

Mon, 10 Apr 2017 01:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो नैनीताल
अमर उजाला ब्यूरो नैनीताल Updated Mon, 10 Apr 2017 01:06 AM IST
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School children in the anti-liquor movement
शराब के खिलाफ प्रदर्शन करते स्कूली बच्चे - फोटो : अमर उजाला
 भुजियाघाट स्थित एनएच से शराब की दुकानों को दोगड़ा गांव में शिफ्ट करने के विरोध में रविवार को सैकड़ों ग्रामीणों ने एनएच पर जुलूस निकालकर शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जुलूस में महिलाओं के साथ ही बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राएं भी अवकाश के बावजूद शामिल हुए। महिलाओं ने चेतावनी दी कि यदि शराब की दुकानों को निरस्त नहीं किया गया, आमरण अनशन पर बैठ जाएंगी। प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन पर शराब व्यवसायी को संरक्षण देने और जनता के आंदोलन की उपेक्षा का आरोप भी लगाया। 
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सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद से शराब की दुकानों को हाइवे से हटाना जरूरी हो गया है। आदेश के बाद से ही शराब व्यवसायी इन दुकानों को हाइवे से सटे ग्रामीण आबादी वाले इलाके में शिफ्ट करने के लिए सक्रिय हो गए हैं, जिसका संबंधित क्षेत्रों के ग्रामीण पुरजोर विरोध कर रहे हैं। रविवार को महिलाओं और स्कूली बच्चों ने दोगड़ा संपर्क मार्ग से एनएच पर आकर डोलमार तक करीब दो किमी तक जुलूस निकाला और जमकर नारेबाजी की। धरना-प्रदर्शन में ग्राम प्रधान नारायण सिंह सूर्या, बीडीसी सदस्य सुंदर लाल, जीवंती देवी, पूर्व जिला पंचायत सदस्य संजय साह, हरगोविंद रावत, ज्योली के ग्राम प्रधान शेखर भट्ट, कमल जंतवाल, पूर्व प्रधान राजेंद्र  सजवान, हरेंद्र दरम्वाल, भगवत, पंकज कुमार, शक्ति, पंकज सूर्या, ममता जीना, तुलसी खाती, गीता देवी, ललिता देवी, कुंदन जीना, प्रेमा किरोला, हंसा जीना, नीमा खाती, कैलाश जीना समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। 
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भुजियाघाट क्षेत्र में शराब की दुकानों को इलाके से हटाने के लिए रविवार को शहीद मुकेश जीना इंटर कॉलेज की छात्र-छात्राएं अवकाश के बावजूद स्कूल ड्रेस में हाथों में शराब विरोधी पोस्टर लेकर आंदोलन में शामिल हुए। उन्होंने ‘शराब नहीं शिक्षा दो’ का नारा लगाकर प्रशासन को जगाने और चेताने की कोशिश की। आंदोलन में शामिल होने के लिए भुजियाघाट, सुर्यागांव, जंतवालगांव, सुर्याजाला, ज्योली, दोगड़ा आदि गांवों से ग्रामीण पिकप और अन्य वाहनों के साथ-साथ पैदल भी यहां पहुंचे। 
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भुजियाघाट और डोलमार में शराब की दुकानें तो अभी नहीं खुली हैं, लेकिन डोलमार में स्थित देशी शराब की दुकान का बोर्ड और रेट लिस्ट अभी भी दुकान पर लगा हुआ है। जबकि, अन्य स्थानों पर 31 मार्च के बाद आदेश लागू होने के बाद इनको हटा दिया गया है, प्रति दिन इस हाइवे से आने-जाने वाले अफसरों, अधिकारियों की नजर इस पर नहीं जा रही है। 


 
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