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Nainital News: बारिश से सड़क टूटी, विभाग से उम्मीदें
Wed, 28 May 2025 02:09 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Wed, 28 May 2025 02:09 AM IST
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नैनीताल। नैनीताल-हल्द्वानी मार्ग के विकल्प के रूप बनाई गई देवीधूरा-बसानी सड़क वाहनों की आवाजाही के लायक नहीं है। बरसात में भूस्खलन और भू-कटाव से कई जगहों पर टूटी सड़क को स्थायी उपचार नहीं मिल पाया है, जिससे आगामी बरसात के सीजन में छह से अधिक गांवों के ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
जून 2023 में देवीधूरा-बसानी मार्ग का कार्य पूरा हुआ था। डामरीकरण के बाद प्रशासन की टीम ने सड़क का निरीक्षण किया। इसके बाद सड़क पर यातायात मंजूरी के लिए केमू की बस भी दौड़ाई। प्रशासन की ओर से सड़क को पर्यटन सीजन के लिए बाईपास के रूप में उपयोग करने का भी मन बनाया गया था, लेकिन एक ही बरसात में सड़क कई जगहों पर टूटने के साथ धंस गई।
इससे आगामी बरसात में पापड़ी, बोहरागांव, कोट, बेल गांव आदि के ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
दूसरी बरसात भी नहीं झेल पाया मार्ग
पीएमजीएसवाई ने वाहन चलाने के सड़क बनाई गई, लेकिन 2024 में सड़क दूसरी बरसात को भी नहीं झेल पाई और कई जगहों पर फिर से धंस गई। एक महीने तक आवाजाही बंद रहने पर ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। विभाग ने जेसीबी से मलबा हटाकर धंसी सड़क को समतल किया। बावजूद इसके सड़क वाहनों के चलने लायक नहीं बन पाई।
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कोट
11 से 20 किलोमीटर के बीच सड़क पर मरम्मत कार्य किया गया है। 31 से 32 किमी. पापड़ी क्षेत्र में सड़क अधिक क्षतिग्रस्त है जिस पर वाहन चलाना जोखिम भरा है। शासन को ढाई करोड़ का प्रस्ताव भेजा है। बजट मिलने पर सड़क की मरम्मत की जाएगी। - मनोज कुमार, अधिशासी अभियंता, पीएमजीएसवाई
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जून 2023 में देवीधूरा-बसानी मार्ग का कार्य पूरा हुआ था। डामरीकरण के बाद प्रशासन की टीम ने सड़क का निरीक्षण किया। इसके बाद सड़क पर यातायात मंजूरी के लिए केमू की बस भी दौड़ाई। प्रशासन की ओर से सड़क को पर्यटन सीजन के लिए बाईपास के रूप में उपयोग करने का भी मन बनाया गया था, लेकिन एक ही बरसात में सड़क कई जगहों पर टूटने के साथ धंस गई।
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इससे आगामी बरसात में पापड़ी, बोहरागांव, कोट, बेल गांव आदि के ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
दूसरी बरसात भी नहीं झेल पाया मार्ग
पीएमजीएसवाई ने वाहन चलाने के सड़क बनाई गई, लेकिन 2024 में सड़क दूसरी बरसात को भी नहीं झेल पाई और कई जगहों पर फिर से धंस गई। एक महीने तक आवाजाही बंद रहने पर ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। विभाग ने जेसीबी से मलबा हटाकर धंसी सड़क को समतल किया। बावजूद इसके सड़क वाहनों के चलने लायक नहीं बन पाई।
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कोट
11 से 20 किलोमीटर के बीच सड़क पर मरम्मत कार्य किया गया है। 31 से 32 किमी. पापड़ी क्षेत्र में सड़क अधिक क्षतिग्रस्त है जिस पर वाहन चलाना जोखिम भरा है। शासन को ढाई करोड़ का प्रस्ताव भेजा है। बजट मिलने पर सड़क की मरम्मत की जाएगी। - मनोज कुमार, अधिशासी अभियंता, पीएमजीएसवाई