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मानव वन्य जीव संघर्ष की बढ़ती घटनाएं चुनौती: मिश्रा
Sat, 27 Dec 2025 02:45 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Sat, 27 Dec 2025 02:45 AM IST
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हल्द्वानी। प्रमुख वन संरक्षक रंजन मिश्रा ने मानव वन्य जीव संघर्ष की बढ़ती घटनाओं को चुनौती बताया है। उन्होंने कहा कि इससे निबटने के लिए विभाग हर जरूरी कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए ग्रामीणों का जागरूक होना भी बेहद जरूरी है।
शुक्रवार को एफटीआई में पत्रकारों से बातचीत में मिश्रा ने कहा कि मानव वन्य जीव संघर्ष से ग्रामीणों का जीवन व आजीविका दोनों ही प्रभावित होती है। इसे देखते हुए विभाग ने गांवों में जनजागरूकता अभियान शुरू किया है। उन्होंने कहा कि जैविक कूड़ा निस्तारण सही से न होने के कारण भी जंगली जानवर आबादी की ओर आ रहे हैं। जंगलों में पर्याप्त मात्रा में भोजन न मिलने के कारण भालू आबादी की ओर आ रहे हैं। बारिश और बर्फवारी न होना भी इसका कारण है। कहा कि भालू जैविक कूड़े की ओर भी आकर्षित होता है। इससे संघर्ष की स्थिति पैदा होती है। उन्होंने बताया कि सभी डीएफओ को निर्देश दिए गए हैं कि वन्यजीव की सूचना मिलने पर संबंधित क्षेत्रों में गश्त तेज कराएं, फॉक्स लाइट, एनाइडर्स से वन्यजीवों को गांव में आने से रोका जाए।
कहा कि वनाग्नि की घटनाएं न हो इसके लिए विभाग समय से फायर लाइनों की सफाई व कंट्रोल बर्निंग जैसे काम कर रहा है। डीएफओ, एसडीओ, रेंजरों को निर्देश दिए गए हैं कि जब भी कंट्रोल बर्निंग करें तो ग्रामीणों के साथ मीडिया को भी बताएं ताकि लोग जागरूक हो सके। जंगलों से धुआं निकलता देख लोग उसे वनाग्नि समझते हैं, जिससे गलत संदेश जाता है।
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शुक्रवार को एफटीआई में पत्रकारों से बातचीत में मिश्रा ने कहा कि मानव वन्य जीव संघर्ष से ग्रामीणों का जीवन व आजीविका दोनों ही प्रभावित होती है। इसे देखते हुए विभाग ने गांवों में जनजागरूकता अभियान शुरू किया है। उन्होंने कहा कि जैविक कूड़ा निस्तारण सही से न होने के कारण भी जंगली जानवर आबादी की ओर आ रहे हैं। जंगलों में पर्याप्त मात्रा में भोजन न मिलने के कारण भालू आबादी की ओर आ रहे हैं। बारिश और बर्फवारी न होना भी इसका कारण है। कहा कि भालू जैविक कूड़े की ओर भी आकर्षित होता है। इससे संघर्ष की स्थिति पैदा होती है। उन्होंने बताया कि सभी डीएफओ को निर्देश दिए गए हैं कि वन्यजीव की सूचना मिलने पर संबंधित क्षेत्रों में गश्त तेज कराएं, फॉक्स लाइट, एनाइडर्स से वन्यजीवों को गांव में आने से रोका जाए।
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कहा कि वनाग्नि की घटनाएं न हो इसके लिए विभाग समय से फायर लाइनों की सफाई व कंट्रोल बर्निंग जैसे काम कर रहा है। डीएफओ, एसडीओ, रेंजरों को निर्देश दिए गए हैं कि जब भी कंट्रोल बर्निंग करें तो ग्रामीणों के साथ मीडिया को भी बताएं ताकि लोग जागरूक हो सके। जंगलों से धुआं निकलता देख लोग उसे वनाग्नि समझते हैं, जिससे गलत संदेश जाता है।
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