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Nainital News: छापे मारे तो दुकानों पर मिल गईं स्कूलों से भेजीं किताबों की लिस्ट
Wed, 02 Apr 2025 02:27 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Wed, 02 Apr 2025 02:27 AM IST
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हल्द्वानी। प्रशासनिक अधिकारियों ने राज्य कर और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ मंगलवार को शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में किताबों और स्कूली ड्रेस की दुकानों पर छापे मारे। इस दौरान सांठगांठ का खुलासा हो गया। कई दुकानों पर स्कूलों से भेजी गई किताबों की लिस्ट मिलीं। छापे के दौरान अभिभावकों को पक्के बिल न देने, बगैर आईएसबीएन नंबर की पुस्तकें बेचने के मामले भी पकड़ में आए।
नया शिक्षा सत्र शुरू होते ही शहर के निजी स्कूलों व पुस्तक विक्रेताओं की मनमानी की शिकायतें सामने आ रही थीं। अमर उजाला ने इस मामले की खबरें प्रमुखता से प्रकाशित कीं। गंभीर हुए प्रशासन ने छापे की योजना बनाई। आला अफसरों के निर्देश पर मंगलवार को सिटी मजिस्ट्रेट एपी बाजपेयी, एसडीएम परितोष वर्मा व लालकुआं के तहसीलदार युगल किशोर पांडे के नेतृत्व में तीन टीमें गठित की गईं। इनमें राज्य कर के एक-एक अधिकारी के साथ ही शिक्षा विभाग से बीईओ तारा सिंह और दो प्रधानाचार्य शामिल किए गए।
इन टीमों ने पूरन एंड संस को दो फर्मों, टू-डेज बुक डिपो, करिअर जोन पीलीकोठी, जस्ट बुक्स, प्रीति बुक सेलर, प्रिंस हल्द्वानी, प्रीत ठंडी सड़क, आनंदी बुक सेलर, वर्धमान बुक डिपो के अलावा ड्रेस विक्रेता सुम संस, मित्रों की दुकान, लुधियाना क्लाथ हाउस पर छापे मारे। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि पुस्तक विक्रेताओं के यहां स्कूलों से भेजी गई कॉपी किताबों की सूचियां मिली हैं। दुकानों पर एनसीईआरटी की किताबों के अलावा रेफरेंस बुकें भी मिली हैं, जिनकी कीमत एनसीईआरटी की पुस्तकों से कहीं अधिक पाई गई। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि ऐसे सभी विद्यालयों को शिक्षा विभाग नोटिस जारी करेगा।
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खाता बही भी मिले गड़बड़, होगी जांच
अधिकारियों ने दुकानदारों से कॉपी-किताबों और ड्रेस की खरीद फरोख्त संबंधी आवश्यक दस्तावेज लेकर उनकी जांच की। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि अधिकांश पुस्तक विक्रेता अभिभावकों को पक्के बिल नहीं दे रहे थे। जीएसटी और नॉन जीएसटी को अलग-अलग नहीं कर रहे थे। उनके पास स्टॉक मेंटेन नहीं था और न ही वह स्टॉक की जानकारी दे पाए। उन्होंने बताया कि इस पर राज्य कर विभाग ने कई पुस्तक विक्रेताओं की बिल बुकें जब्त की हैं, जिनकी जांच की जाएंगी। जांच के बाद विभागीय नियमानुसार पुस्तक विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई होगी।
यदि कोई पुस्तक विक्रेता या स्कूल जबरन महंगी किताबें खरीदने के लिए अभिभावकों को मजबूर करता मिलेगा तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी। -एपी बाजपेयी, सिटी मजिस्ट्रेट
अभिभावकों के लिए हवा-पानी के इंतजाम के निर्देश
छापे के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट को अधिकांश पुस्तक विक्रेताओं के यहां अभिभावकों की काफी भीड़ मिली। दुकानों पर अभिभावकों के लिए मूलभूत सुविधाएं नहीं थी। इस पर उन्होंने पुस्तक विक्रेताओं को ग्राहकों के लिए वेटिंग एरिया बनाने, पेयजल उपलब्ध कराने व पंखे-कूलर की सुविधा जुटाने के निर्देश दिए।
दुकानों पर अनावश्यक परेशान न हों अभिभावक
सिटी मजिस्ट्रेट एपी बाजपेयी ने अभिभावकों से अपील की है कि वे पुस्तक विक्रेताओं के यहां अनावश्यक भीड़ न जुटाएं। उन्होंने कहा कि अभिभावकों को पुस्तकों की खरीद के लिए 20 अप्रैल तक का समय दिया गया है। ऐसे में पुस्तकों की खरीद में जल्दबाजी न करें।
विभागीय ई-मेल पर नहीं आ रहीं शिकायतें
