बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
INSTALL APP

फीस वृद्धि पर एसडीएम ने रोया कानून का रोना

ब्यूरो/अमर उजाला,हल्द्वानी Updated Wed, 08 Apr 2015 02:15 AM IST
विज्ञापन

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

ख़बर सुनें
एसडीएम पंकज उपाध्याय ने पब्लिक स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि फीस वृद्धि के मानक तय करें ताकि अभिभावकों में आक्रोश पैदा न हो। उन्होंने कहा कि आरटीई के तहत गरीब पात्र बच्चों को निशुल्क एडमिशन हर हाल में दिया जाना सुनिश्चित करें।
विज्ञापन



मंगलवार को विद्यार्थी परिषद के प्रदर्शन के बाद एसडीएम पंकज उपाध्याय ने शाम चार बजे अपने कार्यालय  में पब्लिक स्कूल एसोसिएशन की बैठक बुलाई। उन्होंने स्कूल एसोसिएशन से फीस बढ़ाने से लेकर किताब और ड्रेस के बारे में जानकारी की। स्कूल एसोसिएशन ने एसडीएम को बताया कि स्कूलों ने 10 फीसदी तक ही फीस में वृद्धि की है। उनका तर्क था कि महंगाई के दौर में स्कूलों के भी खर्चे बढ़े हैं और टीचर्स का वेतन भी बढ़ाया गया है।



बैठक में करीब एक घंटा मंथन के बाद एसडीएम ने मीडिया को बताया कि देश में अब तक यह गाइड लाइन ही तय नहीं हो सकी है कि पब्लिक स्कूलों में जो कोर्स चलेगा, उसमें एकरूपता कैसे लाई जाएगी। पब्लिशर्स जो किताबें लगा रहे हैं, उनके रेट कैसे तय किए जाएं, इस बारे में भी नीति बननी चाहिए। उन्होंने बताया कि एसोसिएशन को निर्देश दिए हैं कि उच्चतम न्यायालय के दिशा निर्देशानुसार ही फीस वृद्धि के मानक तय किए जाएं।

उन्होंने बताया कि किसी भी स्कूल की आरटीई के बारे में कोई शिकायत सामने नहीं आई है। बैठक में पीएसए के संरक्षक आरपी सिंह, अध्यक्ष प्रवींद्र कुमार रौतेला, पूर्व अध्यक्ष सुनील जोशी, समित टिक्कू, अनिता जोशी, राधा ऐंठानी, अनुराग माथुर के अलावा नगर शिक्षा अधिकारी तारा चंद्र पनेरु, सीआरसी नगर क्षेत्र के समन्वयक हरीश बिष्ट आदि थे।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us