{"_id":"682ce85a3173b86668074473","slug":"rape-accused-usman-did-not-get-bail-plea-rejected-haldwani-news-c-8-bly1004-567173-2025-05-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Nainital News: दुष्कर्म के आरोपी उस्मान को नहीं मिली जमानत, अर्जी खारिज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Nainital News: दुष्कर्म के आरोपी उस्मान को नहीं मिली जमानत, अर्जी खारिज
विज्ञापन
हल्द्वानी। नैनीताल में नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी उस्मान को विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) की अदालत से मंगलवार को भी राहत नहीं मिली है। कोर्ट ने आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने आरोपी के तीन वाहनों में से दो को रिलीज करने के आदेश किए।
पिछले दिनों एक बच्ची से दुष्कर्म का मामला सामने आने के बाद नैनीताल में सांप्रदायिक तनाव की स्थिति पैदा हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने 30 अप्रैल को ठेकेदार उस्मान के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया था। मंगलवार को यहां विशेष न्यायाधीश सुधीर कुमार तोमर की अदालत में आरोपी की जमानत अर्जी और आरोपी के वाहन रिलीज करने के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई हुई।
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने कोर्ट के समक्ष कहा कि उस्मान पर झूठा आरोप लगाया गया है। घटना 12 अप्रैल की बताई गई, जबकि रिपोर्ट 30 अप्रैल को दर्ज कराई गई है। एफआईआर में पीड़िता की उम्र को लेकर भी संदेह जताया गया। कोर्ट को यह भी बताया गया कि जिस स्थान को गैराज कहकर घटनास्थल बताया गया, वह गैराज नहीं बल्कि एक गोदाम है। वाहन गोदाम में नहीं, बल्कि सड़क किनारे खड़े होते हैं। अधिवक्ता का कहना था कि पिछले एक दशक से आरोपी के घर पर महिला काम कर रही है, लेकिन अब तक कभी ऐसे आरोप नहीं लगे।
विज्ञापन
वहीं दूसरी ओर अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता ने अपने तर्कों के आधार पर आरोपी को जमानत देने का विरोध किया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद विद्वान न्यायाधीश ने आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी। न्यायालय ने आरोपी के दो वाहनों को रिलीज करने के आदेश किए, जबकि एक वाहन को पुलिस के कब्जे में ही रखने को कहा है। माई सिटी रिपोर्टर
-- -- -- -- -- --
विज्ञापन
पिछले दिनों एक बच्ची से दुष्कर्म का मामला सामने आने के बाद नैनीताल में सांप्रदायिक तनाव की स्थिति पैदा हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने 30 अप्रैल को ठेकेदार उस्मान के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया था। मंगलवार को यहां विशेष न्यायाधीश सुधीर कुमार तोमर की अदालत में आरोपी की जमानत अर्जी और आरोपी के वाहन रिलीज करने के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई हुई।
विज्ञापन
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने कोर्ट के समक्ष कहा कि उस्मान पर झूठा आरोप लगाया गया है। घटना 12 अप्रैल की बताई गई, जबकि रिपोर्ट 30 अप्रैल को दर्ज कराई गई है। एफआईआर में पीड़िता की उम्र को लेकर भी संदेह जताया गया। कोर्ट को यह भी बताया गया कि जिस स्थान को गैराज कहकर घटनास्थल बताया गया, वह गैराज नहीं बल्कि एक गोदाम है। वाहन गोदाम में नहीं, बल्कि सड़क किनारे खड़े होते हैं। अधिवक्ता का कहना था कि पिछले एक दशक से आरोपी के घर पर महिला काम कर रही है, लेकिन अब तक कभी ऐसे आरोप नहीं लगे।
विज्ञापन
वहीं दूसरी ओर अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता ने अपने तर्कों के आधार पर आरोपी को जमानत देने का विरोध किया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद विद्वान न्यायाधीश ने आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी। न्यायालय ने आरोपी के दो वाहनों को रिलीज करने के आदेश किए, जबकि एक वाहन को पुलिस के कब्जे में ही रखने को कहा है। माई सिटी रिपोर्टर