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Nainital News: बीडी पांडे अस्पताल की भूमि से हटाएं अतिक्रमण

Wed, 23 Aug 2023 01:01 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल Updated Wed, 23 Aug 2023 01:01 AM IST
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Remove encroachment from the land of BD Pandey Hospital
नैनीताल। हाईकोर्ट ने नैनीताल के जिलाधिकारी और उपजिलाधिकारी को बीडी पांडे अस्पताल की भूमि पर हुए अतिक्रमण को तत्काल प्रभाव से हटाने के आदेश दिए हैं।
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मंगलवार को मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी और न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खंडपीठ ने नैनीताल निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक अशोक लाल साह की जनहित याचिका पर यह निर्णय सुनाया है। साह ने कोर्ट में अस्पताल की बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर जनहित याचिका दायर की थी। खंडपीठ ने मामले को सुनने के बाद सरकार से अस्पताल की भूमि को तत्काल अतिक्रमणमुक्त कराने के लिए कहा है। इससे पहले हुई सुनवाई में खंडपीठ ने सरकार से अस्पताल की भूमि पर हुए कब्जे की विस्तृत जानकारी मांगी थी। याचिकाकर्ता का कहना था कि अस्पताल में इलाज कराने के लिए दूर-दूर से मरीज आते हैं। जिले का मुख्य अस्पताल होने के बावजूद यहां से छोटी-छोटी जांच के लिए मरीजों को हल्द्वानी भेज दिया जाता है। याची ने अस्पताल में सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। सुनवाई के दौरान अस्पताल की 1.49 एकड़ भूमि पर कब्जा होने की जानकारी कोर्ट के संज्ञान में लाई गई। इस पर कोर्ट ने जिलाधिकारी से रिपोर्ट मांगी थी। प्रशासन की रिपोर्ट में अस्पताल की भूमि पर अतिक्रमण होने की पुष्टि हुई थी। मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने अस्पताल की 1.49 एकड़ भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराने के आदेश जिलाधिकारी और एसडीएम को दिए। बताया जा रहा है कि इस क्षेत्र में सौ से अधिक अतिक्रमण किए गए हैं जिन्हें तत्काल हटाया जाना है।

पूर्व में भी हो चुकी है सुविधाएं बढ़ाने की मांग
नैनीताल। बीडी पांडे अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने की मांग पूर्व में भी होती रही है। भवाली स्थित सैनिटोरियम को मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल बनाने संबंधी याचिका में न्यायमूर्ति राजीव शर्मा ने बीडी पांडे अस्पताल में भी कार्डियक केयर यूनिट, चिकित्सा वार्ड की स्थापना, ह्रदय रोग और स्त्री रोग विशेषज्ञ की तैनाती कराने, महिला और पुरूष अस्पताल में डाक्टरों, पैरामेडिकल और मिनिस्ट्रीयल स्टाफ के रिक्त पदों को भरने के लिए जरूरी होने पर इंटरव्यू कराने, सेंट्रल हीटिंग व्यवस्था शुरू कराने व जनरेटर स्थापित कराने के निर्देश दिए थे। कोर्ट के इस निर्देश के बाद स्वास्थ्य महकमे ने अस्पताल की अधिकांश कमियों को पूरा कर दिया था लेकिन कार्डियक केयर यूनिट अभी तक स्थापित नहीं हुई है। माई सिटी रिपोर्टर
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यह था मामला

नैनीताल। बीडी पांडे अस्पताल की भूमि पर अतिक्रमण हटाने को लेकर वर्ष 2012 में भी एक जनहित याचिका हाईकोर्ट में दायर हुई थी जिस पर वर्ष 2015 में हाईकोर्ट ने निर्णय देते हुए अस्पताल परिसर के आसपास 1.49 एकड़ भूमि से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे।
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हाईकोर्ट के इस आदेश के खिलाफ कुछ लोग सुप्रीम कोर्ट चले गए थे लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में हस्तक्षेप करने से इन्कार करते हुए उनसे जिला प्रशासन के समक्ष अपना पक्ष रखने के लिए कहा था। इसके बाद प्रभावित लोगों ने तत्कालीन डीएम के समक्ष अपना पक्ष रखा लेकिन डीएम ने उन्हें कोई राहत नहीं दी। जिला प्रशासन से किसी तरह की राहत न मिलने पर आठ लोगों ने सिविल कोर्ट में वाद दायर किया लेकिन इस वाद पर किसी तरह का कोई फैसला नहीं आया।

वर्तमान याचिका में जब हाईकोर्ट ने सरकार से अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधांए विकसित करने के बावत पूछा तो प्रशासन और सरकार ने कोर्ट को बताया कि अस्पताल परिसर में सुविधाएं विकसित करने के लिए भूमि का अभाव है। इस पर कोर्ट ने भूमि संबंधी रिकार्ड मंगाए तो यह तथ्य सामने आया कि अस्पताल की भूमि पर काबिज परिवारों को कहीं से कोई स्टे नहीं मिला है। इस पर कोर्ट ने जमीन पर हुए कब्जे के मामले को भी संज्ञान में लिया और जिला प्रशासन को अस्पताल की भूमि से कब्जा हटाने के आदेश दे दिए। माई सिटी रिपोर्टर
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