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International Border: उच्च हिमालयी क्षेत्र की बदहाल संचार सेवाओं पर हाईकोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब
Wed, 28 Sep 2022 10:03 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Published by: हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Wed, 28 Sep 2022 10:03 AM IST
सार
अदालत में पेश प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि इस क्षेत्र में नेपाल की मोबाइल सेवा के सिग्नल तो आते हैं लेकिन भारतीय संचार कंपनियों का नेटवर्क नहीं है।
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नैनीताल हाईकोर्ट
- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
पिथौरागढ़ जिले के धारचूला-मुनस्यारी के उच्च हिमालयी क्षेत्र की बदहाल संचार सेवाओं का स्वत: संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से जवाब तलब किया है। चीन-तिब्बत और नेपाल की अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे भारतीय इलाके के लोग खराब संचार समस्या को दूर करने की मांग कई बार उठा चुके हैं।
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मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी एवं न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की खंडपीठ के समक्ष मंगलवार को मामले की सुनवाई हुई। अदालत में इस संबंध में पेश प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि इस क्षेत्र में नेपाल की मोबाइल सेवा के सिग्नल तो आते हैं लेकिन भारतीय संचार कंपनियों का नेटवर्क नहीं है। पिथौरागढ़ जिला खासकर उच्च हिमालयी क्षेत्र सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। धारचूला, मुनस्यारी क्षेत्र में खराब संचार सेवा का मामला आज की डिजिटल क्रांति के दौर में भी हल नहीं हो सका है।
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धारचूला नगर पंचायत क्षेत्र तक में बीएसएनएल समेत अन्य मोबाइल कंपनियों के सिंग्नल नहीं मिलते। कई बार बात करने के लिए ऊंची पहाड़ियों पर जाना पड़ता है। इस क्षेत्र में आईटीबीपी के साथ ही कुमाऊं स्काउट भी तैनात है। संचार सेवाओं की दिक्कतों की वजह से उन्हें भी कई बार परेशानी होती है। इसलिए इस क्षेत्र में मोबाइल टावर लगाए जाएं। मामले में कोर्ट ने केंद्र सरकार को चार सप्ताह में जवाब पेश करने के लिए कहा है।
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