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Nainital News: लालकुआं दुग्ध संघ में फर्जीवाड़े के कागजात पेश करने के निर्देश
Tue, 10 Oct 2023 02:09 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Tue, 10 Oct 2023 02:09 AM IST
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नैनीताल। हाईकोर्ट ने दुग्ध उत्पादक संघ लालकुआं की ओर करीब सात लाख लीटर मिलावटी दूध बेचने और संघ में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा करने के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी व न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खंडपीठ में मामले की सुनवाई हुई। मामले की अगली सुनवाई 14 दिसंबर को होगी।
सोमवार को समाजसेवी भुवन चंद्र पोखरिया ने इस मामले में अपने को पक्षकार बनाने के लिए कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया, जिसे हाईकोर्ट ने स्वीकार करते हुए उन्हें पक्षकार बनाने की अनुमति दे दी। सुनवाई के बाद कोर्ट ने उनसे कहा है कि उनके पास दूध में मिलावट संबंधी व अनियमितता संबंधी जो भी दस्तावेज हैं उन्हें वह शपथपत्र के माध्यम से कोर्ट में पेश करें।
प्रार्थनापत्र में कहा गया कि लालकुआं डेयरी ने 23 अगस्त 2020 से 17 जनवरी 2021 तक प्रदेश में सात लाख लीटर केमिकल युक्त दूध बदायूं की नीलकंठ डेयरी से मंगाकर बेचा गया था। जांच करने पर दूध के सारे सैंपल फेल मिले। दूध में एल्कोहल की मात्रा अधिक पाई गई। इसकी वजह से कई दूधमुंहे बच्चों व बुजर्गों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ा। इसकी जांच कराई जाए।
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बता दें कि लालकुआं निवासी नरेंद्र सिंह कार्की ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि नैनीताल दुग्ध संघ में चरम सीमा पर भ्रष्टाचार कर लोगों की सेहत से खिलवाड़ किया जा रहा है। कहा गया कि वर्ष 2020 के अंतिम तीन माह में करीब सात लाख लीटर दूध मानकों में फेल होने के बावजूद बेचा गया। याचिकाकर्ता का यह भी कहना है कि दुग्ध उत्पादन संघ के चेयरमैन फर्जी तरीके से बिना सदस्यता अर्जित कर चेयरमैन बने हुए हैं। उन्होंने कभी भी संघ के लिए दूध की सप्लाई नहीं की है, जबकि नियमावली में प्रावधान है कि इसमें वही इसके सदस्य होंगे जो दूध बेचते हैं। लेकिन अध्यक्ष ने बिना दूध बेचे इसकी सदस्यता ग्रहण कर चेयरमैन क् पद हासिल कर लिया। चेयरमैन पर आरोप है कि दुग्ध सप्लाई के लिए जिन टैंकरों का उपयोग किया जा रहा है उनका ठेका अपने भाई के नाम से लिया हुआ है।
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सोमवार को समाजसेवी भुवन चंद्र पोखरिया ने इस मामले में अपने को पक्षकार बनाने के लिए कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया, जिसे हाईकोर्ट ने स्वीकार करते हुए उन्हें पक्षकार बनाने की अनुमति दे दी। सुनवाई के बाद कोर्ट ने उनसे कहा है कि उनके पास दूध में मिलावट संबंधी व अनियमितता संबंधी जो भी दस्तावेज हैं उन्हें वह शपथपत्र के माध्यम से कोर्ट में पेश करें।
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प्रार्थनापत्र में कहा गया कि लालकुआं डेयरी ने 23 अगस्त 2020 से 17 जनवरी 2021 तक प्रदेश में सात लाख लीटर केमिकल युक्त दूध बदायूं की नीलकंठ डेयरी से मंगाकर बेचा गया था। जांच करने पर दूध के सारे सैंपल फेल मिले। दूध में एल्कोहल की मात्रा अधिक पाई गई। इसकी वजह से कई दूधमुंहे बच्चों व बुजर्गों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ा। इसकी जांच कराई जाए।
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बता दें कि लालकुआं निवासी नरेंद्र सिंह कार्की ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि नैनीताल दुग्ध संघ में चरम सीमा पर भ्रष्टाचार कर लोगों की सेहत से खिलवाड़ किया जा रहा है। कहा गया कि वर्ष 2020 के अंतिम तीन माह में करीब सात लाख लीटर दूध मानकों में फेल होने के बावजूद बेचा गया। याचिकाकर्ता का यह भी कहना है कि दुग्ध उत्पादन संघ के चेयरमैन फर्जी तरीके से बिना सदस्यता अर्जित कर चेयरमैन बने हुए हैं। उन्होंने कभी भी संघ के लिए दूध की सप्लाई नहीं की है, जबकि नियमावली में प्रावधान है कि इसमें वही इसके सदस्य होंगे जो दूध बेचते हैं। लेकिन अध्यक्ष ने बिना दूध बेचे इसकी सदस्यता ग्रहण कर चेयरमैन क् पद हासिल कर लिया। चेयरमैन पर आरोप है कि दुग्ध सप्लाई के लिए जिन टैंकरों का उपयोग किया जा रहा है उनका ठेका अपने भाई के नाम से लिया हुआ है।