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Nainital News: शासन के खिलाफ गरजे नियमित वर्कचार्जकर्मी, पेंशन शासनादेश की होली जलाई

Tue, 20 Jan 2026 10:35 AM IST
गायत्री जोशी संवाद न्यूज एजेंसी
संवाद न्यूज एजेंसी Published by: गायत्री जोशी Updated Tue, 20 Jan 2026 10:35 AM IST
सार

प्रदेश सरकार के नए पेंशन शासनादेश के खिलाफ नैनीताल में वर्कचार्ज कर्मचारियों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया और आदेश वापस न लेने पर प्रदेश व्यापी आंदोलन की  चेतावनी दी।

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Regular work-charge employees protested against the government, burning copies of the pension order
शासनादेश की प्रतियां जलाकर विरोध करते कर्मचारी। - फोटो : संवाद

विस्तार

नैनीताल में प्रदेश शासन की ओर से जारी पेंशन संबंधी नए शासनादेश के खिलाफ सोमवार को लोक निर्माण विभाग एवं सिंचाई विभाग के नियमित वर्कचार्ज कर्मचारियों ने मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को सेवारत कर्मचारियों व पेंशनर्स ने दर्शनघर पार्क में धरना देकर प्रदर्शन किया। इसके बाद वे जुलूस की शक्ल में तल्लीताल डांठ पर गांधी मूर्ति के समक्ष पहुंचे जहां शासनादेश की प्रतियां जलाकर गुस्से का इजहार किया। चेतावनी दी कि यदि यह शासनादेश वापस नहीं लिया गया तो प्रदेश व्यापी आंदोलन होगा।

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दर्शनघर पार्क में हुई सभा में संगठन के प्रदेश संयोजक गिरीश चंद्र जोशी ने कहा कि 16 जनवरी 2026 को जारी शासनादेश में एक अक्तूबर 2005 के बाद नियमित हुए वर्कचार्ज कार्मिकों की दस वर्ष की सेवा पूर्ण होने पर ही पेंशन की परिधि में रखा गया है जो व्यावहारिक नहीं है। वर्कचार्ज कर्मचारियों को दी जा रही पेंशन सरकार की कृपा से नहीं है। कर्मचारी संगठनों ने देश की सर्वोच्च न्यायालय में लड़ाई लड़ने के बाद इसे प्राप्त किया है। अब सरकार कई वर्षों तक किए संघर्ष के बाद मिले कार्मिकों के हक को छीनना चाहती है। इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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जिला सचिव गोधन सिंह नेगी ने कहा कि शासन के इस आदेश से दोनों विभागों के प्रदेश भर के लगभग 3000 कार्मिकों के भविष्य पर सवालिया निशान लग गया है। आर्थिक हालात के चलते उनके द्वारा उठाए गए किसी भी कदम की जिम्मेदार प्रदेश सरकार होगी। हरीश सिंह ने कहा कि 1980 से 2025 तक लोनिवि व सिंचाई विभाग में नियमित हुए तथा असामायिक मृत्यु का शिकार हुए कार्मिकों के आश्रितों को उनका हक नहीं दिया जा रहा है, जबकि कुमाऊं में 200 पद रिक्त हैं। चेतावनी दी गई कि शासनादेश वापस नहीं लेने पर रणनीति तय कर वृहद आंदोलन किया जाएगा।

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प्रदर्शनकारियों में कुंदन सिंह, हेमा देवी, किशन सिंह, पूरन सिंह, विद्या सागर, हेमा देवी, गोपाल सिंह, राजन राम, गणेश चंद्र, कृपाल सिंह, सुरेश बहादुर, देव राम, राम लाल आदि रहे।

 

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