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दशकों बाद दिखी दुर्लभ तजुरिया याजना-याजना तितली
कैलाश पाठक/अमर उजाला, नैनीताल
Updated Fri, 20 Feb 2015 01:58 AM IST
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वन विभाग ने भारत में पहली बार दुर्लभ तितली ‘तजुरिया याजना-याजना’ का पता लगाया है। विभाग की सर्वे टीम ने इस तितली का तस्वीर बागेश्वर जिले में इसी माह ली है।
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मुख्य वन संरक्षक कुमाऊं परमजीत सिंह के निर्देशन में पिछले तीन माह से कुमाऊं के विभिन्न क्षेत्रों में तितलियों की पारिस्थितिकी का पता लगाए जाने के लिए कराए जा रहे सर्वे में वन विभाग को बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। सर्वे से प्राप्त हुई तस्वीरों में एक तस्वीर लाइकाइनेडेई फैमिली की ‘तजुरिया याजना-याजना’ (चेस्टनट एंड ब्लैक रॉयल) नामक अत्यंत दुर्लभ तितली की है। यह तितली भारत में सिर्फ उत्तराखंड में ही पाई जाती है। हाल के कुछ दशकों से उत्तराखंड में भी इस प्रजाति की तितली के पाए जाने का प्रमाण नहीं था।
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सर्वे दल के प्रमुख एवं सांख्यिकी अधिकारी कार्यालय मुख्य वन संरक्षक शंकर कुमार ने इस तितली की तस्वीर इसी महीने बागेश्वर जिले के घिघारुतोला गांव में ली गई है। उन्होंने बताया कि सर्वे में करीब सौ प्रजातियों की तितलियों का अध्ययन किया गया। तितलियां पर्यावरण में सूक्ष्म परिवर्तनों से अत्यंत प्रभावित होती हैं। तितलियों के विशेष अध्ययन से उस स्थान के पारिस्थितिकीय तंत्र का पता लगाया जा सकता है। इस सर्वे का उद्देश्य कुमाऊं में पारिस्थितिकीय तंत्र का पता लगाना है। भारतीय वन्य जीव अधिनियम 1972के शेड्यूल एक के भाग चार में इस तितली का जिक्र है।
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यह वन विभाग के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। विभाग द्वारा कराए जा रहे सर्वे के अध्ययन से पता लगता है कि पर्यावरण संरक्षण में तितलियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। विभाग भविष्य में भी इस तरह के सर्वे कराता रहेगा।
- परमजीत सिंह, मुख्य वन संरक्षक कुमाऊं।