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Nainital News: शेरवुड विद्यालय के प्रधानाचार्य समेत दो दोषमुक्त
Wed, 30 Apr 2025 02:31 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Wed, 30 Apr 2025 02:31 AM IST
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नैनीताल। प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विक्रम की न्यायालय ने प्रतिष्ठित शेरवुड विद्यालय के प्रधानाचार्य समेत दो अन्य को दोषमुक्त करार दिया है। वर्ष 2014 में हुई घटना में विद्यालय के छात्र शान प्रजापति की मृत्यु के मामले में नैनीताल से लेकर नेपाल तक प्रदर्शन हुए थे।
15 नवंबर 2014 को नीना श्रेष्ठ की ओर से तल्लीताल थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। नीना ने तहरीर में कहा कि उनका पुत्र शान प्रजापति शेरवुड कॉलेज में 2011 से अध्ययनरत था। 13 नवंबर 2014 की सुबह 10 बजे विद्यालय की ओर से उन्हें फोन आया कि शान बीमार है। बेटे की कुशल पूछने के लिए हाउस मास्टर रवि कुमार को फोन व ईमेल किया लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
तीन बजे रवि कुमार ने बेटे के अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी दी। रात आठ बजे प्रधानाचार्य ने बेहतर उपचार के लिए दिल्ली ले जाने की बात कही। 14 नवंबर की रात एक बजे प्रधानाचार्य ने शान के एंबुलेंस में शिफ्ट करने की जानकारी दी। 15 नवंबर की सुबह नौ बजे उन्हें बेटे की मृत्यु की सूचना मिली। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रधानाचार्य समेत हाउस मास्टर रवि कुमार और सिस्टर पायल के खिलाफ आईपीसी 304 ए के तहत मुकदमा दर्ज कराया।
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सीजेएम न्यायालय ने 29 जून 2022 को प्रधानाचार्य समेत दो अन्य को दो-दो वर्ष के कठोर कारावास व 50-50 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई थी। इस आदेश को प्रधानाचार्य व अन्य की ओर से एडीजे न्यायालय में चुनौती दी गई। एडीजे की न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद मंगलवार को प्रधानाचार्य व अन्य दो को दोषमुक्त करने के आदेश दिए।
15 नवंबर 2014 को नीना श्रेष्ठ की ओर से तल्लीताल थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। नीना ने तहरीर में कहा कि उनका पुत्र शान प्रजापति शेरवुड कॉलेज में 2011 से अध्ययनरत था। 13 नवंबर 2014 की सुबह 10 बजे विद्यालय की ओर से उन्हें फोन आया कि शान बीमार है। बेटे की कुशल पूछने के लिए हाउस मास्टर रवि कुमार को फोन व ईमेल किया लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
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तीन बजे रवि कुमार ने बेटे के अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी दी। रात आठ बजे प्रधानाचार्य ने बेहतर उपचार के लिए दिल्ली ले जाने की बात कही। 14 नवंबर की रात एक बजे प्रधानाचार्य ने शान के एंबुलेंस में शिफ्ट करने की जानकारी दी। 15 नवंबर की सुबह नौ बजे उन्हें बेटे की मृत्यु की सूचना मिली। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रधानाचार्य समेत हाउस मास्टर रवि कुमार और सिस्टर पायल के खिलाफ आईपीसी 304 ए के तहत मुकदमा दर्ज कराया।
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सीजेएम न्यायालय ने 29 जून 2022 को प्रधानाचार्य समेत दो अन्य को दो-दो वर्ष के कठोर कारावास व 50-50 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई थी। इस आदेश को प्रधानाचार्य व अन्य की ओर से एडीजे न्यायालय में चुनौती दी गई। एडीजे की न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद मंगलवार को प्रधानाचार्य व अन्य दो को दोषमुक्त करने के आदेश दिए।