नए शिक्षा सत्र के शुरू होते ही निजी स्कूल प्रबंधकों और पुस्तक विक्रेताओं के खिलाफ तमाम संगठन लामबंद होने लगते हैं। इसे देखते हुए शिक्षा विभाग ने ई-मेल आईडी जारी की थी ताकि कोई भी व्यक्ति शिकायत दर्ज करा सके। इसके बावजूद अभी तक विभागीय मेल पर किसी भी अभिभावक ने स्कूल अथवा पुस्तक विक्रेता की शिकायत नहीं की है।
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नया शिक्षा सत्र शुरू होते ही शहर के निजी स्कूलों व पुस्तक विक्रेताओं की मनमानी की शिकायतें सामने आ रही थीं। अमर उजाला ने इस मामले की खबरें प्रमुखता से प्रकाशित कीं। गंभीर हुए प्रशासन ने छापे की योजना बनाई। आला अफसरों के निर्देश पर मंगलवार को सिटी मजिस्ट्रेट एपी बाजपेयी, एसडीएम परितोष वर्मा व लालकुआं के तहसीलदार युगल किशोर पांडे के नेतृत्व में तीन टीमें गठित की गईं। इनमें राज्य कर के एक-एक अधिकारी के साथ ही शिक्षा विभाग से बीईओ तारा सिंह और दो प्रधानाचार्य शामिल किए गए।
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इन टीमों ने पूरन एंड संस को दो फर्मों, टू-डेज बुक डिपो, करिअर जोन पीलीकोठी, जस्ट बुक्स, प्रीति बुक सेलर, प्रिंस हल्द्वानी, प्रीत ठंडी सड़क, आनंदी बुक सेलर, वर्धमान बुक डिपो के अलावा ड्रेस विक्रेता सुम संस, मित्रों की दुकान, लुधियाना क्लाथ हाउस पर छापे मारे। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि पुस्तक विक्रेताओं के यहां स्कूलों से भेजी गई कॉपी किताबों की सूचियां मिली हैं। दुकानों पर एनसीईआरटी की किताबों के अलावा रेफरेंस बुकें भी मिली हैं, जिनकी कीमत एनसीईआरटी की पुस्तकों से कहीं अधिक पाई गई। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि ऐसे सभी विद्यालयों को शिक्षा विभाग नोटिस जारी करेगा।
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खाता बही भी मिले गड़बड़, होगी जांच
अधिकारियों ने दुकानदारों से कॉपी-किताबों और ड्रेस की खरीद फरोख्त संबंधी आवश्यक दस्तावेज लेकर उनकी जांच की। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि अधिकांश पुस्तक विक्रेता अभिभावकों को पक्के बिल नहीं दे रहे थे। जीएसटी और नॉन जीएसटी को अलग-अलग नहीं कर रहे थे। उनके पास स्टॉक मेंटेन नहीं था और न ही वह स्टॉक की जानकारी दे पाए। उन्होंने बताया कि इस पर राज्य कर विभाग ने कई पुस्तक विक्रेताओं की बिल बुकें जब्त की हैं, जिनकी जांच की जाएंगी। जांच के बाद विभागीय नियमानुसार पुस्तक विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई होगी।
यदि कोई पुस्तक विक्रेता या स्कूल जबरन महंगी किताबें खरीदने के लिए अभिभावकों को मजबूर करता मिलेगा तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी। -एपी बाजपेयी, सिटी मजिस्ट्रेट
अभिभावकों के लिए हवा-पानी के इंतजाम के निर्देश
छापे के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट को अधिकांश पुस्तक विक्रेताओं के यहां अभिभावकों की काफी भीड़ मिली। दुकानों पर अभिभावकों के लिए मूलभूत सुविधाएं नहीं थी। इस पर उन्होंने पुस्तक विक्रेताओं को ग्राहकों के लिए वेटिंग एरिया बनाने, पेयजल उपलब्ध कराने व पंखे-कूलर की सुविधा जुटाने के निर्देश दिए।
दुकानों पर अनावश्यक परेशान न हों अभिभावक
सिटी मजिस्ट्रेट एपी बाजपेयी ने अभिभावकों से अपील की है कि वे पुस्तक विक्रेताओं के यहां अनावश्यक भीड़ न जुटाएं। उन्होंने कहा कि अभिभावकों को पुस्तकों की खरीद के लिए 20 अप्रैल तक का समय दिया गया है। ऐसे में पुस्तकों की खरीद में जल्दबाजी न करें।
विभागीय ई-मेल पर नहीं आ रहीं शिकायतें
नए शिक्षा सत्र के शुरू होते ही निजी स्कूल प्रबंधकों और पुस्तक विक्रेताओं के खिलाफ तमाम संगठन लामबंद होने लगते हैं। इसे देखते हुए शिक्षा विभाग ने ई-मेल आईडी जारी की थी ताकि कोई भी व्यक्ति शिकायत दर्ज करा सके। इसके बावजूद अभी तक विभागीय मेल पर किसी भी अभिभावक ने स्कूल अथवा पुस्तक विक्रेता की शिकायत नहीं की है।