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प्रो. लोधियाल बने डीएसबी परिसर से नए डीएसडब्ल्यू
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प्रो. एलएस लोधियाल।
- फोटो : NAINITAL
नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.एनके जोशी ने प्रो.लक्ष्मण सिंह लोधियाल को डीएसबी परिसर का नया छात्र अधिष्ठाता कल्याण (डीएसडब्ल्यू) नियुक्त किया है। उन्हें यह जिम्मेदारी निवर्तमान डीएसडब्ल्यू प्रो. डीएस बिष्ट के सेवानिवृत्त होने के बाद दी गई है। प्रो. लोधियाल बुधवार को डीएसडब्ल्यू का कार्यभार संभालेंगे।
प्रो. लक्ष्मण सिंह लोधियाल वर्तमान में डीएसबी परिसर में वानिकी व पर्यावरण विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष व कन्वेनर हैं। उन्होंने वर्ष 1999 में कुमाऊं विवि में प्रवक्ता (सहायक प्राध्यापक) वानिकी के पद पर कार्यभार ग्रहण किया था। वर्ष 1999 से 2001 तक वह एसएसजे परिसर अल्मोड़ा में वानिकी विभाग के विभागाध्यक्ष रहे। जून 2001 को उन्होंने यहां डीएसबी परिसर में सहायक प्राध्यापक के पद पर कार्यभार ग्रहण किया। वह वर्ष 2011 में सह-प्राध्यापक, वर्ष 2014 में प्राध्यापक बने। वर्ष 2016-17 तक वह डीएसबी परिसर में वानिकी व पर्यावरण विज्ञान के विभागाध्यक्ष रहे। वर्ष 2019-20 में उन्हें वानिकी एवं पर्यावरण विज्ञान विभाग का विभागाध्यक्ष व कन्वेनर बनाया गया। प्रो. लोधियाल के अब तक 75 शोध पत्र राष्ट्रीय व अंतराष्ट्रीय जरनलों में प्रकाशित हो चुकी हैं वह तीन शोध परियोजनाएं भी पूरी कर चुके हैं।
उल्लेखनीय कार्यों के लिए उन्हें वर्ष 2007 में स्टेट साइंटिस्ट अवार्ड इन फारेस्ट्री एंड एनवायरमेंट साइंस और वर्ष 2014 में नेशनल सिल्विकल्चरल अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है। प्रो. लोधियाल वर्ष 1997-98 में दिल्ली में बायोटेक इंडस्ट्री में साइंटिस्ट ऑफिसर व उत्तर प्रदेश में विश्व वानिकी संयुक्त वन प्रबंधन योजना डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर भी रह चुके हैं। प्रो. लोधियाल की पत्नी नीलू लोधियाल भी यहां डीएसबी परिसर में एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं।
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प्रो. लक्ष्मण सिंह लोधियाल वर्तमान में डीएसबी परिसर में वानिकी व पर्यावरण विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष व कन्वेनर हैं। उन्होंने वर्ष 1999 में कुमाऊं विवि में प्रवक्ता (सहायक प्राध्यापक) वानिकी के पद पर कार्यभार ग्रहण किया था। वर्ष 1999 से 2001 तक वह एसएसजे परिसर अल्मोड़ा में वानिकी विभाग के विभागाध्यक्ष रहे। जून 2001 को उन्होंने यहां डीएसबी परिसर में सहायक प्राध्यापक के पद पर कार्यभार ग्रहण किया। वह वर्ष 2011 में सह-प्राध्यापक, वर्ष 2014 में प्राध्यापक बने। वर्ष 2016-17 तक वह डीएसबी परिसर में वानिकी व पर्यावरण विज्ञान के विभागाध्यक्ष रहे। वर्ष 2019-20 में उन्हें वानिकी एवं पर्यावरण विज्ञान विभाग का विभागाध्यक्ष व कन्वेनर बनाया गया। प्रो. लोधियाल के अब तक 75 शोध पत्र राष्ट्रीय व अंतराष्ट्रीय जरनलों में प्रकाशित हो चुकी हैं वह तीन शोध परियोजनाएं भी पूरी कर चुके हैं।
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उल्लेखनीय कार्यों के लिए उन्हें वर्ष 2007 में स्टेट साइंटिस्ट अवार्ड इन फारेस्ट्री एंड एनवायरमेंट साइंस और वर्ष 2014 में नेशनल सिल्विकल्चरल अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है। प्रो. लोधियाल वर्ष 1997-98 में दिल्ली में बायोटेक इंडस्ट्री में साइंटिस्ट ऑफिसर व उत्तर प्रदेश में विश्व वानिकी संयुक्त वन प्रबंधन योजना डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर भी रह चुके हैं। प्रो. लोधियाल की पत्नी नीलू लोधियाल भी यहां डीएसबी परिसर में एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं।
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