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Nainital News: रिया ने सिल्वर ग्लव्स छोड़कर भाले को भी स्वर्णिम दूरी तक फेंका

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Wed, 08 Oct 2025 01:21 AM IST
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Riya left the silver gloves and threw the javelin to the golden distance.
हल्द्वानी। अगर हौसलों में उड़ान और जुनून हो तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं। शौकिया तौर पर बॉक्सिंग रिंग से शुरू हुए सफर ने उसे सिल्वर गर्ल बना दो दिया मगर बॉक्सिंग में दूसरे की जिंदगी को जोखिम में पड़ता देख भाले में हाथ आजमाया...। फिर कम समय में भाले में भी बुलंदी पर पहुंच गई। यह कहानी है हल्द्वानी की 16 वर्षीय रिया खड़ायत की। नैनीताल जिले की एक मात्र जेवलिन खिलाड़ी रिया 10 से 14 अक्तूबर तक ओडिशा के भुवनेश्वर में होने वाली जूनियर नेशनल एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करेंगी।
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हल्द्वानी के कमलुवागांजा निवासी रिया खड़ायत व्हाइट हॉल स्कूल लामाचौड़ में 10वीं की छात्रा हैं। रिया के पिता गजेंद्र सिंह बताया कि वर्ष 2021 में कोराना के प्रकोप के कारण स्कूल बंद हो गए थे। बच्चों का अपने दोस्तों से मिलना-जुलना भी बंद हो गया था। घर पर बोर होने और फिट रहने के लिए बेटी ने खेल एकेडमी में जाने की इच्छा जताई। कमलुवागांजा स्थित एक एकेडमी में बेटी का दाखिला करवा दिया। शौकिया तौर पर बेटी अकेले ही बॉक्सिंग सीखने लगी। धीरे-धीरे बेटी की उस खेल में रुचि बढ़ने लगी। छह महीने के प्रशिक्षण में बेटी के अंदर स्कूल स्तर की प्रतियोगिता में भाग लेने लायक जज्बा दिखने लगा। बॉक्सिंग को अपना जुनून बनाने के कारण ट्रायल में प्रदर्शन के आधार रिया का चयन खेल महाकुंभ के लिए हो गया। वह पहली प्रतियोगिता थी जब बॉक्सिंग में रिया ने रजत पदक हासिल किया।
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स्टेट लेवल के मुकाबले देखे जिसमें खिलाड़ी दूसरे प्रतिद्वंद्वी को हराने के लिए मरने-मारने पर उतारू हैं। कहीं खून बह रह तो किसी को बड़ी इंजरी हो रही है। बॉक्सिंग रिंग पर खिलाड़ी अचेत पड़ा है। यह देखकर अचानक रिया का मन परिवर्तन हुआ। वर्ष 2022 में रिया ने इसकी जगह दूसरा खेल ज्वाइन करने का मन बनाया। पिता की सलाह पर रिया ने जेवलिन थ्रो में हाथ आजमाया। कोच महेश सिंह फर्त्याल ने बताया कि रिया ने देहरादून में हुई स्पर्धा में 31 मीटर दूरी तक भाला फेंककर स्वर्ण पदक जीता था। इसके आधार पर उनका चयन किया गया है। रिया ने पिछले महीने प्रयागराज में हुई नॉर्थ जोन चैंपियनशिप में चौथा स्थान हासिल किया।
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घर में खोल दिया जिम

रिया के जेवलिन थ्रो के प्रति लगाव को देखते हुए गजेंद्र सिंह ने बेटी के लिए घर में वर्कआउट करने के लिए एक कमरे को मिनी जिम का रूप दे दिया। इस वर्ष रिया का हाईस्कल का बोर्ड है। खेल के साथ-साथ रिया पढ़ाई पर भी पूरा ध्यान लगाती हैं। दोनों के बीच सामंजस्य बनाकर चलने वाली रिया के परिजनों को उम्मीद है कि बेटी पढ़ाई में भी अच्छा प्रदर्शन करेगी। पिता का कहना है कि खेल प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए कई बार छुट्टी लेनी पड़ती है। ऐसे में स्कूल की ओर से पूरा सहयोग किया जाता है। पिता के मुताबिक बेटी अपने खेल के लिए रोजाना सुबह पांच बजे उठकर चार किमी तक रनिंग करती है। जिम में कसरत फिर स्कूल के लिए तैयार होती है। रिया के पिता गजेंद्र सिंह खड़ायत परचून की दुकान चलाते हैं जबकि माता आशा खड़ायत गृहिणी हैं। रिया ओडिशा में होने वाली प्रतियोगिता के लिए बुधवार को पिता और कोच के साथ जाएंगी।




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