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हेलीकाप्टर क्रैश की अफवाह ने उड़ाई नींद

Wed, 08 Jun 2016 12:06 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, हल्द्वानी।
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, हल्द्वानी। Updated Wed, 08 Jun 2016 12:06 AM IST
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कार्बेट पार्क से लगे पवलगढ़ और सीतावनी के जंगल में मंगलवार दोपहर एक हेलीकॉप्टर के क्रैश होने की अपवाह ने नैनीताल जिला प्रशासन, पुलिस और वन विभाग की नींद उड़ा दी। तीनों की संयुक्त टीम ने जंगलों की कांबिंग की, लेकिन दुर्घटनाग्रस्त हेलीकॉप्टर का मलबा मिलना तो दूर घटनास्थल की जानकारी तक नहीं मिली। एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) ने उस इलाके में किसी भी हेलीकॉप्टर के उड़ने की पुष्टि नहीं की। लिहाजा, प्रशासन ने सूचना को अफवाह बताया।
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मंगलवार अपराह्न अचानक व्हाट्सएप  ग्रुपों में सीतावनी और पवलगढ़ के जंगलों में एक हेलीकॉप्टर क्रैश होने की सूचना चलने लगी। सूचना के साथ ही हरे कलर के एक हेलीकॉप्टर के मलबे की फोटो भी पोस्ट होने लगी। फोटो सैटेलाइट से ली गई थी। फोटो और सूचना से पुलिस, प्रशासन और वन विभाग में खलबली मच गई। अधिकारियों ने अपने स्तर से सूचना की पुष्टि करने के लिए देहरादून से लेकर दिल्ली तक फोन घुमाए। लेकिन उस इलाके में किसी भी हेलीकॉप्टर के उड़ान भरने की कोई पुष्टि नहीं हुई। एहतियातन प्रशासन, पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीमों ने पवलगढ़ और सीतावनी के जंगलों में कांबिंग की। देर रात तक कांबिंग चली, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली।
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पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक कोटाबाग और आसपास के लोगों ने पूछताछ में दोपहर में करीब दो बजे आसमान में काफी नीचे हेलीकॉप्टर उड़ने की पुष्टि की थी, जिसके बाद ही सर्च अभियान चलाया गया। प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक सूचना फर्जी थी। सूचना हरिद्वार के किसी व्यक्ति के फेसबुक अकाउंट से पोस्ट की गई थी। फेसबुक अकाउंट से कोटाबाग के एक व्यक्ति ने उसे कॉपी कर व्हाट्सएप ग्रुप में पोस्ट कर दिया। यह पोस्ट आग की तरह फैल गई और नैनीताल से दिल्ली तक खलबली मच गई।
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ग्रामीणों ने लगाए अफवाह को ‘पंख’
कई इलाकों में ग्रामीणों ने काफी नीचे उड़ते देखा था हेलीकॉप्टर
हल्द्वानी। हेलीकॉप्टर क्रैश होने की अफवाह को रामनगर, गैबुआ और कोटाबाग के ग्रामीणों ने पंख लगाए। इन इलाकों में ग्रामीणों ने एक हेलीकॉप्टर को काफी नीचे उड़ता देखा था। वन विभाग के अधिकारियों ने भी हेलीकॉप्टर के उड़ने की पुष्टि की। ग्रामीणों के हेलीकॉप्टर के काफी नीचे उड़ने की पुष्टि और सोशल मीडिया में हेलीकॉप्टर क्रैश होने की सूचना को जोड़ दिया, जिससे खलबली मच गई।

जानकारी के मुताबिक सबसे पहले गैबुआ गांव के निक्की तिवाड़ी ने एक हेलीकॉप्टर को काफी नीचे उड़ता देखा। निक्की तिवाड़ी के मुताबिक हेलीकॉप्टर सेना के कलर का था और आसमान में नियंत्रण खो रहा था। उसने सूचना अपने भाई को भी दी, लेकिन कुछ ही मिनट में हेलीकॉप्टर ओझल हो गया। इसके बाद ही हेलीकॉप्टर क्यारी गांव में देखा गया। क्यारी के विनोद बुधानी के मुताबिक हेलीकॉप्टर काफी नीचे उड़ान भर रहा था। अचानक वहां से भी हेलीकॉप्टर ओझल हो गया। वन विभाग के प्रशासनिक अधिकारी हंसा पांगती के मुताबिक वन कर्मियों ने चूनाखान क्षेत्र में उसी हेलीकॉप्टर को काफी नीचे उड़ान भरते हुए देखा। ये सभी ग्रामीण इलाके पवलगढ़ और सीतावनी क्षेत्र के नजदीक आते हैं। सोशल मीडिया पर हेलीकॉप्टर क्रैश होने की अफवाह को काफी नीचे उड़ रहे हेलीकाप्टर से जोड़ दिया गया।


कोट
एसपी सिटी यशवंत सिंह चौहान ने बताया कि मीडिया में हेलीकॉप्टर क्रैश होने की सूचना मिलने के बाद वह पवलगढ़ जंगल गए।  छानबीन के बाद स्पष्ट हुआ कि किसी ने मीडिया ग्रुप में फोटो और सूचना अपलोड कर अफवाह फैलाई है। प्रथमदृष्ट्या फोटो विदेश की प्रतीत हो रही है। इस मामले में फोटो भेजने वाले का एसओजी लिंकअप ढूंढा जा  रहा है।
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