{"_id":"63374530ae64bd196630f652","slug":"revised-cut-off-list-of-pcs-exam-banned-nainital-news-hld477533674","type":"story","status":"publish","title_hn":"PCS Exam: संशोधित कट ऑफ लिस्ट पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक, पढ़ें क्या है पूरा मामला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
PCS Exam: संशोधित कट ऑफ लिस्ट पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक, पढ़ें क्या है पूरा मामला
Sat, 01 Oct 2022 10:59 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Published by: हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sat, 01 Oct 2022 10:59 AM IST
सार
संशोधित कट ऑफ सूची में राज्य की आरक्षित श्रेणी के अनुसूचित जाति-जनजाति की महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। इस फैसले को चुनौती देने के लिए दायर की गई याचिका पर सुनवाई हुई।
विज्ञापन
नैनीताल हाईकोर्ट
- फोटो : फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
नैनीताल हाईकोर्ट ने उत्तराखंड राज्य लोक सेवा आयोग की ओर से जारी पीसीएस परीक्षा परिणाम की संशोधित कट ऑफ लिस्ट पर फिलहाल रोक लगा दी है। संशोधित कट ऑफ सूची में राज्य की आरक्षित श्रेणी के अनुसूचित जाति-जनजाति की महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। इस फैसले को चुनौती देने के लिए दायर की गई याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने राज्य लोकसेवा आयोग को 11 अक्तूबर तक जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी एवं न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की खंडपीठ में मेरठ निवासी सत्य देव त्यागी की जनहित याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई हुई। याचिका में कहा गया है कि 22 सितंबर 2022 को उत्तराखंड लोक सेवा आयोग ने पीसीएस परीक्षा की संशोधित कट ऑफ अंक की सूची जारी की। इस सूची में उत्तराखंड की आरक्षित श्रेणी की महिला अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति को 30 फीसदी आरक्षण दिया जा रहा है।
विज्ञापन
यह तब है जबकि राज्य सरकार की ओर से 2006 की नियमावली के आधार पर राज्य की महिलाओं को दिए जा रहे 30 फीसदी क्षैतिज आरक्षण पर हाईकोर्ट ने रोक लगाई हुई है। इसके विरुद्ध आरक्षण हाईकोर्ट के आदेश का उल्लंघन है। अदालत ने पक्षों को सुनने के बाद फिलहाल सूची पर रोक लगाते हुए उत्तराखंड लोक सेवा आयोग को 11 अक्तूबर तक मामले में जवाब देने के निर्देश दिए।
विज्ञापन